سَلٰمٌ عَلَيْكُمْ بِمَا صَبَرْتُمْ فَنِعْمَ عُقْبَى الدَّارِۗ
salāmun ‘alaikum bimā ṣabartum fa ni‘ma ‘uqbad-dār(i).
(कहत-कहत) "रउरा धैर्य के चलते रउरा के शुभकामना." त ई कतना स्वादिष्ट अंतिम जगह बा।
اُدْخُلُوْهَا بِسَلٰمٍ اٰمِنِيْنَ
udkhulūhā bisalāmin āminīn(a).
(अल्लाह कहत बाड़न) "शांति आ सुरक्षा से एकरा में प्रवेश करीं."
اِذْ دَخَلُوْا عَلَيْهِ فَقَالُوْا سَلٰمًاۗ قَالَ اِنَّا مِنْكُمْ وَجِلُوْنَ
iż dakhalū ‘alaihi fa qālū salāmā(n), qāla innā minkum wajilūn(a).
जब ऊ लोग ओह जगहा में घुसल त फेर कहलसि कि “नमस्कार.” उ (इब्राहिम) कहले कि, हमनी के सचमुच रउआ से डेरात बानी।
الَّذِيْنَ تَتَوَفّٰىهُمُ الْمَلٰۤىِٕكَةُ طَيِّبِيْنَ ۙيَقُوْلُوْنَ سَلٰمٌ عَلَيْكُمُ ادْخُلُوا الْجَنَّةَ بِمَا كُنْتُمْ تَعْمَلُوْنَ
allażīna tatawafāhumul-malā'ikatu ṭayyibīn(a), yaqūlūna salāmun ‘alaikumudkhulul-jannata bimā kuntum ta‘malūn(a).
(अर्थात) अइसन लोग जे जब स्वर्गदूत लोग के हालत ठीक रहे त उ लोग (फरिश्ता लोग) (उनका से) कहले कि, "सलमुन 'अलैकुम, रउआ जवन कइले बानी ओकरा चलते स्वर्ग में प्रवेश करीं।"
اُولٰۤىِٕكَ يُجْزَوْنَ الْغُرْفَةَ بِمَا صَبَرُوْا وَيُلَقَّوْنَ فِيْهَا تَحِيَّةً وَّسَلٰمًا ۙ
ulā'ika yujzaunal-gurfata bimā ṣabarū wa yulaqqauna fīhā taḥiyyataw wa salāmā(n).
ओह लोग के धैर्य के इनाम एगो ऊँच जगह (स्वर्ग में) दिहल जाई आ ओहिजा ओह लोग के सम्मान आ अभिवादन से स्वागत कइल जाई.
اِذْ دَخَلُوْا عَلَيْهِ فَقَالُوْا سَلٰمًا ۗقَالَ سَلٰمٌۚ قَوْمٌ مُّنْكَرُوْنَ
iż dakhalū ‘alaihi fa qālū salāmā(n), qāla salām(un), qaumum munkarūn(a).
(याद रखीं) जब उ लोग उनकरा जगह में घुस के कहले, “सलमान” (नमस्कार) त अब्राहम कहले, “सलामून” (नमस्कार)। (उ लोग) अइसन लोग रहे जेकरा के उ ना जानत रहले।