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इस्लाम अल-हक: कुरान आ हदीस
(सच्चा इस्लाम)



विषय - Wanita, Darah dan Nikah Para wanita yang tadinya tidak baik lalu bertaubat Balqis (Ratu negeri Saba’)
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कुल आयत : 6
29
Q.S अन-नामल (27:29)

قَالَتْ يٰٓاَيُّهَا الْمَلَؤُا اِنِّيْٓ اُلْقِيَ اِلَيَّ كِتٰبٌ كَرِيْمٌ

qālat yā ayyuhal-mala'u innī ulqiya ilayya kitābun karīm(un).

उ (बलकीस) कहिन, "हे गणमान्य लोग! सचमुच, एक महान पत्र मोका भेजा गा है।"


32
Q.S अन-नामल (27:32)

قَالَتْ يٰٓاَيُّهَا الْمَلَؤُا اَفْتُوْنِيْ فِيْٓ اَمْرِيْۚ مَا كُنْتُ قَاطِعَةً اَمْرًا حَتّٰى تَشْهَدُوْنِ

qālat yā ayyuhal-mala'u aftūnī fī amrī, mā kuntu qāṭi‘atan amran ḥattā tasyhadūn(i).

उ (बाल्किस) कहिन, "हे गणमान्य लोग! (इ) मामला मा मोका विचार करा। आप (मेरी) सभा मा उपस्थित होवे से पहिले मैं कबो भी मामला मा फैसला नाहीं करत हउँ।"


34
Q.S अन-नामल (27:34)

قَالَتْ اِنَّ الْمُلُوْكَ اِذَا دَخَلُوْا قَرْيَةً اَفْسَدُوْهَا وَجَعَلُوْٓا اَعِزَّةَ اَهْلِهَآ اَذِلَّةً ۚوَكَذٰلِكَ يَفْعَلُوْنَ

qālat innal-mulūka iżā dakhalū qaryatan afsadūhā wa ja‘alū a‘izzata ahlihā ażillah(tan), wa każālika yaf‘alūn(a).

उन्होंने (बलकीस) कहा - निश्चय ही जब राजा कउनो देस पर विजय प्राप्त करिहैं तौ निश्चित रूप से ओका नष्ट करिहैं, औ ओकरे कुलीन निवासियन का अपमानित करिहैं; औ वही करिहैं।


42
Q.S अन-नामल (27:42)

فَلَمَّا جَاۤءَتْ قِيْلَ اَهٰكَذَا عَرْشُكِۗ قَالَتْ كَاَنَّهٗ هُوَۚ وَاُوْتِيْنَا الْعِلْمَ مِنْ قَبْلِهَا وَكُنَّا مُسْلِمِيْنَ

falammā jā'at qīla ahakażā ‘arsyuk(i), qālat ka'annahū huw(a), wa ūtīnal-‘ilma min qablihā wa kunnā muslimīn(a).

त जब उ (बाल्किस) आईं, त (उनसे) कहा गा रहा, “का ई तोहार सिंहासन अइसने अहै?” उ (बाल्किस) कहिन, "ई अइसे अहै जइसे ई अहै।" (अऊर उ कहिन), "हमका पहिले से ज्ञान दीन गा है अऊर हम उ हैं जे (अल्लाह के) अधीन हैं।"


43
Q.S अन-नामल (27:43)

وَصَدَّهَا مَا كَانَتْ تَّعْبُدُ مِنْ دُوْنِ اللّٰهِ ۗاِنَّهَا كَانَتْ مِنْ قَوْمٍ كٰفِرِيْنَ

wa ṣaddahā mā kānat ta‘budu min dūnillāh(i), innahā kānat min qaumin kāfirīn(a).

अऊर अल्लाह के अलावा दूसर पूजा करै के ओकर आदत ओका (मुसलमान बनै से) रोकिस; सचमुच, उ (बाल्किस) काफिरन मा से रही।


44
Q.S अन-नामल (27:44)

قِيْلَ لَهَا ادْخُلِى الصَّرْحَۚ فَلَمَّا رَاَتْهُ حَسِبَتْهُ لُجَّةً وَّكَشَفَتْ عَنْ سَاقَيْهَاۗ قَالَ اِنَّهٗ صَرْحٌ مُّمَرَّدٌ مِّنْ قَوَارِيْرَ ەۗ قَالَتْ رَبِّ اِنِّيْ ظَلَمْتُ نَفْسِيْ وَاَسْلَمْتُ مَعَ سُلَيْمٰنَ لِلّٰهِ رَبِّ الْعٰلَمِيْنَ ࣖ

qīla lahadkhuliṣ-ṣarḥ(a), falammā ra'athu ḥasibathu lujjataw wa kasyafat ‘an sāqaihā, qāla innahū ṣarḥum mumarradum min qawārīr(a), qālat rabbi innī ẓalamtu nafsī wa aslamtu ma‘a sulaimāna lillāhi rabbil-‘ālamīn(a).

ओसे (बाल्किस) कहा गा रहा, "महल मा घुसौ।" यहिसे जब उ (बाल्किस) देखिन, तौ उ सोचिन कि ई पानी का एक बड़ा कुंड है, अऊर उ आपन गोड़न का उघारि लिहिन। उ (सुलेमान) कहिन, "ई खाली कांच से ढका एक फर्श है।" उ (बाल्किस) कहिन, "हे मोर प्रभु, सचमुच, हम अपने आप से गलत किहेन। हम सुलेमान के साथे अल्लाह के सामने समर्पण करत हई, जे सब दुनिया के प्रभु है।"