इस्लाम स्वीकार करें, यहाँ क्लिक करें
इस्लाम अल-हक: कुरआन आ हदीस
(सच्चा इस्लाम)



विषय - 6 Rukun Iman Allah (rukun iman no.1) Nama dan Sifat Allah Al-Rahman

आयत खोज परिणाम :
कुल आयत : 9
1
Q.S अल-फतिहाह (1:1)

بِسْمِ اللّٰهِ الرَّحْمٰنِ الرَّحِيْمِ

bismillāhir-raḥmānir-raḥīm(i).

अल्लाह, परम कृपालु, परम दयालु के नाम पर।


2
Q.S अल-फतिहाह (1:2)

اَلْحَمْدُ لِلّٰهِ رَبِّ الْعٰلَمِيْنَۙ

al-ḥamdu lillāhi rabbil-‘ālamīn(a).

सब जगत के स्वामी अल्लाह की स्तुति हो।


18
Q.S मरियम (19:18)

قَالَتْ اِنِّيْٓ اَعُوْذُ بِالرَّحْمٰنِ مِنْكَ اِنْ كُنْتَ تَقِيًّا

qālat innī a‘ūżu bir-raḥmāni minka in kunta taqiyyā(n).

ओ (मरियम) बजलीह, "सत्ते, हम अहाँक प्रति परमात्मा परमात्माक शरण लैत छी, जँ अहाँ पुण्यात्मा छी |"


96
Q.S मरियम (19:96)

اِنَّ الَّذِيْنَ اٰمَنُوْا وَعَمِلُوا الصّٰلِحٰتِ سَيَجْعَلُ لَهُمُ الرَّحْمٰنُ وُدًّا

innal-lażīna āmanū wa ‘amiluṣ-ṣāliḥāti sayaj‘alu lahumur-raḥmānu wuddā(n).

सचमुच, जे विश्वास करै छै आरू अच्छा काम करै छै, ओकरा बाद में (अल्लाह) परम दयालु करुणा के संस्कार (हृदय में) डालतै ।


5
Q.S ता-हा (20:5)

اَلرَّحْمٰنُ عَلَى الْعَرْشِ اسْتَوٰى

ar- raḥmānu ‘alal-‘arsyistawā.

(अर्थात) परम कृपालु, जे सिंहासन के ऊपर निवास करैत छथि |


108
Q.S ता-हा (20:108)

يَوْمَىِٕذٍ يَّتَّبِعُوْنَ الدَّاعِيَ لَا عِوَجَ لَهٗ ۚوَخَشَعَتِ الْاَصْوَاتُ لِلرَّحْمٰنِ فَلَا تَسْمَعُ اِلَّا هَمْسًا

yauma'iżiy yattabi‘ūnad-dā‘iya lā ‘iwaja lah(ū), wa khasya‘atil-aṣwātu lir-raḥmāni falā tasma‘u illā hamsā(n).

ओहि दिन ओ सभ बिना घुमने (खंडन केने) बजौनिहार (दूत) केर (आह्वानक) पाछाँ लागि गेलाह; आ सभ आवाज परमात्मा परमात्माक समक्ष प्रणाम करैत अछि, जाहि सँ अहाँ सभ जे किछु सुनैत छी से फुसफुसाहटि अछि।


112
Q.S अल-अनबिया (21:112)

قٰلَ رَبِّ احْكُمْ بِالْحَقِّۗ وَرَبُّنَا الرَّحْمٰنُ الْمُسْتَعَانُ عَلٰى مَا تَصِفُوْنَ ࣖ

qāla rabbiḥkum bil-ḥaqq(i), wa rabbunar-raḥmānul-musta‘ānu ‘alā mā taṣifūn(a).

ओ (मुहम्मद) कहलनि, "हे हमर प्रभु, निर्णय निष्पक्ष रूप सँ दियौक। आ हमर प्रभु परम दयालु छथि, जिनका सँ अहाँक हर बात मे हम सभ मददि माँगैत छी।"


1
Q.S लाभकारी (55:1)

اَلرَّحْمٰنُۙ

ar-raḥmān(u).

(अल्लाह) परम कृपालु, २.


29
Q.S अल-मुल्क (67:29)

قُلْ هُوَ الرَّحْمٰنُ اٰمَنَّا بِهٖ وَعَلَيْهِ تَوَكَّلْنَاۚ فَسَتَعْلَمُوْنَ مَنْ هُوَ فِيْ ضَلٰلٍ مُّبِيْنٍ

qul huwar-raḥmānu āmannā bihī wa ‘alaihi tawakkalnā, fasata‘lamūna man huwa fī ḍalālim mubīn(in).

कहब, "ओ परम दयालु छथि, हम हुनका पर विश्वास करैत छी आ हुनका पर भरोसा करैत छी। तखन एक दिन अहाँ केँ पता चलत जे के स्पष्ट गलती मे अछि।"