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इस्लाम अल-हक: कुरआन आ हदीस
(सच्चा इस्लाम)



विषय - 6 Rukun Iman Allah (rukun iman no.1) Nama dan Sifat Allah Sifat Allah dan asmaul husna Al Samii Yang Maha Mendengar

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कुल आयत : 7
256
Q.S अल-बकराह (2:256)

لَآ اِكْرَاهَ فِى الدِّيْنِۗ قَدْ تَّبَيَّنَ الرُّشْدُ مِنَ الْغَيِّ ۚ فَمَنْ يَّكْفُرْ بِالطَّاغُوْتِ وَيُؤْمِنْۢ بِاللّٰهِ فَقَدِ اسْتَمْسَكَ بِالْعُرْوَةِ الْوُثْقٰى لَا انْفِصَامَ لَهَا ۗوَاللّٰهُ سَمِيْعٌ عَلِيْمٌ

lā ikrāha fid-dīn(i), qat tabayyanar-rusydu minal-gayy(i), famay yakfur biṭ-ṭāgūti wa yu'mim billāhi fa qadistamsaka bil-‘urwatil-wuṡqā, lanfiṣāma lahā, wallāhu samī‘un ‘alīm(un).

धर्म (इस्लाम) के (पालन) में कोनो मजबूरी नै छै, वास्तव में सही रास्ता आ गलत रास्ता में स्पष्ट (अंतर) छै। जे कियो तगुत के काफिर करैत अछि आ अल्लाह के विश्वास करैत अछि, तखन सचमुच, ओ एकटा बहुत मजबूत रस्सी के (दृढ़ रूप स) पकड़ने अछि जे नहि टूटत। अल्लाह सब सुननिहार, सर्वज्ञ छथि।


35
Q.S अली इमरान (3:35)

اِذْ قَالَتِ امْرَاَتُ عِمْرٰنَ رَبِّ اِنِّيْ نَذَرْتُ لَكَ مَا فِيْ بَطْنِيْ مُحَرَّرًا فَتَقَبَّلْ مِنِّيْ ۚ اِنَّكَ اَنْتَ السَّمِيْعُ الْعَلِيْمُ

iż qālatimra'atu ‘imrāna rabbi innī nażartu laka mā fī baṭnī muḥarraran fataqabbal minnī, innaka antas-samī‘ul-‘alīm(u).

(याद राखू), जखन इमरानक पत्नी बजलीह, "हे हमर प्रभु, हम सचमुच अहाँ सँ व्रत करैत छी, जे किछु (भ्रूण) हमर कोख मे (बाद मे) सेवक बनि जायत जे (अहाँक सेवा करत), तखन हमरा सँ (ओ व्रत) स्वीकार करू। सचमुच, अहाँ सर्वश्रवण, सर्वज्ञ छी।"


36
Q.S अली इमरान (3:36)

فَلَمَّا وَضَعَتْهَا قَالَتْ رَبِّ اِنِّيْ وَضَعْتُهَآ اُنْثٰىۗ وَاللّٰهُ اَعْلَمُ بِمَا وَضَعَتْۗ وَلَيْسَ الذَّكَرُ كَالْاُنْثٰى ۚ وَاِنِّيْ سَمَّيْتُهَا مَرْيَمَ وَاِنِّيْٓ اُعِيْذُهَا بِكَ وَذُرِّيَّتَهَا مِنَ الشَّيْطٰنِ الرَّجِيْمِ

falammā waḍa‘athā qālat rabbi innī waḍa‘tuhā unṡā, wallāhu a‘lamu bimā waḍa‘at, wa laisaż-żakaru kal-unṡā, wa innī sammaituhā maryama wa innī u‘īżuhā bika wa żurriyyatahā minasy-syaiṭānir-rajīm(i).

तेँ जखन ओ हुनका जन्म देलनि तऽ बजलीह, “हे हमर प्रभु, हम एकटा बेटी केँ जन्म देलहुँ।” भले ही अल्लाह के सबसे अच्छा पता छै कि हुनी की पैदा करलकै, आरू पुरुष महिला के समान नै छै। "आ हम ओकरा मरियम नाम देलियैक, आ हम ओकरा आ ओकर बच्चा आ पोता-पोती लेल शापित शैतान सँ (हस्तक्षेप सँ) अहाँक रक्षा माँगैत छी |"


76
Q.S अल-मैदाह (5:76)

قُلْ اَتَعْبُدُوْنَ مِنْ دُوْنِ اللّٰهِ مَا لَا يَمْلِكُ لَكُمْ ضَرًّا وَّلَا نَفْعًا ۗوَاللّٰهُ هُوَ السَّمِيْعُ الْعَلِيْمُ

qul ata‘budūna min dūnillāhi mā lā yamliku lakum ḍarraw wa lā naf‘ā(n), wallāhu huwas-samī‘ul-‘alīm(u).

(मुहम्मद) कहू, "अहाँ अल्लाह के अलावा कोनो अन्य चीज के इबादत कियैक करैत छी, जे अहाँ के लेल विपत्ति नहि द सकैत अछि आ अहाँ के (ओहो) कोनो फायदा नहि दैत अछि?" आ अल्लाह सब सुननिहार, सर्वज्ञ छथि।


39
Q.S इब्राहिम (14:39)

اَلْحَمْدُ لِلّٰهِ الَّذِيْ وَهَبَ لِيْ عَلَى الْكِبَرِ اِسْمٰعِيْلَ وَاِسْحٰقَۗ اِنَّ رَبِّيْ لَسَمِيْعُ الدُّعَاۤءِ

al-ḥamdu lillāhil-lażī wahaba lī ‘alal-kibari ismā‘īla wa isḥāq(a), inna rabbī lasamī‘ud-du‘ā'(i).

अल्लाह के स्तुति जे हमरा (हमर) बुढ़ापा में इस्माइल आ इसहाक के वरदान देने छथि। सचमुच, हमर भगवान सचमुच प्रार्थना सुनैत छथि (अनुमति दैत छथि)।


11
Q.S ऐश-शूरा (42:11)

فَاطِرُ السَّمٰوٰتِ وَالْاَرْضِۗ جَعَلَ لَكُمْ مِّنْ اَنْفُسِكُمْ اَزْوَاجًا وَّمِنَ الْاَنْعَامِ اَزْوَاجًاۚ يَذْرَؤُكُمْ فِيْهِۗ لَيْسَ كَمِثْلِهٖ شَيْءٌ ۚوَهُوَ السَّمِيْعُ الْبَصِيْرُ

fāṭirus-samāwāti wal-arḍ(i), ja‘ala lakum min anfusikum azwājaw wa minal-an‘āmi azwājā(n), yażra'ukum fīh(i), laisa kamiṡlihī syai'(un), wa huwas-samī‘ul-baṣīr(u).

(अल्लाह) आकाश आ धरती के रचयिता छैथ। ओ अहाँ सभक लेल अपन तरहक संगी बनौने छथि, आ पशुपालक संगी सभक (ओहो), जाहि सँ अहाँ सभक गुणा-भाग भ' गेल अछि। हुनका सन किछु नहि अछि। आ ओ सर्वश्रवण, सर्वदर्शी छथि।


1
Q.S अल-मुजादिलाह (58:1)

قَدْ سَمِعَ اللّٰهُ قَوْلَ الَّتِيْ تُجَادِلُكَ فِيْ زَوْجِهَا وَتَشْتَكِيْٓ اِلَى اللّٰهِ ۖوَاللّٰهُ يَسْمَعُ تَحَاوُرَكُمَاۗ اِنَّ اللّٰهَ سَمِيْعٌۢ بَصِيْرٌ

qad sami‘allāhu qaulal-latī tujādiluka fī zaujihā wa tasytakī ilallāh(i), wallāhu yasma‘u taḥāwurakumā, innallāha samī‘um baṣīr(un).

सचमुच, अल्लाह ओहि महिला के बात सुनने छथि जे अहाँ (मुहम्मद) के खिलाफ अपन पति के बारे में मुकदमा दायर केने छलीह, आ (मामला) अल्लाह सं शिकायत केने छलीह, आ अल्लाह अहाँ दुनू के बीच के गप्प सुनने छलाह. सचमुच अल्लाह सर्वश्रवण, सब देखनिहार छथि।