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इस्लाम अल-हक: कुरआन आ हदीस
(सच्चा इस्लाम)

Q.S एट-ताकाथुर के ह (اَلتَّكَاثُر) - 8 श्लोक के संख्या के बारे में बतावल गइल बा

(घमंड करत बानी)

Qari

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1

اَلْهٰىكُمُ التَّكَاثُرُۙ

alhākumut-takāṡur(u).

घमंड तोहरा के उपेक्षा कर दिहले बा,


2

حَتّٰى زُرْتُمُ الْمَقَابِرَۗ

Ḥattā zurtumul-maqābir(a).

जबले रउरा कब्र में ना घुस जाईं.


3

كَلَّا سَوْفَ تَعْلَمُوْنَۙ

kallā saufa ta‘lamūn(a).

कवनो बात ना! बाद में रउरा पता चल जाई (रउरा काम के नतीजा),


4

ثُمَّ كَلَّا سَوْفَ تَعْلَمُوْنَ

Ṡumma kallā saufa ta‘lamūn(a).

तब कबो ना! जल्दिये रउरा सभे के पता चल जाई।


5

كَلَّا لَوْ تَعْلَمُوْنَ عِلْمَ الْيَقِيْنِۗ

kallā lau ta‘lamūna ‘ilmal-yaqīn(i).

कवनो बात ना! अगर रउरा पक्का जानत रहीं त


6

لَتَرَوُنَّ الْجَحِيْمَۙ

latarawunnal-jaḥīm(a).

तू सचमुच जहिम के नरक देखबऽ,


7

ثُمَّ لَتَرَوُنَّهَا عَيْنَ الْيَقِيْنِۙ

Ṡumma latarawunnahā ‘ainal-yaqīn(i).

तब रउरा सचहूँ एकरा के अपना आँख से देखब,


8

ثُمَّ لَتُسْـَٔلُنَّ يَوْمَىِٕذٍ عَنِ النَّعِيْمِ ࣖ

Ṡumma latus'alunna yauma'iżin ‘anin-na‘īm(i).

तब ओह दिन रउरा से (ओह दुनिया के) सुख के बारे में जरूर पूछल जाई।