कारी
मुरत्तल ऑडियो
قُلْ اَعُوْذُ بِرَبِّ الْفَلَقِۙ
qul a‘ūżu birabbil-falaq(i).
कहो, 'मैं उस रब की शरण माँगता हूँ जो सूरज (फज्र) का स्वामी है,
مِنْ شَرِّ مَا خَلَقَۙ
min syarri mā khalaq(a).
उस बुराई से जो उसने बनाई,
وَمِنْ شَرِّ غَاسِقٍ اِذَا وَقَبَۙ
wa min syarri gāsiqin iżā waqab(a).
और रात की बुराई से जब वह गहन अंधकारमय हो,
وَمِنْ شَرِّ النَّفّٰثٰتِ فِى الْعُقَدِۙ
wa min syarrin-naffāṡāti fil-‘uqad(i).
और उन जादूगरनियों की बुराई से जो गांठों (रस्सियों) पर फूँक मारती हैं,
وَمِنْ شَرِّ حَاسِدٍ اِذَا حَسَدَ ࣖ
wa min syarri ḥāsidin iżā ḥasad(a).
और उस हसद करने वाले की बुराई से जब वह हसद करता है।'