ذٰلِكَ الْكِتٰبُ لَا رَيْبَ ۛ فِيْهِ ۛ هُدًى لِّلْمُتَّقِيْنَۙ
Żālikal-kitābu lā raiba fīh(i), hudal lil-muttaqīn(a).
इण किताब (कुरान) मांय इण मांय कोई संदेह कोनी है; पुण्यवान लोगां रै वास्तै मार्गदर्शन
نَزَّلَ عَلَيْكَ الْكِتٰبَ بِالْحَقِّ مُصَدِّقًا لِّمَا بَيْنَ يَدَيْهِ وَاَنْزَلَ التَّوْرٰىةَ وَالْاِنْجِيْلَۙ
nazzala ‘alaikal-kitāba bil-ḥaqqi muṣaddiqal limā baina yadaihi wa anzalat-taurāta wal-injīl(a).
उण थारै (मुहम्मद) नै एक किताब (अल-कुरान) भेजी जिण मांय साच है, पैली री किताबां री पुष्टि है, अर तौरात अर सुसमाचार नै प्रकट करियो है,
هٰذَا بَيَانٌ لِّلنَّاسِ وَهُدًى وَّمَوْعِظَةٌ لِّلْمُتَّقِيْنَ
hāżā bayānul lin-nāsi wa hudaw wa mau‘iẓatul lil-muttaqīn(a).
आ (कुरान) सगळी मिनखजात रै वास्तै साफ जाणकारी है अर धर्मी लोगां रै वास्तै एक मार्गदर्शक अर सबक है।
يٰٓاَيُّهَا الَّذِيْنَ اٰمَنُوْٓا اَطِيْعُوا اللّٰهَ وَاَطِيْعُوا الرَّسُوْلَ وَاُولِى الْاَمْرِ مِنْكُمْۚ فَاِنْ تَنَازَعْتُمْ فِيْ شَيْءٍ فَرُدُّوْهُ اِلَى اللّٰهِ وَالرَّسُوْلِ اِنْ كُنْتُمْ تُؤْمِنُوْنَ بِاللّٰهِ وَالْيَوْمِ الْاٰخِرِۗ ذٰلِكَ خَيْرٌ وَّاَحْسَنُ تَأْوِيْلًا ࣖ
yā ayyuhal-lażīna āmanū aṭī‘ullāha wa aṭī‘ur-rasūla wa ulil-amri minkum, fa in tanāza‘tum fī syai'in fa ruddhu ilallāhi war-rasūli in kuntum tu'minūna billāhi wal-yaumil-ākhir(i), żālika khairuw wa aḥsanu ta'wīlā(n).
हे विस्वास करण आळा! अल्लाह री आज्ञा मानो अर रसूल (मुहम्मद) री आज्ञा मानो, अर थारै मांय सूं उलील अमरी (अधिकार) री आज्ञा मानो। फेर, जे थैं किणी बात माथै मतभेद राखो हो, तो वा अल्लाह (कुरान) अर रसूल (उणरी सुन्नत) नै पाछी दे दो, जे थैं अल्लाह अर आखरी दिन माथै विस्वास करो हो। ओ (थारै वास्तै) घणो जरूरी है अर इणरा परिणाम भी चोखा है।
اَفَلَا يَتَدَبَّرُوْنَ الْقُرْاٰنَ ۗ وَلَوْ كَانَ مِنْ عِنْدِ غَيْرِ اللّٰهِ لَوَجَدُوْا فِيْهِ اخْتِلَافًا كَثِيْرًا
afalā yatadabbarūnal-qur'ān(a), wa lau kāna min ‘indi gairillāhi lawajadū fīhikhtilāfan kaṡīrā(n).
तो कांई वे कुरान री कदर कोनी करै? जे (कुरान) अल्लाह री तरफ सूं नीं होतो तो बांनै इण मांय घणी विरोधाभासी बातां मिलती।
يٰٓاَهْلَ الْكِتٰبِ قَدْ جَاۤءَكُمْ رَسُوْلُنَا يُبَيِّنُ لَكُمْ كَثِيْرًا مِّمَّا كُنْتُمْ تُخْفُوْنَ مِنَ الْكِتٰبِ وَيَعْفُوْا عَنْ كَثِيْرٍەۗ قَدْ جَاۤءَكُمْ مِّنَ اللّٰهِ نُوْرٌ وَّكِتٰبٌ مُّبِيْنٌۙ
yā ahlal-kitābi qad jā'akum rasūlunā yubayyinu lakum kaṡīram mimmā kuntum tukhfūna minal-kitābi wa ya‘fū ‘an kaṡīr(in), qad jā'akum minallāhi nūruw wa kitābum mubīn(un).
हे किताब रा लोग! साचाणी, म्हारा दूत थारै कनै आया है, अर थानै घणी सारी किताबां नै समझायो जिणनै थै छुपायो हो अर जिणनै थै अनदेखो कर दियो हो। साची, थारै कनै अल्लाह री तरफ सूं एक रोशनी अर एक साफ किताब आई है।
يَّهْدِيْ بِهِ اللّٰهُ مَنِ اتَّبَعَ رِضْوَانَهٗ سُبُلَ السَّلٰمِ وَيُخْرِجُهُمْ مِّنَ الظُّلُمٰتِ اِلَى النُّوْرِ بِاِذْنِهٖ وَيَهْدِيْهِمْ اِلٰى صِرَاطٍ مُّسْتَقِيْمٍ
yahdī bihillāhi manittaba‘a riḍwānahū subulas-salāmi wa yukhrijuhum minaẓ-ẓulumāti ilan-nūri bi'iżnihī wa yahdīhim ilā ṣirāṭim mustaqīm(in).
इणरै साथै अल्लाह आपरी इच्छा रो पालन करण आळा लोगां नै मोक्ष रै मारग माथै ले जावै है अर (इण किताब रै साथै भी) अल्लाह उण मिनख नै आपरी इजाजत सूं पूरै अंधेरै सूं बारै काढ’र उजास मांय ले जावै है अर उणनै सीधो मारग माथै दिखावै है।
وَلْيَحْكُمْ اَهْلُ الْاِنْجِيْلِ بِمَآ اَنْزَلَ اللّٰهُ فِيْهِۗ وَمَنْ لَّمْ يَحْكُمْ بِمَآ اَنْزَلَ اللّٰهُ فَاُولٰۤىِٕكَ هُمُ الْفٰسِقُوْنَ
walyaḥkum ahlul-injīli bimā anzalallāhu fīh(i), wa mal lam yaḥkum bimā anzalallāhu fa ulā'ika humul-fasiqūn(a).
अर सुसमाचार रा अनुयायियां नै अल्लाह रै मांय बताई गई बातां रै मुजब मामलां रो फैसलो करणो चाइजै। जो कोई भी अल्लाह रै बतायोड़ा मुजब मामला रो फैसलो नीं करै, तो वै दुष्ट है।
وَاَنْزَلْنَآ اِلَيْكَ الْكِتٰبَ بِالْحَقِّ مُصَدِّقًا لِّمَا بَيْنَ يَدَيْهِ مِنَ الْكِتٰبِ وَمُهَيْمِنًا عَلَيْهِ فَاحْكُمْ بَيْنَهُمْ بِمَآ اَنْزَلَ اللّٰهُ وَلَا تَتَّبِعْ اَهْوَاۤءَهُمْ عَمَّا جَاۤءَكَ مِنَ الْحَقِّۗ لِكُلٍّ جَعَلْنَا مِنْكُمْ شِرْعَةً وَّمِنْهَاجًا ۗوَلَوْ شَاۤءَ اللّٰهُ لَجَعَلَكُمْ اُمَّةً وَّاحِدَةً وَّلٰكِنْ لِّيَبْلُوَكُمْ فِيْ مَآ اٰتٰىكُمْ فَاسْتَبِقُوا الْخَيْرٰتِۗ اِلَى اللّٰهِ مَرْجِعُكُمْ جَمِيْعًا فَيُنَبِّئُكُمْ بِمَا كُنْتُمْ فِيْهِ تَخْتَلِفُوْنَۙ
wa anzalnā ilaikal-kitāba bil-ḥaqqi muṣaddiqal limā baina yadaihi minal-kitābi wa muhaiminan ‘alaihi faḥkum bainahum bimā anzalallāhu wa lā tattabi‘ ahwā'ahum ‘ammā jā'aka minal-ḥaqq(i), likullin ja‘alnā minkum syir‘ataw wa minhājā(n), wa lau syā'allāhu laja‘alakum ummataw wāḥidataw wa lākil liyabluwakum fī mā ātākum fastabiqul-khairāt(i), ilallāhi marji‘ukum jamī‘an fa yunabbi'ukum bimā kuntum fīhi takhtalifūn(a).
अर म्हे थानै (मुहम्मद) किताब (अल-कुरान) उतार दी है जिण मांय साच ल्यायो गयो है, जिणसूं पैली सूं नाजल हुई किताबां री पुष्टि हुवै है अर बां री रक्षा करै है, इण वास्तै अल्लाह रै नाजल हुयोड़ा मुजब बां रा मामला तय करो अर थारै कनै आया साच नै त्याग’र बां री इच्छावां रो पालन नीं करो। थारै मांय सूं हरेक मिनख रै वास्तै, म्हे नियम अर एक साफ मारग देवां हां। जे अल्लाह चावतो तो वो थानै एक ई लोग बणा देतो, पण अल्लाह थानै दियोड़ा वरदानां रै बाबत थानै परखणो चावै है, सो भला काम करण री होड़ करो। थै सगळा फगत अल्लाह रै कनै पाछा जावोला, फेर वो थानै बतावैला कै थै पैली कांई झगड़ो करियो हो।
وَاَنِ احْكُمْ بَيْنَهُمْ بِمَآ اَنْزَلَ اللّٰهُ وَلَا تَتَّبِعْ اَهْوَاۤءَهُمْ وَاحْذَرْهُمْ اَنْ يَّفْتِنُوْكَ عَنْۢ بَعْضِ مَآ اَنْزَلَ اللّٰهُ اِلَيْكَۗ فَاِنْ تَوَلَّوْا فَاعْلَمْ اَنَّمَا يُرِيْدُ اللّٰهُ اَنْ يُّصِيْبَهُمْ بِبَعْضِ ذُنُوْبِهِمْ ۗوَاِنَّ كَثِيْرًا مِّنَ النَّاسِ لَفٰسِقُوْنَ
wa aniḥkum bainahum bimā anzalallāhu wa lā tattabi‘ ahwā'ahum waḥżarūhum ay yaftinūka ‘am ba‘ḍi mā anzalallāhu ilaik(a), fa in tawallau fa‘lam annamā yurīdullāhu ay yuṣībahum biba‘ḍi żunūbihim, wa inna kaṡīram minan-nāsi lafāsiqūn(a).
अर बां रै बीच रा मामलां नै अल्लाह रै मुजब तय करो अर बां री इच्छावां रो पालन नीं करो। अर बां सूं सावधान रैवो, कठैई वे थानै अल्लाह रै बारै में बताई गई बातां रै मांय धोखो नीं देवै। जे वे (अल्लाह रै द्वारा बताई गई कानून सूं) मुड़ जावै है, तो जाण ल्यो कै अल्लाह बां रै केई पापां रै कारण बां माथै दुर्भाग्य लावण रो इरादो राखै है। अर साची, घणकरा मिनख दुष्ट लोग है।
اَفَحُكْمَ الْجَاهِلِيَّةِ يَبْغُوْنَۗ وَمَنْ اَحْسَنُ مِنَ اللّٰهِ حُكْمًا لِّقَوْمٍ يُّوْقِنُوْنَ ࣖ
afaḥukmul-jāhiliyyati yabgūn(a), wa man aḥsanu minallāhi ḥukmal liqaumiy yūqinūn(a).
जाहिलिया रो कानून कांई है जिणनै वे चावै है? (आपरै धरम) माथै विस्वास करण आळा लोगां रै वास्तै अल्लाह रै कानून सूं चोखो (कानून) किण रो (कानून) है?
وَكَذَّبَ بِهٖ قَوْمُكَ وَهُوَ الْحَقُّۗ قُلْ لَّسْتُ عَلَيْكُمْ بِوَكِيْلٍ ۗ
wa każżaba bihī qaumuka wa huwal-ḥaqq(u), qul lastu ‘alaikum biwakīl(in).
अर थारा लोग इणनै (दंड) नकार देवै है भलांई ओ (दंड) साच है। (मुहम्मद) कैवो, "मैं थारै माथै प्रभारी कोनी।"
وَهٰذَا كِتٰبٌ اَنْزَلْنٰهُ مُبٰرَكٌ مُّصَدِّقُ الَّذِيْ بَيْنَ يَدَيْهِ وَلِتُنْذِرَ اُمَّ الْقُرٰى وَمَنْ حَوْلَهَاۗ وَالَّذِيْنَ يُؤْمِنُوْنَ بِالْاٰخِرَةِ يُؤْمِنُوْنَ بِهٖ وَهُمْ عَلٰى صَلَاتِهِمْ يُحٰفِظُوْنَ
wa hāżā kitābun anzalnāhu mubārakum muṣaddiqul-lażī baina yadaihi wa litunżira ummal-qurā wa man ḥaulahā, wal-lażīna yu'minūna bil-ākhirati yu'minūna bihī wa hum ‘alā ṣalātihim yuḥāfiẓūn(a).
अर यो (अल-कुरान), एक किताब जिणनै म्हे घणी आशीर्वाद रै साथै भेजी है, बां किताबां री पुष्टि करै है जिकी पैली (अनकला) हुई ही अर इण वास्तै थै (उम्मुल कुरान) (मक्का) रै रैवासियां नै अर उणरै आसै-पासै रै लोगां नै चेतावनी देवो। परलोक माथै विस्वास करण आळा लोग निश्चित रूप सूं इणनै (कुरान) माथै विस्वास करै है, अर वे हमेशा आपरी नमाजां नै निभावै है।
وَهٰذَا كِتٰبٌ اَنْزَلْنٰهُ مُبٰرَكٌ فَاتَّبِعُوْهُ وَاتَّقُوْا لَعَلَّكُمْ تُرْحَمُوْنَۙ
wa hāżā kitābun anzalnāhu mubārakun fattabi‘ūhu wattaqū la‘allakum turḥamūn(a).
अर आ वा किताब (अल-कुरान) है जिणनै म्हे बरकत सूं भरी उतारी है। इणरो पालन करो अर धर्मी बणो ताकि थनै दया मिल सकै।
اَوْ تَقُوْلُوْا لَوْ اَنَّآ اُنْزِلَ عَلَيْنَا الْكِتٰبُ لَكُنَّآ اَهْدٰى مِنْهُمْۚ فَقَدْ جَاۤءَكُمْ بَيِّنَةٌ مِّنْ رَّبِّكُمْ وَهُدًى وَّرَحْمَةٌ ۚفَمَنْ اَظْلَمُ مِمَّنْ كَذَّبَ بِاٰيٰتِ اللّٰهِ وَصَدَفَ عَنْهَا ۗسَنَجْزِى الَّذِيْنَ يَصْدِفُوْنَ عَنْ اٰيٰتِنَا سُوْۤءَ الْعَذَابِ بِمَا كَانُوْا يَصْدِفُوْنَ
au taqūlū lau annā unzila ‘alainal-kitābu lakunnā ahdā minhum, faqad jā'akum bayyinatum mir rabbikum wa hudaw wa raḥmah(tun), faman aẓlamu mimman każżaba bi'āyātillāhi wa ṣadafa ‘anhā, sanajzil-lażīna yaṣdifūna ‘an āyātinā sū'al-‘ażābi bimā kānū yaṣdifūn(a).
या फेर थै (नहीं) कैवो, "अगर किताब म्हारै माथै प्रगट होवती तो म्हानै बां सूं बेसी मार्गदर्शन मिलतो।" साची, थारै कनै थारै प्रभु री तरफ सूं एक साफ व्याख्या, मार्गदर्शन अर दया आई है। अल्लाह री आयतां सूं मुकर जावै अर उणसूं मुड़ जावै, उणसूं बत्तो अन्याय कुण है? आगै चाल'र, आपां बांनै कठोर सजा सूं इनाम देवांला, क्यूंकै वै हमेशा दूर रैवैला।
قَالَ اهْبِطُوْا بَعْضُكُمْ لِبَعْضٍ عَدُوٌّ ۚوَلَكُمْ فِى الْاَرْضِ مُسْتَقَرٌّ وَّمَتَاعٌ اِلٰى حِيْنٍ
qālahbiṭū ba‘ḍukum liba‘ḍin ‘aduww(un), wa lakum fil-arḍi mustaqarruw wa matā‘un ilā ḥīn(in).
(अल्लाह) कह्यो, "नीचै जावो! थै एक दूजा सूं दुश्मनी करस्यो। धरती थारो निवास अर सुख है जद तांई तय बगत नीं आ जावै।"
وَلَقَدْ جِئْنٰهُمْ بِكِتٰبٍ فَصَّلْنٰهُ عَلٰى عِلْمٍ هُدًى وَّرَحْمَةً لِّقَوْمٍ يُّؤْمِنُوْنَ
wa laqad ji'nāhum bikitābin faṣṣalnāhu ‘alā ‘ilmin hudaw wa raḥmatal liqaumiy yu'minūn(a).
साचाणी, आपां बां रै वास्तै किताब (कुरान) ल्याया है, जिणनै आपां ज्ञान रै आधार माथै समझायो है, जिणनै आपां इश्वासी लोगां रै वास्तै मार्गदर्शन अर दया रै रूप मांय ल्याया है।
وَاِذَا لَمْ تَأْتِهِمْ بِاٰيَةٍ قَالُوْا لَوْلَا اجْتَبَيْتَهَاۗ قُلْ اِنَّمَآ اَتَّبِعُ مَا يُوْحٰٓى اِلَيَّ مِنْ رَّبِّيْۗ هٰذَا بَصَاۤىِٕرُ مِنْ رَّبِّكُمْ وَهُدًى وَّرَحْمَةٌ لِّقَوْمٍ يُّؤْمِنُوْنَ
wa iżā lam ta'tihim bi'āyatin qālū lau lajtabaitahā, qul inamā attabi‘u mā yūḥā ilayya mir rabbī, hāżā baṣā'iru mir rabbikum wa hudaw wa raḥmatul liqaumiy yu'minūn(a).
अर जे थै (मुहम्मद) बांनै कोई आयत नीं पढ़ोला तो वै कैवेला कै थै खुद ई आयत क्यूं कोनी बणाओला? (मुहम्मद) कैवो, "वास्तव में, मैं फगत उणी बात रो पालन करूं जिणनै म्हारै प्रभु म्हारै माथै बतायो है। (अल-कुरान) ये थारै प्रभु री तरफ सूं साफ सबूत है, विस्वास करणियां रै वास्तै मार्गदर्शन अर दया है।"
هُوَ الَّذِيْٓ اَرْسَلَ رَسُوْلَهٗ بِالْهُدٰى وَدِيْنِ الْحَقِّ لِيُظْهِرَهٗ عَلَى الدِّيْنِ كُلِّهٖۙ وَلَوْ كَرِهَ الْمُشْرِكُوْنَ
huwal-lażī arsala rasūlahū bil-hudā wa dīnil-ḥaqqi liyuẓhirahū ‘alad-dīni kullih(ī), wa lau karihal-musyrikūn(a).
वो ही है जिण आपरै रसूल नै मार्गदर्शन (कुरान) अर साचै धरम रै साथै सगळा धरम सूं श्रेष्ठ होवण सारू भेज्यो है, भलांई मुशर्कियां नै ओ चोखो नीं लागै।
الۤرٰ ۗتِلْكَ اٰيٰتُ الْكِتٰبِ الْحَكِيْمِ
alif lām rā, tilka āyātul-kitābil-ḥakīm(i).
अलिफ लाम रा। कुरान री ऐ आयत है जिकी ज्ञान सूं भरपूर है।
وَمَا كَانَ هٰذَا الْقُرْاٰنُ اَنْ يُّفْتَرٰى مِنْ دُوْنِ اللّٰهِ وَلٰكِنْ تَصْدِيْقَ الَّذِيْ بَيْنَ يَدَيْهِ وَتَفْصِيْلَ الْكِتٰبِ لَا رَيْبَ فِيْهِ مِنْ رَّبِّ الْعٰلَمِيْنَۗ
wa mā kāna hāżal-qur'ānu ay yuftarā min dūnillāhi wa lākin taṣdīqal-lażī baina yadaihi wa tafṣīlal-kitābi lā raiba fīhi mir rabbil-‘ālamīn(a).
अर यो असंभव है कै यो कुरान अल्लाह रै अलावा दूजा लोगां रै द्वारा बणायो जावै; पण (कुरान) पिछली (किताबां) री पुष्टि करै है अर बां नियमां नै समझावै है जिका बां स्थापित करिया है, बां मांय कोई संदेह कोनी है, (प्रदर्शित) सगळा जगत रै प्रभु सूं
يٰٓاَيُّهَا النَّاسُ قَدْ جَاۤءَتْكُمْ مَّوْعِظَةٌ مِّنْ رَّبِّكُمْ وَشِفَاۤءٌ لِّمَا فِى الصُّدُوْرِۙ وَهُدًى وَّرَحْمَةٌ لِّلْمُؤْمِنِيْنَ
yā ayyuhan-nāsu qad jā'atkum mau‘iẓatum mir rabbikum wa syifā'ul limā fiṣ-ṣudūr(i), wa hudaw wa raḥmatul lil-mu'minīn(a).
हे लोगां! साची, थारै प्रभु री तरफ सूं थारै वास्तै एक सबक (कुरान) आयो है, छाती री बीमारियां रो इलाज अर विश्वास करणियां रै वास्तै मार्गदर्शन अर दया।
قُلْ بِفَضْلِ اللّٰهِ وَبِرَحْمَتِهٖ فَبِذٰلِكَ فَلْيَفْرَحُوْاۗ هُوَ خَيْرٌ مِّمَّا يَجْمَعُوْنَ
qul bifaḍlillāhi wa biraḥmatihī fa biżālika falyafraḥū, huwa khairum mimmā yajma‘ūn(a).
(मुहम्मद) कैवो, "अल्लाह री किरपा अर उणरी दया सूं, बांनै आनन्द मनाणो चाइजै। ओ बां रै जमा करियोड़ा सूं चोखो है।"
الۤرٰ ۗ كِتٰبٌ اُحْكِمَتْ اٰيٰتُهٗ ثُمَّ فُصِّلَتْ مِنْ لَّدُنْ حَكِيْمٍ خَبِيْرٍۙ
alif lām rā, kitābun uḥkimat āyātuhū ṡumma fuṣṣilat mil ladun ḥakīmin khabīr(in).
अलिफ लाम रा। (आ) एक असी किताब है जिणरा आयतां नै सलीकै सूं व्यवस्थित करियो गयो है अर पछै विस्तार सूं समझायो गयो है, (जिणनै प्रकट करियो गयो हो) (अल्लाह) सबसूं ज्ञानी, सबसूं संपूर्ण,
اَفَمَنْ كَانَ عَلٰى بَيِّنَةٍ مِّنْ رَّبِّهٖ وَيَتْلُوْهُ شَاهِدٌ مِّنْهُ وَمِنْ قَبْلِهٖ كِتٰبُ مُوْسٰىٓ اِمَامًا وَّرَحْمَةًۗ اُولٰۤىِٕكَ يُؤْمِنُوْنَ بِهٖ ۗوَمَنْ يَّكْفُرْ بِهٖ مِنَ الْاَحْزَابِ فَالنَّارُ مَوْعِدُهٗ فَلَا تَكُ فِيْ مِرْيَةٍ مِّنْهُ اِنَّهُ الْحَقُّ مِنْ رَّبِّكَ وَلٰكِنَّ اَكْثَرَ النَّاسِ لَا يُؤْمِنُوْنَ
afaman kāna ‘alā bayyinatim mir rabbihī wa yatlūhu syāhidum minhu wa min qablihī kitābu mūsā imāmaw wa raḥmah(tan), ulā'ika yu'minūna bih(ī), wa may yakfur bihī minal-aḥzābi fan-nāru mau‘iduhū falā taku fī miryatim minhu innahul-ḥaqqu mir rabbika wa lākinna akṡaran-nāsi lā yu'minūn(a).
तो कांई (काफिर) अस्या लोग है जिका कनै आपरै प्रभु सूं पैली सूं ई साफ सबूत (कुरान) है, अर बांरै लारै उणरै गवाह है अर जिका पैली मूसा री किताब नै एक मार्गदर्शक अर दया रै रूप मांय राखता हा? वे इण (कुरान) माथै विस्वास करै है। जो कोई भी (कुरैश) रै समूहां रै मांय इणनै (कुरान) नकारै है, तो नरक एक असो स्थान है जिणनै उणरै वास्तै खतरा है, इण वास्तै कुरान माथै शक मत करो। साची, कुरान थारै प्रभु री तरफ सूं है, पण घणकरा लोग विश्वास कोनी करै।
الۤرٰ ۗ تِلْكَ اٰيٰتُ الْكِتٰبِ الْمُبِيْنِۗ
alif lām rā, tilka āyātul-kitābil-mubīn(i).
अलिफ लाम रा। ये किताब (अल कुरान) री साफ आयत है।
نَحْنُ نَقُصُّ عَلَيْكَ اَحْسَنَ الْقَصَصِ بِمَآ اَوْحَيْنَآ اِلَيْكَ هٰذَا الْقُرْاٰنَۖ وَاِنْ كُنْتَ مِنْ قَبْلِهٖ لَمِنَ الْغٰفِلِيْنَ
naḥnu naquṣṣu ‘alaika aḥsanal-qaṣaṣi bimā auḥainā ilaika hāżal-qur'ān(a), wa in kunta min qablihī laminal-gāfilīn(a).
म्हे थानै (मुहम्मद) इण कुरान नै बतार सबसूं आछी कहाणी सुणाई, अर साचाणी थै उणसूं पैली बां लोगां मांय सूं एक हा जिका नीं जाणता हा।
وَمَا تَسْـَٔلُهُمْ عَلَيْهِ مِنْ اَجْرٍۗ اِنْ هُوَ اِلَّا ذِكْرٌ لِّلْعٰلَمِيْنَ ࣖ
wa mā tas'aluhum ‘alaihi min ajr(in), in huwa illā żikrul lil-‘ālamīn(a).
अर थै बांनै बदलै मांय कीं भी कोनी मांगो (आपरै बुलावा रै वास्तै), क्यूंकै ओ (बोलाणो) आखै जगत रै वास्तै एक शिक्षा है।
لَقَدْ كَانَ فِيْ قَصَصِهِمْ عِبْرَةٌ لِّاُولِى الْاَلْبَابِۗ مَا كَانَ حَدِيْثًا يُّفْتَرٰى وَلٰكِنْ تَصْدِيْقَ الَّذِيْ بَيْنَ يَدَيْهِ وَتَفْصِيْلَ كُلِّ شَيْءٍ وَّهُدًى وَّرَحْمَةً لِّقَوْمٍ يُّؤْمِنُوْنَ ࣖ
laqad kāna fī qaṣaṣihim ‘ibratul li'ulil-albāb(i), mā kāna ḥadīṡay yuftarā wa lākin taṣdīqal-lażī baina yadaihi wa tafṣīla kulli syai'iw wa hudaw wa raḥmatal liqaumiy yu'minūn(a).
साची, बां री कहाणियां मांय बां लोगां रै वास्तै सीख है जिका लोगां रै कनै तर्क है। (कुरान) कोई बणायोड़ी कहाणी कोनी है, पण पैली री (किताबां) नै सही ठहरावै है, हरेक बात नै समझावै है अर (जियां कै) विस्वास करणियां रै वास्तै मार्गदर्शन अर दया है।
وَلَوْ اَنَّ قُرْاٰنًا سُيِّرَتْ بِهِ الْجِبَالُ اَوْ قُطِّعَتْ بِهِ الْاَرْضُ اَوْ كُلِّمَ بِهِ الْمَوْتٰىۗ بَلْ لِّلّٰهِ الْاَمْرُ جَمِيْعًاۗ اَفَلَمْ يَا۟يْـَٔسِ الَّذِيْنَ اٰمَنُوْٓا اَنْ لَّوْ يَشَاۤءُ اللّٰهُ لَهَدَى النَّاسَ جَمِيْعًاۗ وَلَا يَزَالُ الَّذِيْنَ كَفَرُوْا تُصِيْبُهُمْ بِمَا صَنَعُوْا قَارِعَةٌ اَوْ تَحُلُّ قَرِيْبًا مِّنْ دَارِهِمْ حَتّٰى يَأْتِيَ وَعْدُ اللّٰهِ ۗاِنَّ اللّٰهَ لَا يُخْلِفُ الْمِيْعَادَ ࣖ
wa lau anna qur'ānan suyyirat bihil-jibālu au quṭṭi‘at bihil-arḍu au kullima bihil-mautā, bal lillāhil-amru jamī‘ā(n), afalam yai'asil-lażīna āmanū allau yasyā'ullāhu lahadan-nāsa jamī‘ā(n), wa lā yazālul-lażīna kafarū tuṣībuhum bimā ṣana‘ū qāri‘atun au taḥullu qarībam min dārihim ḥattā ya'tiya wa‘dullāh(i), innallāha lā yukhliful-mī‘ād(a).
अर जे कोई पाठ (पवित्र किताब) होवै जिणसूं पहाड़ हिल सकै, या धरती फूट सकै, या मृतक बोल सकै, (वो कुरान होवैला)। असल म्हं, सगळा काम अल्लाह रा है। तो कांई आस्थावान लोगां नै ओ कोनी मालूम कै जे अल्लाह चावैला (सगळा आस्थावान) तो अल्लाह सगळा मिनखां नै निश्चित रूप सूं मार्गदर्शन देला। अर काफिर हमेशा आपरै कामां रै कारण या आपरै निवास रै कनै आवा वाळी आपदावां सूं जूझता रैया, जद तांई कै अल्लाह रो वचन नीं आयो (मक्का री जीत)। साची, अल्लाह वादा कोनी तोड़ै।
الۤرٰ ۗ كِتٰبٌ اَنْزَلْنٰهُ اِلَيْكَ لِتُخْرِجَ النَّاسَ مِنَ الظُّلُمٰتِ اِلَى النُّوْرِ ەۙ بِاِذْنِ رَبِّهِمْ اِلٰى صِرَاطِ الْعَزِيْزِ الْحَمِيْدِۙ
alif lām rā, kitābun anzalnāhu ilaika litukhrijan-nāsa minaẓ-ẓulumāti ilan-nūr(i), bi'iżni rabbihim ilā ṣirāṭil-‘azīzil-ḥamīd(i).
अलिफ लामरा। (आ) वा किताब है जिणनै म्हे थारै (मुहम्मद) रै कनै भेजी है ताकि थै परमेश्बर री इजाजत सूं लोगां नै अंधेरे सूं उजळै उजास रै मांय ले जा सको, (अर्थात) परमेश्बर रै मारग माथै, सर्वशक्तिमान अर सर्वशक्तिमान।
الۤرٰ ۗتِلْكَ اٰيٰتُ الْكِتٰبِ وَقُرْاٰنٍ مُّبِيْنٍ ۔
alif lām rā, tilka āyātul-kitābi wa qur'ānim mubīn(in).
अलिफ लामरा। आ (सूरा) (सिद्ध) किताब री (कुछ) आयतां है, यानी कुरान री (आयतां) जिण मांय व्याख्यावां दीरीजी है।
وَلَقَدْ اٰتَيْنٰكَ سَبْعًا مِّنَ الْمَثَانِيْ وَالْقُرْاٰنَ الْعَظِيْمَ
wa laqad ātaināka sab‘am minal-maṡānī wal-qur'ānal-‘aẓīm(a).
अर साचाणी, म्हे थानै सात (आयत) दी है जिकी बार-बार (पाठी) जावै है अर महान कुरान।
بِالْبَيِّنٰتِ وَالزُّبُرِۗ وَاَنْزَلْنَآ اِلَيْكَ الذِّكْرَ لِتُبَيِّنَ لِلنَّاسِ مَا نُزِّلَ اِلَيْهِمْ وَلَعَلَّهُمْ يَتَفَكَّرُوْنَ
bil-bayyināti waz-zubur(i), wa anzalnā ilaikaż-żikra litubayyina lin-nāsi mā nuzzila ilaihim wa la‘allahum yatafakkarūn(a).
(म्हे बांनै भेज्या) सूचना (चमत्कार) अर किताबां ल्यार। अर म्हे थारै कनै अद-ज़िकर (कुरान) उतार दियो है, ताकि थै मिनखजात नै समझा सको कै बां माथै कांई उतर्यो है अर वे सोच सकै,
وَمَآ اَنْزَلْنَا عَلَيْكَ الْكِتٰبَ اِلَّا لِتُبَيِّنَ لَهُمُ الَّذِى اخْتَلَفُوْا فِيْهِۙ وَهُدًى وَّرَحْمَةً لِّقَوْمٍ يُّؤْمِنُوْنَ
wa mā anzalnā ‘alaikal-kitāba illā litubayyina lahumul-lażikhtalafū fīh(i), wa hudaw wa raḥmatal liqaumiy yu'minūn(a).
अर म्हे आ किताब (कुरान) थारै (मुहम्मद) नै कोनी भेजी, पण इण वास्तै भेजी है कै थै बांनै समझा सको कै वै जिण बात माथै विवाद करै है, अर बां लोगां रै वास्तै एक मार्गदर्शक अर दयालु बण सको जिका विस्वास करै है।
وَيَوْمَ نَبْعَثُ فِيْ كُلِّ اُمَّةٍ شَهِيْدًا عَلَيْهِمْ مِّنْ اَنْفُسِهِمْ وَجِئْنَا بِكَ شَهِيْدًا عَلٰى هٰٓؤُلَاۤءِۗ وَنَزَّلْنَا عَلَيْكَ الْكِتٰبَ تِبْيَانًا لِّكُلِّ شَيْءٍ وَّهُدًى وَّرَحْمَةً وَّبُشْرٰى لِلْمُسْلِمِيْنَ ࣖ
wa yauma nab‘aṡu fī kulli ummatin syahīdan ‘alaihim min anfusihim wa ji'nā bika syahīdan ‘alā hā'ulā'(i), wa nazzalnā ‘alaikal-kitāba tibyānal likulli syai'iw wa hudaw wa raḥmataw wa busyrā lil-muslimīn(a).
अर (याद राखो) उण दिन (जद) म्हे हरेक लोगां रै मांय सूं एक गवाह खड़ा करियो हो अर म्हे थानै (मुहम्मद) बां रै साक्षी बणाबा रै वास्तै लाया हा। अर म्हे थारै कनै किताब (अल-कुरान) भेजी है ताकि थै हर बात नै समझा सको, मार्गदर्शन रै रूप मांय, साथै ई दया अर आज्ञाकारी लोगां रै वास्तै खुशखबरी भी।
قُلْ نَزَّلَهٗ رُوْحُ الْقُدُسِ مِنْ رَّبِّكَ بِالْحَقِّ لِيُثَبِّتَ الَّذِيْنَ اٰمَنُوْا وَهُدًى وَّبُشْرٰى لِلْمُسْلِمِيْنَ
qul nazzalahū rūḥul-qudusi mir rabbika bil-ḥaqqi liyuṡabbital-lażīna āmanū wa hudaw wa busyrā lil-muslimīn(a).
कैवो, "पवित्र आत्मा (जिब्रिल) थारै प्रभु सूं कुरान नै साच रै साथै उतार दियो, ताकि (उणां रै दिलां नै) मजबूत करियो जा सके अर (अल्लाह रै आधीन) लोगां रै वास्तै मार्गदर्शन अर आच्छी खबर बण सकै।"
اِنَّ هٰذَا الْقُرْاٰنَ يَهْدِيْ لِلَّتِيْ هِيَ اَقْوَمُ وَيُبَشِّرُ الْمُؤْمِنِيْنَ الَّذِيْنَ يَعْمَلُوْنَ الصّٰلِحٰتِ اَنَّ لَهُمْ اَجْرًا كَبِيْرًاۙ
inna hāżal-qur'āna yahdī lil-latī hiya aqwamu wa yubasysyirul-mu'minīnal-lażīna ya‘malūnaṣ-ṣāliḥāti anna lahum ajran kabīrā(n).
साची, यो कुरान सबसूं सीधो (रास्तो) माथै मार्गदर्शन करै है अर भला काम करण आळा विश्वासियां नै आच्छी खबर देवै है, कै बांनै घणो इनाम मिलसी,
وَلَقَدْ صَرَّفْنَا فِيْ هٰذَا الْقُرْاٰنِ لِيَذَّكَّرُوْاۗ وَمَا يَزِيْدُهُمْ اِلَّا نُفُوْرًا
wa laqad ṣarrafnā fī hāżal-qur'āni liyażżakkarū, wa mā yazīduhum illā nufūrā(n).
अर साचाणी, इण कुरान रै मांय आपां बार-बार (चेतावनी) दी है, ताकि वे याद राखै। पण (चेतावनी) बांनै (सच सूं) दूर भागबा नै बढ़ा देवै है।
اَقِمِ الصَّلٰوةَ لِدُلُوْكِ الشَّمْسِ اِلٰى غَسَقِ الَّيْلِ وَقُرْاٰنَ الْفَجْرِۗ اِنَّ قُرْاٰنَ الْفَجْرِ كَانَ مَشْهُوْدًا
aqimiṣ-ṣalāta lidulūkisy-syamsi ilā gasaqil-laili wa qur'ānal-fajr(i), inna qur'ānal-fajri kāna masyhūdā(n).
सूरज ढलबा सूं लेर रात रै अंधेरे तांई नमाज पढ़ो अर (फजर री नमाज भी करो)। साचाणी, सुबह री प्रार्थना (स्वर्गदूतां रै द्वारा) देखी गई।
وَنُنَزِّلُ مِنَ الْقُرْاٰنِ مَا هُوَ شِفَاۤءٌ وَّرَحْمَةٌ لِّلْمُؤْمِنِيْنَۙ وَلَا يَزِيْدُ الظّٰلِمِيْنَ اِلَّا خَسَارًا
wa nunazzilu minal-qur'āni mā huwa syifā'uw wa raḥmatul lil-mu'minīn(a), wa lā yazīduẓ-ẓālimīna illā khasārā(n).
अर म्हे कुरान सूं (कुछ) उतार दियो है जिको इमानवान लोगां रै वास्तै एक उपाय अर दया है, जदकै अन्यायी (कुरान) रै वास्तै ओ नुकसान नै बढ़ावैला।
وَلَقَدْ صَرَّفْنَا لِلنَّاسِ فِيْ هٰذَا الْقُرْاٰنِ مِنْ كُلِّ مَثَلٍۖ فَاَبٰىٓ اَكْثَرُ النَّاسِ اِلَّا كُفُوْرًا
wa laqad ṣarrafnā lin-nāsi fī hāżal-qur'āni min kulli maṡal(in), fa abā akṡarun-nāsi illā kufūrā(n).
अर साचाणी, आपां कुरान रै मांय लोगां नै इण बात नै बार-बार न्यारी-न्यारी दृष्टान्तां रै जरियै समझाई है, पण घणकरा लोगां नै ओ चोखो कोनी लागै अर बै इण बात नै नकार भी देवै है।
وَبِالْحَقِّ اَنْزَلْنٰهُ وَبِالْحَقِّ نَزَلَۗ وَمَآ اَرْسَلْنٰكَ اِلَّا مُبَشِّرًا وَّنَذِيْرًاۘ
wa bil-ḥaqqi anzalnāhu wa bil-ḥaqqi nazal(a), wa mā arsalnāka illā mubasysyiraw wa nażīrā(n).
अर म्हे (कुरान) नै साच रै मांय उतार दियो अर (कुरान) ओ साच नै (लाबा) रै साथै उतर्यो। अर म्हे थानै (मुहम्मद) फगत एक आच्छी खबर अर चेतावनी देवण आळा रै रूप मांय भेज्या।
اَلْحَمْدُ لِلّٰهِ الَّذِيْٓ اَنْزَلَ عَلٰى عَبْدِهِ الْكِتٰبَ وَلَمْ يَجْعَلْ لَّهٗ عِوَجًا ۜ
al-ḥamdu lillāhil-lażī anzala ‘alā ‘abdihil-kitāba wa lam yaj‘al lahū ‘iwajā(n).
अल्लाह री स्तुति है, जिणनै आपरै सेवक नै किताब (कुरान) भेजी अर उणनै टेढ़ी नीं बणाई;
كَذٰلِكَ نَقُصُّ عَلَيْكَ مِنْ اَنْۢبَاۤءِ مَا قَدْ سَبَقَۚ وَقَدْ اٰتَيْنٰكَ مِنْ لَّدُنَّا ذِكْرًا ۚ
każālika naquṣṣu ‘alaika min ambā'i mā sabaq(a), wa qad ātaināka mil ladunnā żikrā(n).
इण भांत म्हे थानै (मुहम्मद) केई (लोगां री) बीत चुकी कहाणियां सुणावां हां, अर साचाणी, म्हे थानै म्हारी तरफ सूं चेतावनी (कुरान) दी है।
وَهٰذَا ذِكْرٌ مُّبٰرَكٌ اَنْزَلْنٰهُۗ اَفَاَنْتُمْ لَهٗ مُنْكِرُوْنَ ࣖ
wa hāżā żikrum mubārakun anzalnāh(u), afa antum lahū munkirūn(a).
अर यो (कुरान) एक चेतावनी है जिण मांय आशीर्वाद है जिणनै म्हे उतारी है। तो कांई थै इणनै नकारो हो?
لَقَدْ اَنْزَلْنَآ اٰيٰتٍ مُّبَيِّنٰتٍۗ وَاللّٰهُ يَهْدِيْ مَنْ يَّشَاۤءُ اِلٰى صِرَاطٍ مُّسْتَقِيْمٍ
laqad anzalnā āyātim mubayyināt(in), wallāhu yahdī may yasyā'u ilā ṣirāṭim mustaqīm(in).
साची, म्हे अस्या श्लोक भेज्या है जिका व्याख्या देवै है। अर अल्लाह जिणनै चावै उणनै सीधो मारग माथै ले जावै है।
تَبٰرَكَ الَّذِيْ نَزَّلَ الْفُرْقَانَ عَلٰى عَبْدِهٖ لِيَكُوْنَ لِلْعٰلَمِيْنَ نَذِيْرًا ۙ
tabārakal-lażī nazzalal-furqāna ‘alā ‘abdihī liyakūna lil-‘ālamīna nażīrā(n).
अल्लाह री महिमा है जिणनै आपरै सेवक (मुहम्मद) नै फुरकान (अल-कुरान) भेज्यो है, ताकि वो सगळी प्रकृति (जिन्न अर मिनख) रै वास्तै चेतावनी बण सकै।
تِلْكَ اٰيٰتُ الْكِتٰبِ الْمُبِيْنِ
tilka āyātul-kitābil-mubīn(i).
ये किताब (अल-कुरान) री साफ आयतां है।
وَمَا تَنَزَّلَتْ بِهِ الشَّيٰطِيْنُ
wa mā tanazzalat bihisy-syayāṭīn(u).
अर (कुरान) शैतानां रै हाथां नीं उतार्यो गयो हो।