कारी
मुरत्तल ऑडियो
وَالشَّمْسِ وَضُحٰىهَاۖ
wasy-syamsi wa ḍuḥāhā.
सूरज की सौगंध और उसकी रौशनी की,
وَالْقَمَرِ اِذَا تَلٰىهَاۖ
wal-qamari iżā talāhā.
चाँद की सौगंध जब वह उसके पीछे चलता है,
وَالنَّهَارِ اِذَا جَلّٰىهَاۖ
wan-nahāri iżā jallāhā.
दिन की सौगंध जब वह (सूरज की रौशनी को) प्रकट करता है,
وَالَّيْلِ اِذَا يَغْشٰىهَاۖ
wal-laili iżā yagsyāhā.
रात की सौगंध जब वह (सूरज को) ढक लेती है,
وَالسَّمَاۤءِ وَمَا بَنٰىهَاۖ
was-samā'i wa mā banāhā.
आकाश की सौगंध और उसकी रचना की,
وَالْاَرْضِ وَمَا طَحٰىهَاۖ
wal-arḍi wa mā ṭaḥāhā.
धरती की सौगंध और उसकी विस्तार की,
وَنَفْسٍ وَّمَا سَوّٰىهَاۖ
wa nafsiw wa mā sawwāhā.
नफ्स (आत्मा) की सौगंध और उसकी संरचना की,
فَاَلْهَمَهَا فُجُوْرَهَا وَتَقْوٰىهَاۖ
fa alhamahā fujūrahā wa taqwāhā.
जिसने उसे उसकी बुराई और नेकी की प्रेरणा दी,
قَدْ اَفْلَحَ مَنْ زَكّٰىهَاۖ
qad aflaḥa man zakkāhā.
निश्चय ही, वह सफल हुआ जिसने उसे (नफ्स को) पवित्र किया,
وَقَدْ خَابَ مَنْ دَسّٰىهَاۗ
wa qad khāba man dassāhā.
और वह नाकाम रहा जिसने उसे दूषित किया,
كَذَّبَتْ ثَمُوْدُ بِطَغْوٰىهَآ ۖ
każżabat ṡamūdu biṭagwāhā.
(क़ौम) समूद ने अपनी सरकशी में (सत्य को) झुठलाया,
اِذِ انْۢبَعَثَ اَشْقٰىهَاۖ
iżimba‘aṡa asyqāhā.
जब उनमें सबसे बदनसीब व्यक्ति उठा,
فَقَالَ لَهُمْ رَسُوْلُ اللّٰهِ نَاقَةَ اللّٰهِ وَسُقْيٰهَاۗ
fa qāla lahum rasūlullāhi nāqatallāhi wa suqyāhā.
तो अल्लाह के रसूल ने उनसे कहा, 'अल्लाह की ऊँटनी और उसके पानी पीने (के हक) को (मानो),'
فَكَذَّبُوْهُ فَعَقَرُوْهَاۖ فَدَمْدَمَ عَلَيْهِمْ رَبُّهُمْ بِذَنْۢبِهِمْ فَسَوّٰىهَاۖ
fa każżabūhu fa ‘aqarūhā fa damdama ‘alaihim rabbuhum biżambihim fa sawwāhā.
लेकिन उन्होंने उसे झुठलाया और उस (ऊँटनी) को मार डाला, तो उनके रब ने उनके गुनाहों की वजह से उन पर अज़ाब भेजा और उन्हें बराबर कर दिया,
وَلَا يَخَافُ عُقْبٰهَا ࣖ
wa lā yakhāfu ‘uqbāhā.
और वह (अल्लाह) इसके (अज़ाब के) परिणाम से नहीं डरता,