Qari
Murottal Audio
وَالْفَجْرِۙ
wal-fajr(i).
भोर तक, २.
وَلَيَالٍ عَشْرٍۙ
wa layālin ‘asyr(in).
दस राति द्वारा, २.
وَّالشَّفْعِ وَالْوَتْرِۙ
wasy-syaf‘i wal-watr(i).
सम आ विषम द्वारा, २.
وَالَّيْلِ اِذَا يَسْرِۚ
wal-laili iżā yasr(i).
राति धरि जखन बीति जाइत अछि।
هَلْ فِيْ ذٰلِكَ قَسَمٌ لِّذِيْ حِجْرٍۗ
hal fī żālika qasamul liżī ḥijr(in).
की एहि मे कोनो शपथ अछि (जे स्वीकार्य अछि) समझदार लोकक लेल?
اَلَمْ تَرَ كَيْفَ فَعَلَ رَبُّكَ بِعَادٍۖ
alam tara kaifa fa‘ala rabbuka bi‘ād(in).
की अहाँ (मुहम्मद) के ध्यान नहि देलक जे अहाँक प्रभु (अद) के प्रति कोना व्यवहार केलनि?
اِرَمَ ذَاتِ الْعِمَادِۖ
irama żātil-‘imād(i).
(अर्थात) इराम (अद लोकक राजधानी) के निवासी जिनका ऊँच भवन छनि,
الَّتِيْ لَمْ يُخْلَقْ مِثْلُهَا فِى الْبِلَادِۖ
allatī lam yukhlaq miṡluhā fil-bilād(i).
जे आन देश मे जेकाँ कहियो (शहर) नहि बनल अछि,
وَثَمُوْدَ الَّذِيْنَ جَابُوا الصَّخْرَ بِالْوَادِۖ
wa ṡamūdal-lażīna jābuṣ-ṣakhra bil-wād(i).
आ (विरुद्ध) घाटी मे पैघ-पैघ पाथर काटिनिहार समुद लोकक विरुद्ध,
وَفِرْعَوْنَ ذِى الْاَوْتَادِۖ
wa fir‘auna żil-autād(i).
आ (विरुद्ध) फिर'आउन जिनका खूंटा (बड़का भवन) छलनि,
الَّذِيْنَ طَغَوْا فِى الْبِلَادِۖ
allażīna ṭagau fil-bilād(i).
देश के भीतर मनमानी करय वाला,
فَاَكْثَرُوْا فِيْهَا الْفَسَادَۖ
fa akṡarū fīhal-fasād(a).
तखन देश मे बहुत नुकसान पहुँचेलक,
فَصَبَّ عَلَيْهِمْ رَبُّكَ سَوْطَ عَذَابٍۖ
fa ṣabba ‘alaihim rabbuka sauṭa ‘ażāb(in).
तेँ अहाँक प्रभु हुनका सभ केँ दंडक प्रकोप सँ मारि देलनि।
اِنَّ رَبَّكَ لَبِالْمِرْصَادِۗ
inna rabbaka labil-mirṣād(i).
सचमुच, अहाँक प्रभु सचमुच देखैत छथि।
فَاَمَّا الْاِنْسَانُ اِذَا مَا ابْتَلٰىهُ رَبُّهٗ فَاَكْرَمَهٗ وَنَعَّمَهٗۙ فَيَقُوْلُ رَبِّيْٓ اَكْرَمَنِۗ
fa ammal-insānu iżā mabtalāhu rabbuhū fa akramahū wa na‘‘amah(ū), fa yaqūlu rabbī akraman(i).
त' रहल बात मनुक्खक त' जखन भगवान् ओकरा परखैत छथि आ फेर ओकर महिमामंडन करैत छथि आ ओकरा प्रसन्नता दैत छथिन तखन ओ कहैत छथि, "हमर भगवान हमरा महिमामंडन केलनि।"
وَاَمَّآ اِذَا مَا ابْتَلٰىهُ فَقَدَرَ عَلَيْهِ رِزْقَهٗ ەۙ فَيَقُوْلُ رَبِّيْٓ اَهَانَنِۚ
wa ammā iżā mabtalāhu fa qadara ‘alaihi rizqah(ū), fa yaqūlu rabbī ahānan(i).
मुदा जँ भगवान् हुनका परखैत छथि आ हुनकर रोजी-रोटी सीमित क' दैत छथि त' कहैत छथि, "हमर प्रभु हमरा अपमानित केलनि अछि।"
كَلَّا بَلْ لَّا تُكْرِمُوْنَ الْيَتِيْمَۙ
kallā bal lā tukrimūnal-yatīm(a).
कखनो नहि! अनाथक सम्मान तक नहि करैत छी,
وَلَا تَحٰۤضُّوْنَ عَلٰى طَعَامِ الْمِسْكِيْنِۙ
wa lā taḥāḍḍūna ‘alā ṭa‘āmil-miskīn(i).
आ अहाँ सभ एक-दोसर केँ गरीब सभक पेट भरबाक लेल प्रोत्साहित नहि करैत छी।
وَتَأْكُلُوْنَ التُّرَاثَ اَكْلًا لَّمًّاۙ
wa ta'kulūnat-turāṡa aklal lammā(n).
जखन कि अहाँ (हलाल आ हरम) मिला कए उत्तराधिकारक सेवन करैत छी,
وَّتُحِبُّوْنَ الْمَالَ حُبًّا جَمًّاۗ
wa tuḥibbūnal-māla ḥubban jammā(n).
आ अहाँ धनसँ अति प्रेमसँ प्रेम करैत छी।
كَلَّآ اِذَا دُكَّتِ الْاَرْضُ دَكًّا دَكًّاۙ
kallā iżā dukkatil-arḍu dakkan dakkā(n).
कोनो गप्प नहि! यदि धरती क्रमशः हिलैत अछि (टकराइत) त .
وَّجَاۤءَ رَبُّكَ وَالْمَلَكُ صَفًّا صَفًّاۚ
wa jā'a rabbuka wal-malaku ṣaffan ṣaffā(n).
तोहर परमेश् वर आबि गेलाह। आ स्वर्गदूत सभ लाइन मे लागि जाइत छथि,
وَجِايْۤءَ يَوْمَىِٕذٍۢ بِجَهَنَّمَۙ يَوْمَىِٕذٍ يَّتَذَكَّرُ الْاِنْسَانُ وَاَنّٰى لَهُ الذِّكْرٰىۗ
wa jī'a yauma'iżim bijahannam(a), yauma'iżiy yatażakkarul-insānu wa annā lahuż-żikrā.
आ ओहि दिन नरक ओकरा देखाओल जायत। ओहि दिन मनुक्ख चेतन रहत, मुदा ओकर चेतना ओकरा कोनो काज नहि करत।
يَقُوْلُ يٰلَيْتَنِيْ قَدَّمْتُ لِحَيَاتِيْۚ
yaqūlu yā laitanī qaddamtu liḥayātī.
ओ कहलनि, "हम पहिने अपन जीवनक लेल (सद्गुण) करब त' नीक रहत।"
فَيَوْمَىِٕذٍ لَّا يُعَذِّبُ عَذَابَهٗٓ اَحَدٌ ۙ
fa yauma'iżil lā yu‘ażżibu ‘ażābahū aḥad(un).
त ओहि दिन हुनकर (न्यायपूर्ण) सजा जेकाँ ककरो सजा नहि भेटत,
وَّلَا يُوْثِقُ وَثَاقَهٗٓ اَحَدٌ ۗ
wa lā yūṡiqu waṡāqahū aḥad(un).
आ हुनकर बंधन जकाँ बान्हय बला कियो नहि अछि।
يٰٓاَيَّتُهَا النَّفْسُ الْمُطْمَىِٕنَّةُۙ
yā ayyatuhan-nafsul-muṭma'innah(tu).
हे शांतिप्रिय आत्मा !
ارْجِعِيْٓ اِلٰى رَبِّكِ رَاضِيَةً مَّرْضِيَّةً ۚ
irji‘ī ilā rabbiki rāḍiyatam marḍiyyah(tan).
अपन प्रभु के पास एहन हृदय स वापस आबि जाउ जे हुनका स प्रसन्न आ प्रसन्न अछि।
فَادْخُلِيْ فِيْ عِبٰدِيْۙ
fadkhuli fī ‘ibādī.
तेँ हमर सेवक सभक पाँति मे प्रवेश करू,
وَادْخُلِيْ جَنَّتِيْ ࣖࣖ
wadkhulī jannatī.
आ हमर स्वर्ग मे प्रवेश करू।