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इस्लाम अल-हक़: क़ुरआन और हदीस
(सच्चा इस्लाम)

Q.S अल फतिहाह (اَلْفَاتِحَة) - 7 छंदों की संख्या

(उद्घाटन)

कारी

मुरत्तल ऑडियो

1

بِسْمِ اللّٰهِ الرَّحْمٰنِ الرَّحِيْمِ

bismillāhir-raḥmānir-raḥīm(i).

अल्लाह के नाम से, जो अत्यंत दयालु, अत्यंत कृपाशील है।



2

اَلْحَمْدُ لِلّٰهِ رَبِّ الْعٰلَمِيْنَۙ

al-ḥamdu lillāhi rabbil-‘ālamīn(a).

सारी प्रशंसा अल्लाह के लिए है, जो सारे विश्व का पालनहार है।



3

الرَّحْمٰنِ الرَّحِيْمِۙ

ar-raḥmānir-raḥīm(i).

जो अत्यंत दयालु, अत्यंत कृपाशील है।



4

مٰلِكِ يَوْمِ الدِّيْنِۗ

māliki yaumid-dīn(i).

प्रतिशोध के दिन का स्वामी।



5

اِيَّاكَ نَعْبُدُ وَاِيَّاكَ نَسْتَعِيْنُۗ

iyyāka na‘budu wa iyyāka nasta‘īn(u),

हम केवल तुझी की उपासना करते हैं और केवल तुझी से सहायता माँगते हैं।



6

اِهْدِنَا الصِّرَاطَ الْمُسْتَقِيْمَۙ

ihdinaṣ-ṣirāṭal-mustaqīm(a).

हमें सीधा मार्ग दिखा।



7

صِرَاطَ الَّذِيْنَ اَنْعَمْتَ عَلَيْهِمْ ەۙ غَيْرِ الْمَغْضُوْبِ عَلَيْهِمْ وَلَا الضَّاۤلِّيْنَ ࣖ

Ṣirāṭal-lażīna an‘amta ‘alaihim, gairil-magḍūbi ‘alaihim wa laḍ-ḍāllīn(a).

उन लोगों का मार्ग जिन्हें तूने कृपा प्रदान की; न कि उन लोगों का (मार्ग) जिन पर तेरा प्रकोप हुआ, और न ही उन लोगों का जो पथभ्रष्ट हुए।