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इस्लाम अल-हक: कुरआन आ हदीस
(सच्चा इस्लाम)

Q.S अल-अ'ला (اَلْأَعْلَىٰ) - 19 पदों की संख्या

(सर्वोच्च)

Qari

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1

سَبِّحِ اسْمَ رَبِّكَ الْاَعْلَىۙ

sabbiḥisma rabbikal-a‘lā.

अपन परमात्मा परमेश् वरक नाम पवित्र करू।


2

الَّذِيْ خَلَقَ فَسَوّٰىۖ

allażī khalaqa fasawwā.

जे सृष्टि केलक, तखन सिद्ध केलक (अपन सृष्टि)।


3

وَالَّذِيْ قَدَّرَ فَهَدٰىۖ

wal-lażī qaddara fahadā.

जे (प्रत्येक के) स्तर निर्धारित करैत अछि आ निर्देश दैत अछि,


4

وَالَّذِيْٓ اَخْرَجَ الْمَرْعٰىۖ

wal-lażī akhrajal-mar‘ā.

आ जे घास बढ़बैत अछि,


5

فَجَعَلَهٗ غُثَاۤءً اَحْوٰىۖ

fa ja‘alahū guṡā'an aḥwā.

तखन ओकरा (घास) सुखायल आ कारी बना देलनि।


6

سَنُقْرِئُكَ فَلَا تَنْسٰىٓ ۖ

sanuqri'uka falā tansā.

हम अहाँ (मुहम्मद) के (कुरान) पढ़ब जाहि स अहाँ सब नै बिसरब,


7

اِلَّا مَا شَاۤءَ اللّٰهُ ۗاِنَّهٗ يَعْلَمُ الْجَهْرَ وَمَا يَخْفٰىۗ

illā mā syā'allāh(u), innahū ya‘lamul-jahra wa mā yakhfā.

जब तक अल्लाह के इच्छा नै हो। सचमुच, ओ जनैत छथि जे की स्पष्ट अछि आ की नुकायल अछि।


8

وَنُيَسِّرُكَ لِلْيُسْرٰىۖ

wa nuyassiruka lil-yusrā.

आ हम अहाँ के सहजता के मार्ग पर (ई संसार आ परलोक में सुख प्राप्त करब) सहज बना देब,


9

فَذَكِّرْ اِنْ نَّفَعَتِ الذِّكْرٰىۗ

fa żakkir in nafa‘atiż-żikrā.

तेँ चेतावनी दियौक, कारण चेतावनी उपयोगी अछि,


10

سَيَذَّكَّرُ مَنْ يَّخْشٰىۙ

sayażżakkaru may yakhsyā.

जे (अल्लाह) स डरैत छथि हुनका सबक सीखत,


11

وَيَتَجَنَّبُهَا الْاَشْقَىۙ

wa yatajannabuhal-asyqā.

आ दरिद्र (अविश्वासी) एहि सँ दूर रहताह,


12

الَّذِيْ يَصْلَى النَّارَ الْكُبْرٰىۚ

allażī yaṣlan-nāral-kubrā.

(अर्थात) महान अग्नि (नरक) मे प्रवेश करय वाला लोक,


13

ثُمَّ لَا يَمُوْتُ فِيْهَا وَلَا يَحْيٰىۗ

Ṡumma lā yamūtu fīhā wa lā yaḥyā.

तखन ओ ओतय ने मरि गेल छल आ ने जीवित छल।


14

قَدْ اَفْلَحَ مَنْ تَزَكّٰىۙ

qad aflaḥa man tazakkā.

सही मायने मे भाग्यशाली ओ व्यक्ति होइत अछि जे अपना केँ शुद्ध करैत अछि (विश्वास कए),


15

وَذَكَرَ اسْمَ رَبِّهٖ فَصَلّٰىۗ

wa żakarasma rabbihī fa ṣallā.

आ अपन प्रभुक नाम स्मरण करैत छथि, तखन प्रार्थना करैत छथि |


16

بَلْ تُؤْثِرُوْنَ الْحَيٰوةَ الدُّنْيَاۖ

bal tu'ṡirvnal-ḥayātad-dun-yā.

जखन कि अहाँ (काफिर) एहि संसारक जीवन चुनैत छी,


17

وَالْاٰخِرَةُ خَيْرٌ وَّاَبْقٰىۗ

wal-ākhiratu khairuw wa abqā.

भले ही परलोक नीक आ अनन्त हो।


18

اِنَّ هٰذَا لَفِى الصُّحُفِ الْاُوْلٰىۙ

inna hāżā lafiṣ-ṣuḥufil-ūlā.

सचमुच, ई बात प्राचीन पुस्तक मे भेटैत अछि,


19

صُحُفِ اِبْرٰهِيْمَ وَمُوْسٰى ࣖ

Ṣuḥufi ibrāhīma wa mūsā.

(अर्थात) अब्राहम आ मूसाक किताब।