اَللّٰهُ لَآ اِلٰهَ اِلَّا هُوَۚ اَلْحَيُّ الْقَيُّوْمُ ەۚ لَا تَأْخُذُهٗ سِنَةٌ وَّلَا نَوْمٌۗ لَهٗ مَا فِى السَّمٰوٰتِ وَمَا فِى الْاَرْضِۗ مَنْ ذَا الَّذِيْ يَشْفَعُ عِنْدَهٗٓ اِلَّا بِاِذْنِهٖۗ يَعْلَمُ مَا بَيْنَ اَيْدِيْهِمْ وَمَا خَلْفَهُمْۚ وَلَا يُحِيْطُوْنَ بِشَيْءٍ مِّنْ عِلْمِهٖٓ اِلَّا بِمَا شَاۤءَۚ وَسِعَ كُرْسِيُّهُ السَّمٰوٰتِ وَالْاَرْضَۚ وَلَا يَـُٔوْدُهٗ حِفْظُهُمَاۚ وَهُوَ الْعَلِيُّ الْعَظِيْمُ
allāhu lā ilāha illā huw(a), al-ḥayyul-qayyūm(u), lā ta'khużuhū sinatuw wa lā naum(un), lahū mā fis-samāwāti wa mā fil-arḍ(i), man żal-lażī yasyfa‘u ‘indahū illā bi'iżnih(ī), ya‘lamu mā baina aidīhim wa mā khalfahum, wa lā yuḥīṭūna bisyai'im min ‘ilmihī illā bimā syā'(a), wasi‘a kursiyyuhus-samāwāti wal-arḍ(a), wa lā ya'ūduhū ḥifẓuhumā, wa huwal-‘aliyyul-‘aẓīm(u).
अल्लाह, हुनका छोड़ि कोनो देवता नहि छथि। सर्वशक्तिमान, जे निरंतर (अपन प्राणीक) देखभाल करैत छथि, नींद नहि अबैत छथि आ ने सुतैत छथि | आकाश मे जे किछु अछि आ पृथ्वी पर जे किछु अछि से हुनके अछि | हुनकर अनुमति के बिना हुनकर पक्ष में बिनती नै क सकैत अछि । ओकरा पता छै कि ओकरा सिनी के सामने की छै आरो ओकरा सिनी के पाछू की छै, आरो ओकरोॅ ज्ञान के बारे में ओकरा सिनी के इच्छा के अलावा कुछ नै पता छै। हुनक आसन आकाश आ पृथ्वी केँ झाँपि देने अछि | आ हुनका दुनूक देखभाल करब कठिन नहि बुझाइत छनि, आ ओ परम उच्च, परम महान छथि।
اَلرِّجَالُ قَوَّامُوْنَ عَلَى النِّسَاۤءِ بِمَا فَضَّلَ اللّٰهُ بَعْضَهُمْ عَلٰى بَعْضٍ وَّبِمَآ اَنْفَقُوْا مِنْ اَمْوَالِهِمْ ۗ فَالصّٰلِحٰتُ قٰنِتٰتٌ حٰفِظٰتٌ لِّلْغَيْبِ بِمَا حَفِظَ اللّٰهُ ۗوَالّٰتِيْ تَخَافُوْنَ نُشُوْزَهُنَّ فَعِظُوْهُنَّ وَاهْجُرُوْهُنَّ فِى الْمَضَاجِعِ وَاضْرِبُوْهُنَّ ۚ فَاِنْ اَطَعْنَكُمْ فَلَا تَبْغُوْا عَلَيْهِنَّ سَبِيْلًا ۗاِنَّ اللّٰهَ كَانَ عَلِيًّا كَبِيْرًا
ar-rijālu qawwāmūna ‘alan-nisā'i bimā faḍḍalallāhu ba‘ḍahum ‘alā ba‘ḍiw wa bimā anfaqū min amwālihim, faṣ-ṣāliḥātu qānitātun ḥāfiẓātul lil-gaibi bimā ḥafiẓallāh(u), wal-lātī takhāfūna nusyūzahunna fa ‘iẓūhunna wahjurūhunna fil-maḍāji‘i waḍribūhunn(a), fa in aṭa‘nakum falā tabgū ‘alaihinna sabīlā(n), innallāha kāna ‘aliyyan kabīrā(n).
पुरुष (पति) महिला (पत्नी) के रक्षक छैथ, कियाकि अल्लाह हुनका सब में स किछु (पुरुष) के दोसर (महिला) स बेसी पसंद केने छथि, आ कियाक त ओ (पुरुष) अपन धन स सहारा प्रदान केने छथि। त धर्मात्मा महिला ओ छथि जे (अल्लाह) के आज्ञा मानैत छथि आ जखन (अपन पति) आसपास नहि रहैत छथि तखन अपन ख्याल रखैत छथि, कारण अल्लाह (हुनकर देखभाल) केने छथि | जे महिलाक कें अहां नुस्यूज कें चिंता करएयत छी, ओकरा सलाह देबाक चाही, ओकरा बिस्तर (अलग-अलग बिस्तर) पर छोड़एय कें चाही, आ (जरूरत पड़ला पर) ओकरा पीटनाय चाही. मुदा जँ ओ सभ अहाँक बात मानैत छथि तँ हुनका सभकेँ परेशान करबाक कारण नहि ताकू। सचमुच अल्लाह सर्वोच्च, परम महान छथि।
ذٰلِكَ بِاَنَّ اللّٰهَ هُوَ الْحَقُّ وَاَنَّ مَا يَدْعُوْنَ مِنْ دُوْنِهٖ هُوَ الْبَاطِلُ وَاَنَّ اللّٰهَ هُوَ الْعَلِيُّ الْكَبِيْرُ
Żālika bi'annallāha huwal-ḥaqqu wa anna mā yad‘ūna min dūnihī huwal-bāṭilu wa annallāha huwal-‘aliyyul-kabīr(u).
एहि तरहें (अल्लाह के महानता) अल्लाह के कारण अछि, ओ (ईश्वर) सच्चाई छथि | आरू जे भी ओकरा स॑ अलग कहै छै, वू झूठ छै, आरू सचमुच अल्लाह, वू परमात्मा, सबसें बड़ऽ छै ।
وَلَا تَنْفَعُ الشَّفَاعَةُ عِنْدَهٗٓ اِلَّا لِمَنْ اَذِنَ لَهٗ ۗحَتّٰىٓ اِذَا فُزِّعَ عَنْ قُلُوْبِهِمْ قَالُوْا مَاذَاۙ قَالَ رَبُّكُمْۗ قَالُوا الْحَقَّۚ وَهُوَ الْعَلِيُّ الْكَبِيْرُ
wa lā tanfa‘usy-syafā‘atu ‘indahū illā liman ażina lah(ū), ḥattā iżā fuzzi‘a ‘an qulūbihim qālū māżā, qāla rabbukum, qālul-ḥaqq(a), wa huwal-‘aliyyul-kabīr(u).
आ हुनका सँ बिनती (सहायता) केवल ओहि लोकनिक लेल उपयोगी होइत अछि जिनका ओ (ओहि बिनती केँ प्राप्त करबाक लेल) अनुमति देने छथि | तेँ जखन हुनका लोकनिक हृदय सँ भय दूर भ' गेल छनि त' कहैत छथि, "अहाँक प्रभु की कहलनि?" ओ सभ उत्तर देलथिन, "(वचन) सत्य अछि," आ ओ परमात्मा, सभसँ पैघ छथि।
ذٰلِكُمْ بِاَنَّهٗٓ اِذَا دُعِيَ اللّٰهُ وَحْدَهٗ كَفَرْتُمْۚ وَاِنْ يُّشْرَكْ بِهٖ تُؤْمِنُوْا ۗفَالْحُكْمُ لِلّٰهِ الْعَلِيِّ الْكَبِيْرِ
Żālikum bi'annahū iżā du‘iyallāhu waḥdahū kafartum, wa iy yusyrak bihī tu'minū, fal-ḥukmu lillāhil-‘aliyyil-kabīr(i).
एकरऽ कारण छै कि वास्तव म॑ आपने असगरे अल्लाह केरऽ इबादत करै लेली बोलैलऽ जाय स॑ इनकार करी रहलऽ छियै । आ जँ अल्लाह अहाँ सभसँ शरीफ करैत छथि तँ अहाँ सभ विश्वास करैत छी। त निर्णय (अब) अल्लाह, परमात्मा, सबसँ पैघ के पास अछि |