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इस्लाम अल-हक़: क़ुरआन और हदीस
(सच्चा इस्लाम)



विषय - अल-कुरान कुरान का रहस्योद्घाटन पैगंबर और गेब्रियल ने कुरान का पाठ दोहराया
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कुल श्लोक : 5
16
Q.S अल-Qiyamah (75:16)

لَا تُحَرِّكْ بِهٖ لِسَانَكَ لِتَعْجَلَ بِهٖۗ

lā tuḥarrik bihī lisānaka lita‘jala bih(ī).

(मुहम्मद) तुम अपनी जीभ को (अल-क़ुरआन पढ़ने के लिए) जल्दबाजी में न हिलाओ।


17
Q.S अल-Qiyamah (75:17)

اِنَّ عَلَيْنَا جَمْعَهٗ وَقُرْاٰنَهٗ ۚ

inna ‘alainā jam‘ahū wa qur'ānah(ū).

निश्चित रूप से, हम ही इसे (तुम्हारे सीने में) इकट्ठा करेंगे और इसे पढ़वाएंगे।


18
Q.S अल-Qiyamah (75:18)

فَاِذَا قَرَأْنٰهُ فَاتَّبِعْ قُرْاٰنَهٗ ۚ

fa iżā qara'nāhu fattabi‘ qur'ānah(ū).

जब हम इसे पढ़ चुके हों, तो तुम उसके पढ़ने का अनुसरण करो।


19
Q.S अल-Qiyamah (75:19)

ثُمَّ اِنَّ عَلَيْنَا بَيَانَهٗ ۗ

Ṡumma inna ‘alainā bayānah(ū).

फिर निश्चित रूप से, हम ही इसे स्पष्ट करेंगे।


6
Q.S अल-ए' ला (87:6)

سَنُقْرِئُكَ فَلَا تَنْسٰىٓ ۖ

sanuqri'uka falā tansā.

हम तुझ पर (क़ुरआन) पढ़ेंगे ताकि तू भूले नहीं,