Qari
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الۤرٰ ۗتِلْكَ اٰيٰتُ الْكِتٰبِ وَقُرْاٰنٍ مُّبِيْنٍ ۔
alif lām rā, tilka āyātul-kitābi wa qur'ānim mubīn(in).
अलिफ लमरा। ई (सूरा) (कुछ) (सिद्ध) किताब के आयत अहै, अर्थात् कुरान के (आयत) जवन व्याख्या देत हैं।
رُبَمَا يَوَدُّ الَّذِيْنَ كَفَرُوْا لَوْ كَانُوْا مُسْلِمِيْنَ
rubamā yawaddul-lażīna kafarū lau kānū muslimīn(a).
काफिर कभौ-कभौ (बाद मा परलोक मा) चाहत हैं कि उ पहिले (इ दुनिया मा) मुसलमान होइ जात।
ذَرْهُمْ يَأْكُلُوْا وَيَتَمَتَّعُوْا وَيُلْهِهِمُ الْاَمَلُ فَسَوْفَ يَعْلَمُوْنَ
Żarhum ya'kulū wa yatamatta‘ū wa yulhihimul-amalu fa saufa ya‘lamūn(a).
ओनका (इ दुनिया मा) खाना अऊर मौज करै अऊर अपने (खाली) सपने से विचलित होवे दे, बाद मा ओनका (अपने कामन के परिणाम) पता चल जाई।
وَمَآ اَهْلَكْنَا مِنْ قَرْيَةٍ اِلَّا وَلَهَا كِتَابٌ مَّعْلُوْمٌ
wa mā ahlaknā min qaryatin illā wa lahā kitābum ma‘lūm(un).
अऊर हम कौनो देश का नाश नाहीं करत हैं, लेकिन वहिके लिए प्रावधान रखे जात हैं।
مَا تَسْبِقُ مِنْ اُمَّةٍ اَجَلَهَا وَمَا يَسْتَأْخِرُوْنَ
mā tasbiqu min ummatin ajalahā wa mā yasta'khirūn(a).
अइसन कौनो मनई नाहीं है जे ओनके मृत्यु से पहिले होइ सकै, अऊर (इके) स्थगित करै के लिए भी नाहीं कह सकत है।
وَقَالُوْا يٰٓاَيُّهَا الَّذِيْ نُزِّلَ عَلَيْهِ الذِّكْرُ اِنَّكَ لَمَجْنُوْنٌ ۗ
wa qālū yā ayyuhal-lażī nuzzila ‘alaihiż-żikru innaka lamajnūn(un).
और उन्होंने कहा कि हे ऐ आदमी जिस पर कुरान नाजल हुआ, बेशक तू (मुहम्मद) सचमुच पागल है।
لَوْمَا تَأْتِيْنَا بِالْمَلٰۤىِٕكَةِ اِنْ كُنْتَ مِنَ الصّٰدِقِيْنَ
lau mā ta'tīnā bil-malā'ikati in kunta minaṣ-ṣādiqīn(a).
अगर तू धर्मी मनई अहा तउ तू हमरे लगे सरगदूत काहे नाहीं लइ आवा?”
مَا نُنَزِّلُ الْمَلٰۤىِٕكَةَ اِلَّا بِالْحَقِّ وَمَا كَانُوْٓا اِذًا مُّنْظَرِيْنَ
mā nunazzilul-malā'ikata illā bil-ḥaqqi wa mā kānū iżam munẓarīn(a).
हम स्वर्गदूतन का सत्य के अलावा (दंड लावै के) नीचे नाहीं भेजेन अऊर ओनका उ समय राहत नाहीं दीन गै रही
اِنَّا نَحْنُ نَزَّلْنَا الذِّكْرَ وَاِنَّا لَهٗ لَحٰفِظُوْنَ
innā naḥnu nazzalnaż-żikra wa innā lahū laḥāfiẓūn(a).
सचमुच, ई हम हई जे कुरान उतारिन हई, अऊर निश्चित रूप से हम (भी) ओका संरक्षित करत हई।
وَلَقَدْ اَرْسَلْنَا مِنْ قَبْلِكَ فِيْ شِيَعِ الْاَوَّلِيْنَ
wa laqad arsalnā min qablika fī syiya‘il-awwalīn(a).
अऊर सचमुच, हम तोहरे (मुहम्मद) से पहिले (कई दूत) पहिले के लोगन के पास भेजे हई।
وَمَا يَأْتِيْهِمْ مِّنْ رَّسُوْلٍ اِلَّا كَانُوْا بِهٖ يَسْتَهْزِءُوْنَ
wa mā ya'tīhim mir rasūlin illā kānū bihī yastahzi'ūn(a).
अउर जब कबहूँ उनके पास दूत आवत रहा तौ हमेशा ओकर मजाक उड़ावत रहे।
كَذٰلِكَ نَسْلُكُهٗ فِيْ قُلُوْبِ الْمُجْرِمِيْنَۙ
każālika naslukuhū fī qulūbil-mujrimīn(a).
यहिसे, हम पापियन के दिलन मा (मजाक) डारिन
لَا يُؤْمِنُوْنَ بِهٖ وَقَدْ خَلَتْ سُنَّةُ الْاَوَّلِيْنَ
lā yu'minūna bihī wa qad khalat sunnatul-awwalīn(a).
उइ इ (कुरान) मा विश्वास नाहीं करत हैं भले ही अल्लाह के खतना पिछले लोगन से गुजर चुका है।
وَلَوْ فَتَحْنَا عَلَيْهِمْ بَابًا مِّنَ السَّمَاۤءِ فَظَلُّوْا فِيْهِ يَعْرُجُوْنَۙ
wa lau fataḥnā ‘alaihim bābam minas-samā'i fa ẓallū fīhi ya‘rujūn(a).
अऊर अगर हम ओनके लिए स्वर्ग के दरवाजन में से एक खोल देई, तौ उ लोग वहिके ऊपर चढ़त रहिहैं,
لَقَالُوْٓا اِنَّمَا سُكِّرَتْ اَبْصَارُنَا بَلْ نَحْنُ قَوْمٌ مَّسْحُوْرُوْنَ ࣖ
laqālū innamā sukkirat abṣārunā bal naḥnu qaumum masḥūrūn(a).
बेशक उइ कहिन, "वास्तव मा, हमार दृष्टि बादल है, वास्तव मा हम जादू से प्रभावित हैं।"
وَلَقَدْ جَعَلْنَا فِى السَّمَاۤءِ بُرُوْجًا وَّزَيَّنّٰهَا لِلنّٰظِرِيْنَۙ
wa laqad ja‘alnā fis-samā'i burūjaw wa zayyannāhā lin-nāẓirīn(a).
अऊर सचमुच, हम आकाश मा तारा के गुच्छा बनाइन है अऊर ओनका देखै वालेन का सुंदर लागत है
وَحَفِظْنٰهَا مِنْ كُلِّ شَيْطٰنٍ رَّجِيْمٍۙ
wa ḥafiẓnāhā min kulli syaiṭānir rajīm(in).
अऊर हम हर शापित (परेशानी) शैतान से एकर रक्षा करत हैं,
اِلَّا مَنِ اسْتَرَقَ السَّمْعَ فَاَتْبَعَهٗ شِهَابٌ مُّبِيْنٌ
illā manistaraqas-sam‘a fa atba‘ahū syihābum mubīn(un).
सिवाय (शैतान) के जे (समाचार) चोरी करत है जेका (स्वर्गदूतन से) सुना जा सकत है अऊर फिर चमकदार आग के फूट से पीछा कीन जात है।
وَالْاَرْضَ مَدَدْنٰهَا وَاَلْقَيْنَا فِيْهَا رَوَاسِيَ وَاَنْۢبَتْنَا فِيْهَا مِنْ كُلِّ شَيْءٍ مَّوْزُوْنٍ
wal-arḍa madadnāhā wa alqainā fīhā rawāsiya wa ambatnā fīhā min kulli syai'im mauzūn(in).
अऊर हमने धरती का फैलावा अऊर ओपे पहाड़ लगावा अऊर हमने वहिमा सब कुछ ओकरे आकार के अनुसार उगावा।
وَجَعَلْنَا لَكُمْ فِيْهَا مَعَايِشَ وَمَنْ لَّسْتُمْ لَهٗ بِرٰزِقِيْنَ
wa ja‘alnā lakum fīhā ma‘āyisya wa mal lastum lahū birāziqīn(a).
अऊर हमने ओनमा आपकी जरूरतन के लिए जीवन के स्रोत बनाये हैं, अऊर (हमने अइसन प्राणी भी बनाये हैं जेकर जीविका आप नाहीं हैं।
وَاِنْ مِّنْ شَيْءٍ اِلَّا عِنْدَنَا خَزَاۤىِٕنُهٗ وَمَا نُنَزِّلُهٗٓ اِلَّا بِقَدَرٍ مَّعْلُوْمٍ
wa im min syai'in illā ‘indanā khazā'inuhū wa mā nunazziluhū illā biqadarim ma‘lūm(un).
अऊर कामी के तरफ से ओकर खजाना के अलावा कुछौ नाहीं है; हम एकरा कम नाहीं किहेन बल्कि एक निश्चित आकार तक किहेन।
وَاَرْسَلْنَا الرِّيٰحَ لَوَاقِحَ فَاَنْزَلْنَا مِنَ السَّمَاۤءِ مَاۤءً فَاَسْقَيْنٰكُمُوْهُۚ وَمَآ اَنْتُمْ لَهٗ بِخٰزِنِيْنَ
wa arsalnar-riyāḥa lawāqiha fa anzalnā minas-samā'i mā'an fa asqainākumūh(u), wa mā antum lahū bikhāzinīn(a).
अऊर हम शादी के लिए हवा भेजेन अऊर हम आकाश से बरसात भेजेन, फिर हम तोहका ओसे (पानी) पीयेन, अऊर ई तुम नाहीं रहेव जे ओका रखे रहेव।
وَاِنَّا لَنَحْنُ نُحْيٖ وَنُمِيْتُ وَنَحْنُ الْوٰرِثُوْنَ
wa innā lanaḥnu nuḥyī wa numītu wa naḥnul-wāriṡūn(a).
अऊर वास्तव मा, हम उहै हैं जे जीवन देत हैं अऊर मृत्यु का कारण बनत हैं अऊर हम उहै हैं जे वारिस हैं।
وَلَقَدْ عَلِمْنَا الْمُسْتَقْدِمِيْنَ مِنْكُمْ وَلَقَدْ عَلِمْنَا الْمُسْتَأْخِرِيْنَ
wa laqad ‘alimnal-mustaqdimīna minkum wa laqad ‘alimnal-musta'khirīn(a).
अऊर सचमुच, हम आपसे पहिले पहिले का जानित है अऊर हम बाद का भी जानित है।
وَاِنَّ رَبَّكَ هُوَ يَحْشُرُهُمْۗ اِنَّهٗ حَكِيْمٌ عَلِيْمٌ ࣖ
wa inna rabbaka huwa yaḥsyuruhum, innahū ḥakīmun ‘alīm(un).
अऊर सचमुच तोहार प्रभु, उ ओनका इकट्ठा करिहैं। सचमुच, उ सर्वज्ञ, सर्वज्ञ है।
وَلَقَدْ خَلَقْنَا الْاِنْسَانَ مِنْ صَلْصَالٍ مِّنْ حَمَاٍ مَّسْنُوْنٍۚ
wa laqad khalaqnal-insāna min ṣalṣālim min ḥama'im masnūn(in).
अऊर सचमुच, हमने मनई (आदम) का काली कीचड़ से सूखी माटी से बनावा है जेका आकार दीन गा रहा।
وَالْجَاۤنَّ خَلَقْنٰهُ مِنْ قَبْلُ مِنْ نَّارِ السَّمُوْمِ
wal-jānna khalaqnāhu min qablu min nāris-samūm(i).
अऊर हमने (आदम) से पहिले जिन्न का बहुत गर्म आग से बनावा।
وَاِذْ قَالَ رَبُّكَ لِلْمَلٰۤىِٕكَةِ اِنِّيْ خَالِقٌۢ بَشَرًا مِّنْ صَلْصَالٍ مِّنْ حَمَاٍ مَّسْنُوْنٍۚ
wa iż qāla rabbuka lil-malā'ikati innī khāliqum basyaram min ṣalṣālim min ḥama'im masnūn(in).
अऊर (याद रखौ), जब आपके प्रभु स्वर्गदूतन से कहिन, "वास्तव मा, मैं काली कीचड़ से सूखी माटी से एक मनई बनाउब जेका आकार दीन गा है।
فَاِذَا سَوَّيْتُهٗ وَنَفَخْتُ فِيْهِ مِنْ رُّوْحِيْ فَقَعُوْا لَهٗ سٰجِدِيْنَ
fa iżā sawwaituhū wa nafakhtu fīhi mir rūḥī fa qa‘ū lahū sājidīn(a).
त जब हम (घटना) का सिद्ध कइ लेइ, अऊर हम ओमा आपन आत्मा (सृष्टि) फूंक देइ, तौ सजदा कइके ओके सामने झुक जा।"
فَسَجَدَ الْمَلٰۤىِٕكَةُ كُلُّهُمْ اَجْمَعُوْنَۙ
fa sajadal-malā'ikatu kulluhum ajma‘ūn(a).
त सब स्वर्गदूत एक साथ प्रणाम किहिन,
اِلَّآ اِبْلِيْسَۗ اَبٰىٓ اَنْ يَّكُوْنَ مَعَ السّٰجِدِيْنَ
illā iblīs(a), abā ay yakūna ma‘as-sājidīn(a).
शैतान के अलावा। उ (स्वर्गदूतन) से जुड़ै से हिचकिचात रहें, जे सजदा करत रहें।
قَالَ يٰٓاِبْلِيْسُ مَا لَكَ اَلَّا تَكُوْنَ مَعَ السّٰجِدِيْنَ
qāla yā iblīsu mā laka allā takūna ma‘as-sājidīn(a).
उ (अल्लाह) कहिन, "हे शैतान! तुम ओनके साथे सजदा काहे करत हौ?"
قَالَ لَمْ اَكُنْ لِّاَسْجُدَ لِبَشَرٍ خَلَقْتَهٗ مِنْ صَلْصَالٍ مِّنْ حَمَاٍ مَّسْنُوْنٍ
qāla lam akul li'asjuda libasyarin khalaqtahū min ṣalṣālim min ḥama'im masnūn(in).
उ (इबलीस) कहिन, "मैं अइसन मनई के सामने कबो नाहीं झुकब जेका तुमने काली कीचड़ से सूखी माटी से बनावा है जेका आकार दिहा गा रहा।"
قَالَ فَاخْرُجْ مِنْهَا فَاِنَّكَ رَجِيْمٌۙ
qāla fakhruj minhā fa innaka rajīm(un).
उ (अल्लाह) ने कहा, "(तब) स्वर्ग से निकल जाओ, काहे से कि बेशक तुम शापित हौ,
وَّاِنَّ عَلَيْكَ اللَّعْنَةَ اِلٰى يَوْمِ الدِّيْنِ
wa inna ‘alaikal-la‘nata ilā yaumid-dīn(i).
अउर निस्चय ही सराप तोहरे ऊपर पुनरुत्थान के दिन तक रही।"
قَالَ رَبِّ فَاَنْظِرْنِيْٓ اِلٰى يَوْمِ يُبْعَثُوْنَ
qāla rabbi fa anẓirnī ilā yaumi yub‘aṡūn(a).
उ (शैतान) कहिन, "हे मोर प्रभु, (अगर अइसन है) तौ (मनुष्य) के पुनर्जीवित होय के दिन तक मोका विलंब प्रदान करौ।"
قَالَ فَاِنَّكَ مِنَ الْمُنْظَرِيْنَۙ
qāla fa innaka minal-munẓarīn(a).
अल्लाह कहते हैं, "(ठीक है) तो बेशक आप उनमें से हैं जिनको देरी मिली है,
اِلٰى يَوْمِ الْوَقْتِ الْمَعْلُوْمِ
ilā yaumil-waqtil-ma‘lūm(i).
नियत दिन (प्रलय) तक।”
قَالَ رَبِّ بِمَآ اَغْوَيْتَنِيْ لَاُزَيِّنَنَّ لَهُمْ فِى الْاَرْضِ وَلَاُغْوِيَنَّهُمْ اَجْمَعِيْنَۙ
qāla rabbi bimā agwaitanī la'uzayyinanna lahum fil-arḍi wa la'ugwiyannahum ajma‘īn(a).
उ (इबलीस) ने कहा, "मेरे प्रभु, काहे से कि तुमने तय करा है कि मैं गुमराह हौं, मैं निश्चित रूप से (बुराई) का पृथ्वी पर रहन वालेन का सुन्दर लागब, अऊर मैं ओन सबका भटकावब,
اِلَّا عِبَادَكَ مِنْهُمُ الْمُخْلَصِيْنَ
illā ‘ibādaka minhumul-mukhlaṣīn(a).
सिवाय तोहार सेवकन के जउन ओनमाँ स चुना गवा अहइँ।”
قَالَ هٰذَا صِرَاطٌ عَلَيَّ مُسْتَقِيْمٌ
qāla hāżā ṣirāṭun ‘alayya mustaqīm(un).
उ (अल्लाह) कहिन, "ई सीधा रास्ता है जवन मोर पास जात है।"
اِنَّ عِبَادِيْ لَيْسَ لَكَ عَلَيْهِمْ سُلْطٰنٌ اِلَّا مَنِ اتَّبَعَكَ مِنَ الْغَاوِيْنَ
inna ‘ibādī laisa laka ‘alaihim sulṭānun illā manittaba‘aka minal-gāwīn(a).
सचमुच, तोहरे (इबलीस) के पास मोर सेवकन पर कउनो अधिकार नाहीं है, सिवाय ओनके जे तोहरे अनुसरण करत हैं, अर्थात ओनके जे भटकत हैं।
وَاِنَّ جَهَنَّمَ لَمَوْعِدُهُمْ اَجْمَعِيْنَۙ
wa inna jahannama lamau‘iduhum ajma‘īn(a).
अऊर वास्तव मा, नरक सचमुच (वह जगह) है जेकर वादा ओन सब (शैतान के अनुयायियन) से कीन गा है।
لَهَا سَبْعَةُ اَبْوَابٍۗ لِكُلِّ بَابٍ مِّنْهُمْ جُزْءٌ مَّقْسُوْمٌ ࣖ
lahā sab‘atu abwāb(in), likulli bābim minhum juz'um maqsūm(un).
(नरक) मा सात दरवाजा हैं। हर दरवाजा (असाइन कीन गा है) ओनके एक निश्चित समूह का।
اِنَّ الْمُتَّقِيْنَ فِيْ جَنّٰتٍ وَّعُيُوْنٍۗ
innal-muttaqīna fī jannātiw wa ‘uyūn(in).
वास्तव मा, पुण्यवान मनई स्वर्ग (बगीचा) अऊर (बहत) पानी के झरना (पास) मा है।
اُدْخُلُوْهَا بِسَلٰمٍ اٰمِنِيْنَ
udkhulūhā bisalāmin āminīn(a).
(अल्लाह कहत है), "शांति अऊर सुरक्षा के साथे वहिमा प्रवेश करा।"
وَنَزَعْنَا مَا فِيْ صُدُوْرِهِمْ مِّنْ غِلٍّ اِخْوَانًا عَلٰى سُرُرٍ مُّتَقٰبِلِيْنَ
wa naza‘nā mā fī ṣudūrihim min gillin ikhwānan ‘alā sururim mutaqābilīn(a).
अऊर हम ओनके दिलन मा आक्रोश के सब भावना का हटा दिहेन; सोफा पर आमने-सामने बइठे भाईन के तरह महसूस किहिन।
لَا يَمَسُّهُمْ فِيْهَا نَصَبٌ وَّمَا هُمْ مِّنْهَا بِمُخْرَجِيْنَ
lā yamassuhum fīhā naṣabuw wa mā hum minhā bimukhrajīn(a).
ओनका यहिमा थकान महसूस नाहीं होत है अऊर न ही ओनका यहिसे निष्कासित कीन जाई।
۞ نَبِّئْ عِبَادِيْٓ اَنِّيْٓ اَنَا الْغَفُوْرُ الرَّحِيْمُۙ
nabbi' ‘ibādī annī anal-gafūrur-raḥīm(u).
मोर सेवकन से कहौ कि मैं परम क्षमा करै वाला, परम दयालु हउँ;
وَاَنَّ عَذَابِيْ هُوَ الْعَذَابُ الْاَلِيْمُ
wa anna ‘ażābī huwal-‘ażābul-alīm(u).
अऊर सचमुच मोर सजा बहुत दर्दनाक सजा है।
وَنَبِّئْهُمْ عَنْ ضَيْفِ اِبْرٰهِيْمَۘ
wa nabbi'hum ‘an ḍaifi ibrāhīm(a).
अऊर (मुहम्मद) ओनका इब्राहिम के मेहमान (देवदूत) के बारे मा सूचित करा।
اِذْ دَخَلُوْا عَلَيْهِ فَقَالُوْا سَلٰمًاۗ قَالَ اِنَّا مِنْكُمْ وَجِلُوْنَ
iż dakhalū ‘alaihi fa qālū salāmā(n), qāla innā minkum wajilūn(a).
जब उइ वहि जगह मा घुसे, तब उइ कहिन, "नमस्कार।" उ (इब्राहिम) कहिन, "हम सचमुच तुमसे डरत हैं।"
قَالُوْا لَا تَوْجَلْ اِنَّا نُبَشِّرُكَ بِغُلٰمٍ عَلِيْمٍ
qālū lā taujal innā nubasysyiruka bigulāmin ‘alīm(in).
(उन) कहिन, "डरो मत, हम तोहका (एक) बेटवा (जे होई) एक चतुर मनई (इसाक) के अच्छी खबर देत हई।"
قَالَ اَبَشَّرْتُمُوْنِيْ عَلٰٓى اَنْ مَّسَّنِيَ الْكِبَرُ فَبِمَ تُبَشِّرُوْنَ
qāla abasysyartumūnī ‘alā am massaniyal-kibaru fa bima tubasysyirūn(a).
उ (इब्राहिम) कहिन, "का ई सच है कि तुम मोका बूढ़ होइके भी खुशखबरी दिहिन, फिर (कउन तरह से) तुम उ (सुखखबरी) दिहिन?"
قَالُوْا بَشَّرْنٰكَ بِالْحَقِّ فَلَا تَكُنْ مِّنَ الْقٰنِطِيْنَ
qālū basysyarnāka bil-ḥaqqi falā takum minal-qāniṭīn(a).
(उन) जवाब दिहिन, "हम तोहका सुसमाचार सही ढंग से पहुँचावत हैं, एहसे निराश होय वालेन मा से न होइ।"
قَالَ وَمَنْ يَّقْنَطُ مِنْ رَّحْمَةِ رَبِّهٖٓ اِلَّا الضَّاۤلُّوْنَ
qāla wa may yaqnaṭu mir raḥmati rabbihī illaḍ-ḍāllūn(a).
उ (इब्राहिम) कहिन, "कोऊ भी अपने प्रभु के दया से निराश नाहीं होत है, सिवाय ओनके जे भटक जात हैं।"
قَالَ فَمَا خَطْبُكُمْ اَيُّهَا الْمُرْسَلُوْنَ
qāla famā khaṭbukum ayyuhal-mursalūn(a).
उ (इब्राहिम) कहिन, "हे दूतन, आपका का महत्वपूर्ण काम है?"
قَالُوْٓا اِنَّآ اُرْسِلْنَآ اِلٰى قَوْمٍ مُّجْرِمِيْنَۙ
qālū innā ursilnā ilā qaumim mujrimīn(a).
(उ पचे) जवाब दिहेन, “सचमुच हमका पापी लोगन मँ भेजा गा रहा;
اِلَّآ اٰلَ لُوْطٍۗ اِنَّا لَمُنَجُّوْهُمْ اَجْمَعِيْنَۙ
illā āla lūṭ(in), innā lamunajjūhum ajma‘īn(a).
लूत के अनुयायियन का छोड़ि के। सचमुच हम ओन सबका निस्चय ही बचाइब,
اِلَّا امْرَاَتَهٗ قَدَّرْنَآ اِنَّهَا لَمِنَ الْغٰبِرِيْنَ ࣖ
illamra'atahū qaddarnā innahā laminal-gābirīn(a).
ओकरे पत्नी का छोड़ि के, हम तय किहेन कि उ पीछे छोड़े गए लोगन मा से एक है (अन्य काफिरन के साथ)।”
فَلَمَّا جَاۤءَ اٰلَ لُوْطِ ِۨالْمُرْسَلُوْنَۙ
falammā jā'a āla lūṭinil-mursalūn(a).
त जब दूत लूत के अनुयायियन के पास आवा,
قَالَ اِنَّكُمْ قَوْمٌ مُّنْكَرُوْنَ
qāla innakum qaumum munkarūn(a).
उ (लूत) कहिन, "वास्तव मा तुम अइसन मनई हौ जेका हम नाहीं जानित।"
قَالُوْا بَلْ جِئْنٰكَ بِمَا كَانُوْا فِيْهِ يَمْتَرُوْنَ
qālū bal ji'nāka bimā kānū fīhi yamtarūn(a).
(दूतों) ने जवाब दिया, "वास्तव में हम तोहरे पास उ सजा लइके आए हई जेसे उ हमेशा नकारत रहे
وَاَتَيْنٰكَ بِالْحَقِّ وَاِنَّا لَصٰدِقُوْنَ
wa ataināka bil-ḥaqqi wa innā laṣādiqūn(a).
अऊर हम आपके पास सच्चाई लइके आवत हैं अऊर वास्तव मा, हम सच्चा लोग हैं।
فَاَسْرِ بِاَهْلِكَ بِقِطْعٍ مِّنَ الَّيْلِ وَاتَّبِعْ اَدْبَارَهُمْ وَلَا يَلْتَفِتْ مِنْكُمْ اَحَدٌ وَّامْضُوْا حَيْثُ تُؤْمَرُوْنَ
fa asri bi'ahlika biqiṭ‘im minal-laili wattabi‘ adbārahum wa lā yaltafit minkum aḥaduw wamḍū ḥaiṡu tu'marūn(a).
तौ अपने परिवार के साथे शाम के अंत मा बाहर जा, अऊर ओनके पीछे पीछे जा। तोहरे मँ से केहू का पीछे मुड़ के देखै न देइ अऊर उहइ जगह तक आपन यात्रा जारी रखइ देइ जहाँ तोहका जाय का हुकुम मिला रहा।"
وَقَضَيْنَآ اِلَيْهِ ذٰلِكَ الْاَمْرَ اَنَّ دَابِرَ هٰٓؤُلَاۤءِ مَقْطُوْعٌ مُّصْبِحِيْنَ
wa qaḍainā ilaihi żālikal-amra anna dābira hā'ulā'i maqṭū‘um muṣbiḥīn(a).
अऊर हमने ओनके (लूत) पर फैसला किहिन है कि उ लोग अंततः भोर मा नष्ट होइ जइहैं।
وَجَاۤءَ اَهْلُ الْمَدِيْنَةِ يَسْتَبْشِرُوْنَ
wa jā'a ahlul-madīnati yastabsyirūn(a).
अऊर नगर के लोग (अतिथि के आवै के कारण) खुशी से (लूत के घर) आइन।
قَالَ اِنَّ هٰٓؤُلَاۤءِ ضَيْفِيْ فَلَا تَفْضَحُوْنِۙ
qāla inna hā'ulā'i ḍaifī falā tafḍaḥūn(i).
उ (लूत) कहिन, "सचमुच उई मोर मेहमान हैं, एहसे मोका शर्मिंदा न करा;
وَاتَّقُوا اللّٰهَ وَلَا تُخْزُوْنِ
wattaqullāha wa lā tukhzūn(i).
अऊर अल्लाह से डरौ अऊर मोर अपमान न करौ।"
قَالُوْٓا اَوَلَمْ نَنْهَكَ عَنِ الْعٰلَمِيْنَ
qālū awalam nanhaka ‘anil-‘ālamīn(a).
(उन) कहिन, "का हम तोहका मनुष्यन के (रक्षा) करै से मना नाहीं किहेन?"
قَالَ هٰٓؤُلَاۤءِ بَنٰتِيْٓ اِنْ كُنْتُمْ فٰعِلِيْنَۗ
qāla hā'ulā'i banātī in kuntum fā‘ilīn(a).
उ (लूत) कहिन, "अगर तुम चाहत हौ तौ उ मोर (देश) के बिटिया हैं (उनसे शादी करौ।"
لَعَمْرُكَ اِنَّهُمْ لَفِيْ سَكْرَتِهِمْ يَعْمَهُوْنَ
la‘amruka innahum lafī sakratihim ya‘mahūn(a).
(अल्लाह ने कहा), "तुम्हारी उम्र से (मुहम्मद), वास्तव में, वे नशा (भटकाव) में झुलस जात हैं।"
فَاَخَذَتْهُمُ الصَّيْحَةُ مُشْرِقِيْنَۙ
fa akhażathumuṣ-ṣaiḥatu musyriqīn(a).
यहिसे जब सूरज उगै वाला रहा तौ जोर से गरजत आवाज से उइ नष्ट होइ गें।
فَجَعَلْنَا عَالِيَهَا سَافِلَهَا وَاَمْطَرْنَا عَلَيْهِمْ حِجَارَةً مِّنْ سِجِّيْلٍ
fa ja‘alnā ‘āliyahā sāfilahā wa amṭarnā ‘alaihim ḥijāratam min sijjīl(in).
यहिसे हम (भूमि) का उल्टा कर दिहेन अऊर हम ओनके ऊपर कठोर धरती से पत्थर बरसाइन।
اِنَّ فِيْ ذٰلِكَ لَاٰيٰتٍ لِّلْمُتَوَسِّمِيْنَۙ
inna fī żālika la'āyātil lil-mutawassimīn(a).
दरअसल, ई बात मा कि संकेतन पर ध्यान देय वालेन के लिए (अल्लाह के शक्ति के) सही मायने मा संकेत हैं,
وَاِنَّهَا لَبِسَبِيْلٍ مُّقِيْمٍ
wa innahā labisabīlim muqīm(in).
अऊर वास्तव मा, (देश) वास्तव मा एक सड़क पर पड़ा है जवन अबहियों (मनुष्यन द्वारा यात्रा कीन जात है) है।
اِنَّ فِيْ ذٰلِكَ لَاٰيَةً لِّلْمُؤْمِنِيْنَۗ
inna fī żālika la'āyatal lil-mu'minīn(a).
दरअसल, यहिमा सही मायने मा एक निशानी (अल्लाह के शक्ति) है, जे विश्वास करत हैं।
وَاِنْ كَانَ اَصْحٰبُ الْاَيْكَةِ لَظٰلِمِيْنَۙ
wa in kāna aṣḥābul-aikati laẓālimīn(a).
अऊर वाकई ऐका के लोग सही मायने मा एक अन्यायी लोग हैं
فَانْتَقَمْنَا مِنْهُمْۘ وَاِنَّهُمَا لَبِاِمَامٍ مُّبِيْنٍۗ ࣖ
fantaqamnā minhum, wa innahumā labi'imāmim mubīn(in).
यहिसे हम ओनका नष्ट कइ दिहेन। अऊर वास्तव मा दुइनौ (देश) एक राजमार्ग पर स्थित हैं।
وَلَقَدْ كَذَّبَ اَصْحٰبُ الْحِجْرِ الْمُرْسَلِيْنَۙ
wa laqad każżaba aṣḥābul-ḥijril-mursalīn(a).
अऊर निश्चय ही हिजर देश के लोग (अपने) दूतों से पूरी तरह से झूठ बोले हैं,
وَاٰتَيْنٰهُمْ اٰيٰتِنَا فَكَانُوْا عَنْهَا مُعْرِضِيْنَۙ
wa ātaināhum āyātinā fa kānū ‘anhā mu‘riḍīn(a).
अऊर हम ओनके लिए आपन चिन्ह (शक्ति) लाए हई, लेकिन उ हमेशा ओनसे दूर रहत हैं,
وَكَانُوْا يَنْحِتُوْنَ مِنَ الْجِبَالِ بُيُوْتًا اٰمِنِيْنَ
wa kānū yanḥitūna minal-jibāli buyūtan āminīn(a).
अऊर उइ सुरक्षा के भावना के साथ चट्टान से घर उकेरत रहें, (जेहिमा उइ रहत रहें)।
فَاَخَذَتْهُمُ الصَّيْحَةُ مُصْبِحِيْنَۙ
fa akhażathumuṣ-ṣaiḥatu muṣbiḥīn(a).
तब उ सबेरे गरजत एक जोरदार आवाज से नष्ट होइ गए,
فَمَآ اَغْنٰى عَنْهُمْ مَّا كَانُوْا يَكْسِبُوْنَۗ
famā agnā ‘anhum mā kānū yaksibūn(a).
ताकि उ उनके लिए बेकार है, जेकरे लिए उ लोग मेहनत किहिन हैं।
وَمَا خَلَقْنَا السَّمٰوٰتِ وَالْاَرْضَ وَمَا بَيْنَهُمَآ اِلَّا بِالْحَقِّۗ وَاِنَّ السَّاعَةَ لَاٰتِيَةٌ فَاصْفَحِ الصَّفْحَ الْجَمِيْلَ
wa mā khalaqnas-samāwāti wal-arḍa wa mā bainahumā illā bil-ḥaqq(i), wa innas-sā‘ata la'ātiyatun faṣfaḥiṣ-ṣafḥal-jamīl(a).
अऊर हम आकाश अऊर पृथ्वी अऊर ओनके बीच का नाहीं बनाइन, बल्कि सच्चाई से बनाइन। अऊर वास्तव मा, सर्वनाश निश्चित रूप से आवै वाला है, यहिसे (उनका) एक अच्छा तरीका से माफ करौ।
اِنَّ رَبَّكَ هُوَ الْخَلّٰقُ الْعَلِيْمُ
inna rabbaka huwal-khallāqul-‘alīm(u).
निश्चय ही तुम्हारा प्रभु, उ सर्वरचना, सर्वज्ञ है।
وَلَقَدْ اٰتَيْنٰكَ سَبْعًا مِّنَ الْمَثَانِيْ وَالْقُرْاٰنَ الْعَظِيْمَ
wa laqad ātaināka sab‘am minal-maṡānī wal-qur'ānal-‘aẓīm(a).
अऊर सचमुच, हम तोहका सात (आयत) दिहिन हैं जवन बार-बार (पढ़ा जात हैं) अऊर महान कुरान।
لَا تَمُدَّنَّ عَيْنَيْكَ اِلٰى مَا مَتَّعْنَا بِهٖٓ اَزْوَاجًا مِّنْهُمْ وَلَا تَحْزَنْ عَلَيْهِمْ وَاخْفِضْ جَنَاحَكَ لِلْمُؤْمِنِيْنَ
lā tamuddanna ‘ainaika ilā mā matta‘nā bihī azwājam minhum wa lā taḥzan ‘alaihim wakhfiḍ janāḥaka lil-mu'minīn(a).
आप (मुहम्मद) कभी भी जीवन के सुखन के ओर आपन नजर न घुमाओ, जेका हम ओनके कुछ समूहन (अविश्वासियन) का दिहे हई, अऊर ओनके प्रति दुखी न हो अऊर विश्वास करै वालेन के प्रति विनम्र हो।
وَقُلْ اِنِّيْٓ اَنَا النَّذِيْرُ الْمُبِيْنُۚ
wa qul innī anan-nażīrul-mubīn(u).
अऊर कहौ (मुहम्मद), "वास्तव मा मैं एक स्पष्ट चेतावनी देय वाला हउँ।"
كَمَآ اَنْزَلْنَا عَلَى الْمُقْتَسِمِيْنَۙ
kamā anzalnā ‘alal-muqtasimīn(a).
जइसे कि (हम चेतावनी दिहे रहेन), हम (अल्लाह के किताब) का छाँटै वालेन का (दंड) उतार दिहे रहेन,
الَّذِيْنَ جَعَلُوا الْقُرْاٰنَ عِضِيْنَ
allażīna ja‘alul-qur'āna ‘iḍīn(a).
(अर्थात) कुरान बनावै वाले लोग बँट गए रहे।
فَوَرَبِّكَ لَنَسْـَٔلَنَّهُمْ اَجْمَعِيْنَۙ
fa wa rabbika lanas'alannahum ajma‘īn(a).
त आपके प्रभु के द्वारा, हम निश्चित रूप से ओन सब से सवाल करब,
عَمَّا كَانُوْا يَعْمَلُوْنَ
‘ammā kānū ya‘malūn(a).
पहिले का किहिन हैं, यहिके बारे मा।
فَاصْدَعْ بِمَا تُؤْمَرُ وَاَعْرِضْ عَنِ الْمُشْرِكِيْنَ
faṣda‘ bimā tu'maru wa a‘riḍ ‘anil-musyrikīn(a).
तौ (मुहम्मद) का हर बात का खुल के बतावा जवन (तुमसे) आज्ञा दीन गा है अऊर मुशर्कियन से मुँह फेरौ।
اِنَّا كَفَيْنٰكَ الْمُسْتَهْزِءِيْنَۙ
innā kafainākal-mustahzi'īn(a).
सचमुच, हम तोहका (मुहम्मद) (तुम्हारा) मजाक उड़ावै वालेन (के बुराई) से बचावत हैं,
الَّذِيْنَ يَجْعَلُوْنَ مَعَ اللّٰهِ اِلٰهًا اٰخَرَۚ فَسَوْفَ يَعْلَمُوْنَ
allażīna yaj‘alūna ma‘allāhi ilāhan ākhar(a), fa saufa ya‘lamūn(a).
(अर्थात) लोग जे अल्लाह के अलावा अन्य देवतन के अस्तित्व का मानत हैं; बाद मा उनका पता चली (परिणाम)।
وَلَقَدْ نَعْلَمُ اَنَّكَ يَضِيْقُ صَدْرُكَ بِمَا يَقُوْلُوْنَۙ
wa laqad na‘lamu annaka yaḍīqu ṣadruka bimā yaqūlūn(a).
अऊर सचमुच, हम जानित है कि ओनके कहे के कारण तोहार छाती संकरी होइ जात है
فَسَبِّحْ بِحَمْدِ رَبِّكَ وَكُنْ مِّنَ السّٰجِدِيْنَۙ
fa sabbiḥ biḥamdi rabbika wa kum minas-sājidīn(a).
त अपने प्रभु के स्तुति कइके अपने आप का महिमा करा अऊर सजदा करै वालेन मा से रहा,
وَاعْبُدْ رَبَّكَ حَتّٰى يَأْتِيَكَ الْيَقِيْنُ ࣖࣖ
wa‘bud rabbaka ḥattā ya'tiyakal-yaqīn(u).
अऊर अपने प्रभु का तब तक पूजा करा जब तक कि निश्चितता (मौत) आपके पास न आ जाय।