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इस्लाम अल-हक: कुरआन आ हदीस
(सच्चा इस्लाम)

Q.S अल-हुमाजाह के ह (اَلْهُمَزَة) - 9 श्लोक के संख्या के बारे में बतावल गइल बा

(कसम खाए वाला)

Qari

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1

وَيْلٌ لِّكُلِّ هُمَزَةٍ لُّمَزَةٍۙ

wailul likulli humazatil-lumazah(tin).

हर गारी देवे वाला आ निंदक के हाय,


2

ۨالَّذِيْ جَمَعَ مَالًا وَّعَدَّدَهٗۙ

allażī jama‘a mālaw wa ‘addadah(ū).

जे धन जुटा के गिनत बा,


3

يَحْسَبُ اَنَّ مَالَهٗٓ اَخْلَدَهٗۚ

yaḥsabu anna mālahū akhladah(ū).

ऊ (आदमी) सोचेला कि ओकर धन ओकरा के टिक सकेले.


4

كَلَّا لَيُنْۢبَذَنَّ فِى الْحُطَمَةِۖ

kallā layumbażanna fil-ḥuṭamah(ti).

बिल्कुल ना! उनुका के (नरक) हुतमह में जरूर फेंक दिहल जाई।


5

وَمَآ اَدْرٰىكَ مَا الْحُطَمَةُ ۗ

wa mā adrāka mal-ḥuṭamah(tu).

आ का रउरा मालूम बा कि हुतमह का होला?


6

نَارُ اللّٰهِ الْمُوْقَدَةُۙ

nārullāhil-mūqadah(tu).

(अर्थात) अल्लाह के (सज़ा के) आग जवन जरावल जाला,


7

الَّتِيْ تَطَّلِعُ عَلَى الْاَفْـِٕدَةِۗ

allatī taṭṭali‘u ‘alal-af'idah(ti).

जवन दिल के (जले) जाला।


8

اِنَّهَا عَلَيْهِمْ مُّؤْصَدَةٌۙ

innahā ‘alaihim mu'ṣadah(tun).

सचमुच, आग (अपना) के ऊपर कस के बंद बा,


9

فِيْ عَمَدٍ مُّمَدَّدَةٍ ࣖ

fī ‘amadim mumaddadah(tin).

(जबकि ऊ लोग) लमहर खंभा से बान्हल रहे।