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इस्लाम अल-हक: कुरआन आ हदीस
(सच्चा इस्लाम)

Q.S ऐश-शर्ह (اَلشَّرْح) - 8 पदों की संख्या

(कमरा वाला)

Qari

Murottal Audio

1

اَلَمْ نَشْرَحْ لَكَ صَدْرَكَۙ

alam nasyraḥ laka ṣadrak(a).

की हम अहाँक छाती (मुहम्मद) के विस्तार नहि केने छी?


2

وَوَضَعْنَا عَنْكَ وِزْرَكَۙ

wa waḍa‘nā ‘anka wizrak(a).

आ हम अहाँ सभक भार अहाँ सभ पर सँ दूर कऽ देलहुँ।


3

الَّذِيْٓ اَنْقَضَ ظَهْرَكَۙ

allażī anqaḍa ẓahrak(a).

जे अहाँक पीठ पर तौलैत अछि,


4

وَرَفَعْنَا لَكَ ذِكْرَكَۗ

wa rafa‘nā laka żikrak(a).

आ हम तोहर नाम तोहर लेल बढ़ौने छी।


5

فَاِنَّ مَعَ الْعُسْرِ يُسْرًاۙ

fa'inna ma‘al-‘usri yusrā(n).

तेँ सत्ते कष्टक संग सहजता होइत छैक,


6

اِنَّ مَعَ الْعُسْرِ يُسْرًاۗ

inna ma‘al-‘usri yusrā(n).

सचमुच, हर कठिनाई के संग सहजता सेहो होइत छैक।


7

فَاِذَا فَرَغْتَ فَانْصَبْۙ

fa iżā faragta fanṣab.

तेँ जखन अहाँ (किछु सँ) समाप्त क' लेब तखन मेहनति करैत रहू (आन बात पर),


8

وَاِلٰى رَبِّكَ فَارْغَبْ ࣖ

wa ilā rabbika fargab.

आ अहाँ सभ मात्र अपन परमेश् वरक आशा करैत छी।