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इस्लाम अल-हक: कुरआन आ हदीस
(सच्चा इस्लाम)



विषय - Akhlak dan Adab Etika dan hak-hak umum Memberi salam Cara memberi salam Ucapan salam malaikat

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कुल आयत : 6
24
Q.S अर-रा'द के बा (13:24)

سَلٰمٌ عَلَيْكُمْ بِمَا صَبَرْتُمْ فَنِعْمَ عُقْبَى الدَّارِۗ

salāmun ‘alaikum bimā ṣabartum fa ni‘ma ‘uqbad-dār(i).

(कहत-कहत) "रउरा धैर्य के चलते रउरा के शुभकामना." त ई कतना स्वादिष्ट अंतिम जगह बा।


46
Q.S अल-हिजर के ह (15:46)

اُدْخُلُوْهَا بِسَلٰمٍ اٰمِنِيْنَ

udkhulūhā bisalāmin āminīn(a).

(अल्लाह कहत बाड़न) "शांति आ सुरक्षा से एकरा में प्रवेश करीं."


52
Q.S अल-हिजर के ह (15:52)

اِذْ دَخَلُوْا عَلَيْهِ فَقَالُوْا سَلٰمًاۗ قَالَ اِنَّا مِنْكُمْ وَجِلُوْنَ

iż dakhalū ‘alaihi fa qālū salāmā(n), qāla innā minkum wajilūn(a).

जब ऊ लोग ओह जगहा में घुसल त फेर कहलसि कि “नमस्कार.” उ (इब्राहिम) कहले कि, हमनी के सचमुच रउआ से डेरात बानी।


32
Q.S एन-नहल के बा (16:32)

الَّذِيْنَ تَتَوَفّٰىهُمُ الْمَلٰۤىِٕكَةُ طَيِّبِيْنَ ۙيَقُوْلُوْنَ سَلٰمٌ عَلَيْكُمُ ادْخُلُوا الْجَنَّةَ بِمَا كُنْتُمْ تَعْمَلُوْنَ

allażīna tatawafāhumul-malā'ikatu ṭayyibīn(a), yaqūlūna salāmun ‘alaikumudkhulul-jannata bimā kuntum ta‘malūn(a).

(अर्थात) अइसन लोग जे जब स्वर्गदूत लोग के हालत ठीक रहे त उ लोग (फरिश्ता लोग) (उनका से) कहले कि, "सलमुन 'अलैकुम, रउआ जवन कइले बानी ओकरा चलते स्वर्ग में प्रवेश करीं।"


75
Q.S अल-फुरकान के ह (25:75)

اُولٰۤىِٕكَ يُجْزَوْنَ الْغُرْفَةَ بِمَا صَبَرُوْا وَيُلَقَّوْنَ فِيْهَا تَحِيَّةً وَّسَلٰمًا ۙ

ulā'ika yujzaunal-gurfata bimā ṣabarū wa yulaqqauna fīhā taḥiyyataw wa salāmā(n).

ओह लोग के धैर्य के इनाम एगो ऊँच जगह (स्वर्ग में) दिहल जाई आ ओहिजा ओह लोग के सम्मान आ अभिवादन से स्वागत कइल जाई.


25
Q.S अध-धारियत के बा (51:25)

اِذْ دَخَلُوْا عَلَيْهِ فَقَالُوْا سَلٰمًا ۗقَالَ سَلٰمٌۚ قَوْمٌ مُّنْكَرُوْنَ

iż dakhalū ‘alaihi fa qālū salāmā(n), qāla salām(un), qaumum munkarūn(a).

(याद रखीं) जब उ लोग उनकरा जगह में घुस के कहले, “सलमान” (नमस्कार) त अब्राहम कहले, “सलामून” (नमस्कार)। (उ लोग) अइसन लोग रहे जेकरा के उ ना जानत रहले।