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इस्लाम अल-हक: कुरआन आ हदीस
(सच्चा इस्लाम)



विषय - Akhlak dan Adab Etika dan hak-hak umum Etika berjalan Rendah diri ketika berjalan
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कुल आयत : 2
63
Q.S अल-फुरकान (25:63)

وَعِبَادُ الرَّحْمٰنِ الَّذِيْنَ يَمْشُوْنَ عَلَى الْاَرْضِ هَوْنًا وَّاِذَا خَاطَبَهُمُ الْجٰهِلُوْنَ قَالُوْا سَلٰمًا

wa ‘ibādur-raḥmānil-lażīna yamsyūna ‘alal-arḍi haunaw wa iżā khāṭabahumul-jāhilūna qālū salāmā(n).

रहल बात परम दयालु भगवान के सेवक के त ओ सब विनम्रता स धरती पर चलय वाला छथि आ जखन अज्ञानी लोक हुनका सब के अभिवादन करैत छथि (अपमानजनक शब्द स) त "सलम" कहैत छथि।


19
Q.S लुकमान (31:19)

وَاقْصِدْ فِيْ مَشْيِكَ وَاغْضُضْ مِنْ صَوْتِكَۗ اِنَّ اَنْكَرَ الْاَصْوَاتِ لَصَوْتُ الْحَمِيْرِ ࣖ

waqṣid fī masy-yika wagḍuḍ min ṣautik(a), inna ankaral-aṣwāti laṣautul-ḥamīr(i).

आ अपन चलब के सरल बनाउ आ आवाज के नरम करू। सचमुच, सबसँ खराब आवाज गदहाक होइत छैक |"