ثَمٰنِيَةَ اَزْوَاجٍۚ مِنَ الضَّأْنِ اثْنَيْنِ وَمِنَ الْمَعْزِ اثْنَيْنِۗ قُلْ ءٰۤالذَّكَرَيْنِ حَرَّمَ اَمِ الْاُنْثَيَيْنِ اَمَّا اشْتَمَلَتْ عَلَيْهِ اَرْحَامُ الْاُنْثَيَيْنِۗ نَبِّـُٔوْنِيْ بِعِلْمٍ اِنْ كُنْتُمْ صٰدِقِيْنَ
Ṡamāniya azwāj(in), minaḍ-ḍa'niṡnaini wa minal-ma‘ziṡnain(i), qul āżżakaraini ḥarrama amil-unṡayaini ammasytamalat ‘alaihi arḥāmul-unṡayain(i), nabbi'ūnī bi‘ilmin in kuntum ṣādiqīn(a).
अठै आठ खेती रा जानवर जोड़ा-जोड़ा है (चार जोड़ा); एक जोड़ी भेड़ अर एक जोड़ी बकरी। कैवो, "अल्लाह दो नर या दो मादा रै बीच कांई मना करियो है या दोनूं मादा रै गर्भ मांय कांई है? जे थै साच बोलो हो तो म्हनै ज्ञान रै आधार माथै समझाओ।"
قَالَ قَدْ وَقَعَ عَلَيْكُمْ مِّنْ رَّبِّكُمْ رِجْسٌ وَّغَضَبٌۗ اَتُجَادِلُوْنَنِيْ فِيْٓ اَسْمَاۤءٍ سَمَّيْتُمُوْهَآ اَنْتُمْ وَاٰبَاۤؤُكُمْ مَّا نَزَّلَ اللّٰهُ بِهَا مِنْ سُلْطٰنٍۗ فَانْتَظِرُوْٓا اِنِّيْ مَعَكُمْ مِّنَ الْمُنْتَظِرِيْنَ
qāla qad waqa‘a ‘alaikum mir rabbikum rijsuw wa gaḍab(un), atujādilūnanī fī asmā'in sammaitumūhā antum wa ābā'ukum mā nazzalallāhu bihā min sulṭān(in), fantaẓirū innī ma‘akum minal-muntaẓirīn(a).
उण (हुद) जवाब दियो, "वास्तव में, परमेश्बर री तरफ सूं नफरत अर क्रोध थारै माथै पड़ैला। कांई थूं म्हारै साथै उण नामां (मूर्तियां) रै बारै में बहस करणी चावै है जिणनै थूं अर थारा पूर्वज खुद बणाया हा, भलांई अल्लाह इण बाबत कोई जाणकारी नीं दी है? जे हां, तो रुको! साची, म्हैं भी थारै सागै हूं, जिका उडीक रैया है।"
يُجَادِلُوْنَكَ فِى الْحَقِّ بَعْدَمَا تَبَيَّنَ كَاَنَّمَا يُسَاقُوْنَ اِلَى الْمَوْتِ وَهُمْ يَنْظُرُوْنَ ۗ
yujādilūnaka fil-ḥaqqi ba‘da mā tabayyana ka'annamā yusāqūna ilal-mauti wa hum yanẓurūn(a).
वे थारै (मुहम्मद) रै सागै सांच रै बारै में बहस करै है जद ओ साफ हो जावै है (कै वे निश्चित रूप सूं जीत जावैला), जाणै वे मौत रै घाट उतार रैया है, जदकै वे (उण मौत रो कारण) देख रैया है।
وَاِذَا تُتْلٰى عَلَيْهِمْ اٰيَاتُنَا بَيِّنٰتٍۙ قَالَ الَّذِيْنَ لَا يَرْجُوْنَ لِقَاۤءَنَا ائْتِ بِقُرْاٰنٍ غَيْرِ هٰذَآ اَوْ بَدِّلْهُ ۗ قُلْ مَا يَكُوْنُ لِيْٓ اَنْ اُبَدِّلَهٗ مِنْ تِلْقَاۤئِ نَفْسِيْ ۚاِنْ اَتَّبِعُ اِلَّا مَا يُوْحٰٓى اِلَيَّ ۚ اِنِّيْٓ اَخَافُ اِنْ عَصَيْتُ رَبِّيْ عَذَابَ يَوْمٍ عَظِيْمٍ
wa iżā tutlā ‘alaihim āyātunā bayyināt(in), qālal-lażīna lā yarjūna liqā'ana'ti biqur'ānin gairi hāżā au baddilh(u), qul mā yakūnu lī an ubaddilahū min tilqā'i nafsī, in attabi‘u illā mā yūḥā ilayy(a), innī akhāfu in ‘aṣaitu rabbī ‘ażāba yaumin ‘aẓīm(in).
अर जद बांनै म्हारी आयतां नै साफ-साफ सुणाई गई, तो जिका लोग म्हारै सूं मिलबा री उम्मीद नीं करता हा, बां कैयो, "इण कुरान रै अलावा कोई दूजी किताब ल्याओ या फेर इणनै बदलो।" (मुहम्मद) कैवो, "म्हारै वास्तै ओ उचित कोनी है कै म्हैं खुद री मर्जी सूं इणनै बदळूं। म्हैं फगत उणी बात रो पालन करूं जिण रो म्हारै माथै प्रगट हुयो है। म्हैं साची में ई महान दिन (कलमत) री सजा सूं डरूं जद म्हैं आपरै प्रभु री आज्ञा नीं मानूं।"
وَلَىِٕنْ اَخَّرْنَا عَنْهُمُ الْعَذَابَ اِلٰٓى اُمَّةٍ مَّعْدُوْدَةٍ لَّيَقُوْلُنَّ مَا يَحْبِسُهٗ ۗ اَلَا يَوْمَ يَأْتِيْهِمْ لَيْسَ مَصْرُوْفًا عَنْهُمْ وَحَاقَ بِهِمْ مَّا كَانُوْا بِهٖ يَسْتَهْزِءُوْنَ ࣖ
wa la'in akhkharnā ‘anhumul-‘ażāba ilā ummatim ma‘dūdatil layaqūlunna mā yaḥbisuh(ū), alā yauma ya'tīhim laisa maṣrūfan ‘anhum wa ḥāqa bihim mā kānū bihī yastahzi'ūn(a).
अर साचाणी, जे आपां बां रै खिलाफ यातना नै तय बगत तांई टाळ देवां तो बै कैवैला, "इणनै कांई रोक रैयो है?" जाण ल्यो कै जद बांनै सजा आवैला तो बांनै ओ टाळ्यो कोनी जा सकैला। बां रै च्यारूंमेर (अडजाब) है जिण रो बै मजाक उड़ाया करता हा।
قَالُوْا يٰنُوْحُ قَدْ جَادَلْتَنَا فَاَ كْثَرْتَ جِدَالَنَا فَأْتِنَا بِمَا تَعِدُنَآ اِنْ كُنْتَ مِنَ الصّٰدِقِيْنَ
qālū yā nūḥu qad jādaltanā fa akṡarta jidālanā fa'tinā bimā ta‘idunā in kunta minaṣ-ṣādiqīn(a).
बां कैयो, "ओ नुह! साची, थूं म्हारै सागै बहस करी है अर थूं म्हारै खिलाफ आपरी बहस नै लांबी कर दी है, सो जे थूं साच बोलणियां मांय है तो थूं जिकी सजा री धमकी दी ही, बां नै म्हारै माथै दे दे।"
وَاسْتَفْتَحُوْا وَخَابَ كُلُّ جَبَّارٍ عَنِيْدٍۙ
wastaftaḥū wa khāba kullu jabbārin ‘anīd(in).
अर वे जीत अर मनमानी अर जिद्दी काम करण आळा सगळा लोगां रो नास करण री अरज करी।
خَلَقَ الْاِنْسَانَ مِنْ نُّطْفَةٍ فَاِذَا هُوَ خَصِيْمٌ مُّبِيْنٌ
khalaqal-insāna min nuṭfatin fa iżā huwa khaṣīmum mubīn(un).
उण मिनख नै शुक्राणु सूं बणायो अर बो एक साफ विरोधाभासी साबित हुयो।
وَلَقَدْ صَرَّفْنَا فِيْ هٰذَا الْقُرْاٰنِ لِلنَّاسِ مِنْ كُلِّ مَثَلٍۗ وَكَانَ الْاِنْسَانُ اَكْثَرَ شَيْءٍ جَدَلًا
wa laqad ṣarrafnā fī hāżal-qur'āni lin-nāsi min kulli maṡal(in), wa kānal-insānu akṡara syai'in jadalā(n).
अर साचाणी, आपां लोगां नै इण कुरान रै मांय बार-बार कई दृष्टान्तां रै साथै समझायो है। पण मिनख ही सबसूं ज्यादा बहस करै है।
وَمَا مَنَعَ النَّاسَ اَنْ يُّؤْمِنُوْٓا اِذْ جَاۤءَهُمُ الْهُدٰى وَيَسْتَغْفِرُوْا رَبَّهُمْ اِلَّآ اَنْ تَأْتِيَهُمْ سُنَّةُ الْاَوَّلِيْنَ اَوْ يَأْتِيَهُمُ الْعَذَابُ قُبُلًا
wa mā mana‘an-nāsa ay yu'minū iż jā'ahumul-hudā wa yastagfirū rabbahum illā an ta'tiyahum sunnatul-awwalīna au ya'tiyahumul-‘ażābu qubulā(n).
अर कोई भी चीज (कुछ भी) कोनी है जकी लोगां नै विस्वास करण सूं रोकै जद बांनै मार्गदर्शन मिल्यो है अर बांरै प्रभु सूं माफी मांगी है, सिवाय (इन्तजाम करण री इच्छा) (अल्लाह री कानून जिकी लागू रैयी है) पैली रा लोगां रै आवा या बां माथै असली सजा रै आवा रै।
وَيَقُوْلُ الْاِنْسَانُ ءَاِذَا مَا مِتُّ لَسَوْفَ اُخْرَجُ حَيًّا
wa yaqūlul-insānu a'iżā mā mittu lasaufa ukhraju ḥayyā(n).
अर लोग (अविश्वासी) कैवे है, "कांई ओ साच है कै जद म्हैं मर जाऊंला, तो एक दिन म्हैं साचाणी पाछो जीवित हो जाऊंला?"
قَالَ فَمَا بَالُ الْقُرُوْنِ الْاُوْلٰى
qāla famā bālul-qurūnil-ūlā.
उण (फिरौन) कह्यो, "तो पुराणा लोगां री हालत कांई ही?"
وَلَوْ اَنَّآ اَهْلَكْنٰهُمْ بِعَذَابٍ مِّنْ قَبْلِهٖ لَقَالُوْا رَبَّنَا لَوْلَآ اَرْسَلْتَ اِلَيْنَا رَسُوْلًا فَنَتَّبِعَ اٰيٰتِكَ مِنْ قَبْلِ اَنْ نَّذِلَّ وَنَخْزٰى
wa lau annā ahlaknāhum bi‘ażābim min qablihī laqālū rabbanā lau lā arsalta ilainā rasūlan fa nattabi‘a āyātika min qabli an nażilla wa nakhzā.
अर जे आपां बांनै पैली री यातना सूं नाश कर दिया हो (कुरान नाजल हुयो हो) तो बै कैवता, "हे प्रभु, थूं म्हारै कनै कोई दूत क्यूं नीं भेज्यो, जिणसूं म्हे घृणित अर नीच बणबा सूं पैली थारी आयतां रो पालन कर सकां?"
مَا يَأْتِيْهِمْ مِّنْ ذِكْرٍ مِّنْ رَّبِّهِمْ مُّحْدَثٍ اِلَّا اسْتَمَعُوْهُ وَهُمْ يَلْعَبُوْنَ ۙ
mā ya'tīhim min żikrim mir rabbihim muḥdaṡin illastama‘ūhu wa hum yal‘abūn(a).
हर बार जद बांनै भगवान री तरफ सूं कोई नयो श्लोक प्रकट हुवै है, तो बै बांनै खेलता थकां सुणै है।
لَاهِيَةً قُلُوْبُهُمْۗ وَاَسَرُّوا النَّجْوَىۖ الَّذِيْنَ ظَلَمُوْاۖ هَلْ هٰذَآ اِلَّا بَشَرٌ مِّثْلُكُمْۚ اَفَتَأْتُوْنَ السِّحْرَ وَاَنْتُمْ تُبْصِرُوْنَ
lāhiyatan qulūbuhum, wa asarrun-najwal-lażīna ẓalamū, hal hāżā illā basyarum miṡlukum, afa ta'tūnas-siḥra wa antum tubṣirūn(a).
वां रा दिल उपेक्षा री स्थिति मांय है। अर अन्यायी लोगां आपरी बातचीत नै गुप्त राखी, "ओ (व्यक्ति) (मुहम्मद) थारै जिसो ई मिनख है। कांई थै इण जादू नै देखता थकां ई स्वीकार कर लियो?"
بَلْ قَالُوْٓا اَضْغَاثُ اَحْلَامٍۢ بَلِ افْتَرٰىهُ بَلْ هُوَ شَاعِرٌۚ فَلْيَأْتِنَا بِاٰيَةٍ كَمَآ اُرْسِلَ الْاَوَّلُوْنَ
bal qālū aḍgāṡu aḥlāmim baliftarāhu bal huwa syā‘ir(un), falya'tinā bi'āyatin kamā ursilal-awwalūn(a).
बां तो इत्तौ ई नीं कैयो, "(कुरान) अराजक सुपनां रो फल है, या उणरी (मुहम्मद) री इंजीनियरिंग रो परिणाम है, या फेर बो फगत एक कवि है, आपां नै एक संकेत (सबूत) लावण री कोसिस करो, ठीक उणी भांत जियां पैली भेज्या गया दूत।"
مَآ اٰمَنَتْ قَبْلَهُمْ مِّنْ قَرْيَةٍ اَهْلَكْنٰهَاۚ اَفَهُمْ يُؤْمِنُوْنَ
mā āmanat qablahum min qaryatin ahlaknāhā, afahum yu'minūn(a).
बां सूं पैली री देस रा रैवासियां नै, जिणनै म्हे उजाड़ दियो हो, बां माथै विस्वास नीं करियो (भलांई म्हे सबूत भेज्या हो)। कांई वे विस्वास करैला?
وَيَقُوْلُوْنَ مَتٰى هٰذَا الْوَعْدُ اِنْ كُنْتُمْ صٰدِقِيْنَ
wa yaqūlūna matā hāżal-wa‘du in kuntum ṣādiqīn(a).
अर वे बोल्या, "अगर थूं साच बोलै है तो वचन कद आवैला?"
قَالُوْٓا اَجِئْتَنَا بِالْحَقِّ اَمْ اَنْتَ مِنَ اللّٰعِبِيْنَ
qālū aji'tanā bil-ḥaqqi am anta minal-lā‘ibīn(a).
बां कैयो, "थै म्हारै कनै सांच लेय'र आया हो कै थै खेल रैया हो?"
وَتَقَطَّعُوْٓا اَمْرَهُمْ بَيْنَهُمْۗ كُلٌّ اِلَيْنَا رٰجِعُوْنَ ࣖ
wa taqaṭṭa‘ū amrahum bainahum, kullun ilainā rāji‘ūn(a).
पण वे आपस में आपरी (धार्मिक) बातां में बंटग्या हा। बां मांय सूं हरेक (सगला समूह) म्हारै कनै पाछो आसी।
وَمِنَ النَّاسِ مَنْ يُّجَادِلُ فِى اللّٰهِ بِغَيْرِ عِلْمٍ وَّيَتَّبِعُ كُلَّ شَيْطٰنٍ مَّرِيْدٍۙ
wa minan-nāsi may yujādilu fillāhi bigairi ‘ilmiw wa yattabi‘u kulla syaiṭānim marīd(in).
अर मिनखां रै मांय अस्या लोग है जका बिना ज्ञान रै अल्लाह रै बारै में बहस करै है अर फगत घणा बुरा शैतानां रै पाछै चालै है।
وَمِنَ النَّاسِ مَنْ يُّجَادِلُ فِى اللّٰهِ بِغَيْرِ عِلْمٍ وَّلَا هُدًى وَّلَا كِتٰبٍ مُّنِيْرٍ ۙ
wa minan-nāsi may yujādilu fillāhi bigairi ‘ilmiw wa lā hudaw wa lā kitābim munīr(in).
अर मिनखां रै मांय अस्या लोग है जका बिना ज्ञान रै, बिना मार्गदर्शन रै अर बिना किणी किताब (प्रकाश) रै अल्लाह रै बारै में बहस करै है जिणसूं ज्ञान मिलै।
اَفَلَمْ يَسِيْرُوْا فِى الْاَرْضِ فَتَكُوْنَ لَهُمْ قُلُوْبٌ يَّعْقِلُوْنَ بِهَآ اَوْ اٰذَانٌ يَّسْمَعُوْنَ بِهَاۚ فَاِنَّهَا لَا تَعْمَى الْاَبْصَارُ وَلٰكِنْ تَعْمَى الْقُلُوْبُ الَّتِيْ فِى الصُّدُوْرِ
afalam yasīrū fil-arḍi fa takūna lahum qulūbuy ya‘qilūna bihā au āżānuy yasma‘ūna bihā, fa innahā lā ta‘mal-abṣāru wa lākin ta‘mal-qulūbul-latī fiṣ-ṣudūr(i).
तो कांई वे कदैई धरती माथै नीं चाल्या, जिणसूं वांरा दिल (कारण) समझ सकै, वांरा कान सुण सकै? असल म्हं, आंख्यां कोनी है जो आंधी है, पण जो चीज आंधी है वो है छाती रै मांय काळजो।
وَالَّذِيْنَ هُمْ لِلزَّكٰوةِ فٰعِلُوْنَ ۙ
wal-lażīna hum liz-zakāti fā‘ilūn(a).
अर जकात देबाळा,
اَيَعِدُكُمْ اَنَّكُمْ اِذَا مِتُّمْ وَكُنْتُمْ تُرَابًا وَّعِظَامًا اَنَّكُمْ مُّخْرَجُوْنَ ۖ
aya‘idukum annakum iżā mittum wa kuntum turābaw wa ‘iẓāman annakum mukhrajūn(a).
कांई उण थानै वचन दियो है कै जद थे मर जावोला अर धूळ अर हाड बण जावोला तो थानै साची में (थारी कब्र सूं) बारै काढ दियो जावैला?
فَيَقُوْلُوْا هَلْ نَحْنُ مُنْظَرُوْنَ ۗ
fa yaqūlū hal naḥnu munẓarūn(a).
फेर वे बोल्या, “कांई म्हांनै देरी दी जा री है?”
وَاِنْ تُكَذِّبُوْا فَقَدْ كَذَّبَ اُمَمٌ مِّنْ قَبْلِكُمْ ۗوَمَا عَلَى الرَّسُوْلِ اِلَّا الْبَلٰغُ الْمُبِيْنُ
wa in tukażżibū faqad każżaba umamum min qablikum, wa mā ‘alar-rasūli illal-balāgul-mubīn(u).
अर जे थै (काफिर) झूठ बोलो हो तो थारै सूं पैली रा लोग भी झूठ बोल्या हो (दूत)। अर प्रेरित रो दायित्व फगत (परमेश्बर रै धर्म) नै साफ-साफ बताणो है।"
فَمَا كَانَ جَوَابَ قَوْمِهٖٓ اِلَّآ اَنْ قَالُوا اقْتُلُوْهُ اَوْ حَرِّقُوْهُ فَاَنْجٰىهُ اللّٰهُ مِنَ النَّارِۗ اِنَّ فِيْ ذٰلِكَ لَاٰيٰتٍ لِّقَوْمٍ يُّؤْمِنُوْنَ
famā kāna jawāba qaumihī illā an qaluqtulūhu au ḥarriqūhu fa anjāhullāhu minan-nār(i), inna fī żālika la'āyātil liqaumiy yu'minūn(a).
तो उणरै लोगां (इब्राहिम) सूं कोई जवाब कोनी आयो, सिवाय इणरै कै "इणनै मार दो या उणनै जलाओ" फेर अल्लाह उणनै आग सूं बचा लियो। साची, इण मांय निश्चित रूप सूं (अल्लाह री महानता रा) संकेत है जिका विस्वास करै है।
اَىِٕنَّكُمْ لَتَأْتُوْنَ الرِّجَالَ وَتَقْطَعُوْنَ السَّبِيْلَ ەۙ وَتَأْتُوْنَ فِيْ نَادِيْكُمُ الْمُنْكَرَ ۗفَمَا كَانَ جَوَابَ قَوْمِهٖٓ اِلَّآ اَنْ قَالُوا ائْتِنَا بِعَذَابِ اللّٰهِ اِنْ كُنْتَ مِنَ الصّٰدِقِيْنَ
a'innakum lata'tūnar-rijāla wa taqṭa‘ūnas-sabīl(a), wa ta'tūna fī nādīkumul-munkar(a), famā kāna jawāba qaumihī illā an qālu'tinā bi‘ażābillāhi in kunta minaṣ-ṣādiqīn(a).
कांई थारै वास्तै यो उचित है कै थै मिनखां रै कनै जावो, धोखो देवो अर आपरी बैठक री जगां माथै बुराई करो?” तो उणरै लोगां रो जवाब दूजो कोई नीं हो, "अगर थै धर्मी लोगां मांय सूं एक हो तो अल्लाह री सजा म्हानै ल्याओ।"
اَلَمْ تَرَوْا اَنَّ اللّٰهَ سَخَّرَ لَكُمْ مَّا فِى السَّمٰوٰتِ وَمَا فِى الْاَرْضِ وَاَسْبَغَ عَلَيْكُمْ نِعَمَهٗ ظَاهِرَةً وَّبَاطِنَةً ۗوَمِنَ النَّاسِ مَنْ يُّجَادِلُ فِى اللّٰهِ بِغَيْرِ عِلْمٍ وَّلَا هُدًى وَّلَا كِتٰبٍ مُّنِيْرٍ
alam tarau annallāha sakhkhara lakum mā fis-samāwāti wa mā fil-arḍi wa asbaga ‘alaikum ni‘amahū ẓāhirataw wa bāṭinah(tan), wa minan-nāsi may yujādilu fillāhi bigairi ‘ilmiw wa lā hudaw wa lā kitābim munīr(in).
कांई थनै ध्यान कोनी दियो कै अल्लाह थारै (लाभ) रै वास्तै आकाश अर धरती माथै है अर थारै वास्तै शारीरिक अर मानसिक रूप सूं आपरा आशीर्वाद नै पूरा कर दियो है। पण मिनखां रै मांय अस्या लोग है जका बिना ज्ञान या मार्गदर्शन रै अर बिना कोई किताब रै जिण सूं ज्ञान मिलै, अल्लाह री (एकता) माथै विवाद करै है।
وَاِذَا قِيْلَ لَهُمُ اتَّبِعُوْا مَآ اَنْزَلَ اللّٰهُ قَالُوْا بَلْ نَتَّبِعُ مَا وَجَدْنَا عَلَيْهِ اٰبَاۤءَنَاۗ اَوَلَوْ كَانَ الشَّيْطٰنُ يَدْعُوْهُمْ اِلٰى عَذَابِ السَّعِيْرِ
wa iżā qīla lahumuttabi‘ū mā anzalallāhu qālū bal nattabi‘u mā wajadnā ‘alaihi ābā'anā, awalau kānasy-syaiṭānu yad‘ūhum ilā ‘ażābis-sa‘īr(i).
अर जद बांनै कैयो जावै है, "अल्लाह री बातां माथै चालौ!" बां जवाब दियो, "(नीं), पण आपां (केवल) बां रीत-रिवाजां रो पालन करां जिका आपां आपां रै पुरखां सूं सीखी है।" कांई वे (आपरै पुरखां रै लारै चालैला) भलांई शैतान बांनै आग (नरक) री सजा रै वास्तै बुला रैयो है?
وَيَقُوْلُوْنَ مَتٰى هٰذَا الْفَتْحُ اِنْ كُنْتُمْ صٰدِقِيْنَ
wa yaqūlūna matā hāżal-fatḥu in kuntum ṣādiqīn(a).
अर बां पूछ्यो, "अगर थै धर्मी हो तो जीत कद आवैला?"
وَقَالُوْا نَحْنُ اَكْثَرُ اَمْوَالًا وَّاَوْلَادًاۙ وَّمَا نَحْنُ بِمُعَذَّبِيْنَ
wa qālū naḥnu akṡaru amwālaw wa aulādā(n), wa mā naḥnu bimu‘ażżabīn(a).
अर बां कैयो, "म्हारै कनै थारै सूं बेसी धन अर टाबर है अर म्हानै सजा कोनी मिलैला।"
وَيَقُوْلُوْنَ مَتٰى هٰذَا الْوَعْدُ اِنْ كُنْتُمْ صٰدِقِيْنَ
wa yaqūlūna matā hāżal-wa‘du in kuntum ṣādiqīn(a).
अर वे (काफिर) बोल्या, "अगर थै साचा बोलोला तो (जीवित होबा रै दिन) रो वादो कद पूरो होसी?"
اَوَلَمْ يَرَ الْاِنْسَانُ اَنَّا خَلَقْنٰهُ مِنْ نُّطْفَةٍ فَاِذَا هُوَ خَصِيْمٌ مُّبِيْنٌ
awalam yaral-insānu annā khalaqnāhu min nuṭfatin fa'iżā huwa khaṣīmum mubīn(un).
अर कांई मिनख ओ नीं देखै कै आपां उणनै शुक्राणु री एक बूंद सूं बणायो है अर वो एक खुलो दुश्मन है!
اَوْ تَقُوْلَ حِيْنَ تَرَى الْعَذَابَ لَوْ اَنَّ لِيْ كَرَّةً فَاَكُوْنَ مِنَ الْمُحْسِنِيْنَ
au taqūla ḥīna taral-‘ażāba lau anna lī karratan fa akūna minal-muḥsinīn(a).
या (कठैई) कोई सजा देखता थकां कैवै, 'अगर म्हैं (दुनिया मांय) पाछो आ सकूं, तो निस्चै ई म्हैं भलाई करण आळा लोगां मांय सूं एक हूं।'
وَالَّذِيْ قَالَ لِوَالِدَيْهِ اُفٍّ لَّكُمَآ اَتَعِدَانِنِيْٓ اَنْ اُخْرَجَ وَقَدْ خَلَتِ الْقُرُوْنُ مِنْ قَبْلِيْۚ وَهُمَا يَسْتَغِيْثٰنِ اللّٰهَ وَيْلَكَ اٰمِنْ ۖاِنَّ وَعْدَ اللّٰهِ حَقٌّۚ فَيَقُوْلُ مَا هٰذَآ اِلَّآ اَسَاطِيْرُ الْاَوَّلِيْنَ
wal-lażī qāla liwālidaihi uffil lakumā ata‘idāninī an ukhraja wa qad khalatil qurūnu min qablī, wa humā yastagīṡānillāha wailaka āmin, inna wa‘dallāhi ḥaqq(un), fayaqūlu mā hāżā illā asāṭīrul-awwalīn(a).
अर बो मिनख जिको आपरै माता-पिता नै कैयो, “आह।” कांई थै दोनूं म्हनै चेतावणी दी ही कै म्हैं (कब्र सूं) जीवतो हो जाऊंला, भलांई म्हारै सूं पैली कई लोग मर चुक्या हो? फेर माता-पिता अल्लाह सूं मदद मांगी (कहता थका), "हाय थारै माथै, विश्वास करो! साची, अल्लाह रो वचन साचो है।" फेर वो (बाळक) बोल्यो, "यो तो बस पुराणा लोगां री परी कथा है।"
قَالُوْٓا اَجِئْتَنَا لِتَأْفِكَنَا عَنْ اٰلِهَتِنَاۚ فَأْتِنَا بِمَا تَعِدُنَآ اِنْ كُنْتَ مِنَ الصّٰدِقِيْنَ
qālū aji'tanā lita'fikanā ‘an ālihatinā fa'tinā bimā ta‘idunā in kunta minaṣ-ṣādiqīn(a).
बां जवाब दियो, "कांई थूं म्हारै देवतावां री पूजा सूं दूर करण सारू म्हारै कनै आयो है? फेर जे थूं साच बोलणियां मांय सूं है तो थूं म्हानै वा सजा देवण री धमकी दी है।"
اَمْ تَأْمُرُهُمْ اَحْلَامُهُمْ بِهٰذَآ اَمْ هُمْ قَوْمٌ طَاغُوْنَۚ
am ta'muruhum aḥlāmuhum bihāżā am hum qaumun ṭāgūn(a).
कांई बांनै आपरै दिमाग सूं आ (आरोप) लगाबा रो हुकम दियो गयो है, या कांई वै अैड़ा लोग है जका अपराध करै है?
وَيَقُوْلُوْنَ مَتٰى هٰذَا الْوَعْدُ اِنْ كُنْتُمْ صٰدِقِيْنَ
wa yaqūlūna matā hāżal-wa‘du in kuntum ṣādiqīn(a).
अर वे कैवे है, "अगर थै साच बोलोला तो आ धमकी कद आवैला?"
مَا لَكُمْۗ كَيْفَ تَحْكُمُوْنَۚ
mā lakum, kaifa taḥkumūn(a).
थै ओ क्यूं करियो? थै फैसला कियां लेवो हो?
اَمْ لَكُمْ كِتٰبٌ فِيْهِ تَدْرُسُوْنَۙ
am lakum kitābun fīhi tadrusūn(a).
या फेर थारै कनै कोई किताब है (अल्लाह री ओर सूं) जिण रो थै अध्ययन करो हो?
اِنَّ لَكُمْ فِيْهِ لَمَا تَخَيَّرُوْنَۚ
inna lakum fīhi lamā takhayyarūn(a).
असल म्हं, थै इण मांय जो भी है वो चुण सको हो।
اَمْ لَكُمْ اَيْمَانٌ عَلَيْنَا بَالِغَةٌ اِلٰى يَوْمِ الْقِيٰمَةِۙ اِنَّ لَكُمْ لَمَا تَحْكُمُوْنَۚ
am lakum aimānun ‘alainā bāligatun ilā yaumil-qiyāmah(ti), inna lakum lamā taḥkumūn(a).
या फेर थै म्हारै सूं कोई शपथ प्राप्त करी है (वादा नै पुख्ता करियो गयो है), जो पुनरुत्थान रै दिन तांई मान्य रैवेला; थै फैसला ले सको हो (जियां थै चावो)?
سَلْهُمْ اَيُّهُمْ بِذٰلِكَ زَعِيْمٌۚ
salhum ayyuhum biżālika za‘īm(un).
बांनै पूछो, "इणां मांय सूं कुण (लिख्योड़ा फैसले) रै वास्तै जिम्मेदार है?"
اَمْ لَهُمْ شُرَكَاۤءُۚ فَلْيَأْتُوْا بِشُرَكَاۤىِٕهِمْ اِنْ كَانُوْا صٰدِقِيْنَ
am lahum syurakā'(u), falya'tū bisyurakā'ihim in kānū ṣādiqīn(a).
या फेर बां रा सहयोगी है? फेर जे वै साचा लोग है तो बांनै आपरा सहयोगियां नै ल्याबा दो।
اِنَّهٗ فَكَّرَ وَقَدَّرَۙ
innahū fakkara wa qaddar(a).
साची, उण सोच्यो है अर तय करियो है (उण कांई तय करियो है),
بَلْ يُرِيْدُ كُلُّ امْرِئٍ مِّنْهُمْ اَنْ يُّؤْتٰى صُحُفًا مُّنَشَّرَةًۙ
bal yurīdu kullumri'im minhum ay yu'tā ṣuḥufam munasysyarah(tan).
असल म्हं, बां मांय सूं हरेक नै खुला पन्ना (किताब) देणी चावती ही।