Qari
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وَالْعَصْرِۙ
wal-‘aṣr(i).
बगत रै वास्तै
اِنَّ الْاِنْسَانَ لَفِيْ خُسْرٍۙ
innal-insāna lafī khusr(in).
साची, मिनख घाटे मांय है,
اِلَّا الَّذِيْنَ اٰمَنُوْا وَعَمِلُوا الصّٰلِحٰتِ وَتَوَاصَوْا بِالْحَقِّ ەۙ وَتَوَاصَوْا بِالصَّبْرِ ࣖ
illal-lażīna āmanū wa ‘amiluṣ-ṣāliḥāti wa tawāṣau bil-ḥaqq(i), wa tawāṣau biṣ-ṣabr(i).
सिवाय बां लोगां रै जिका विश्वास करै है अर भला काम करै है अर एक दूजा नै साच री सलाह देवै है अर एक दूजा नै धीरज री सलाह देवै है।