قُلْ اِنْ كُنْتُمْ تُحِبُّوْنَ اللّٰهَ فَاتَّبِعُوْنِيْ يُحْبِبْكُمُ اللّٰهُ وَيَغْفِرْ لَكُمْ ذُنُوْبَكُمْ ۗ وَاللّٰهُ غَفُوْرٌ رَّحِيْمٌ
qul in kuntum tuḥibbūnallāha fattabi‘ūnī yuḥbibkumullāhu wa yagfir lakum żunūbakum, wallāhu gafūrur raḥīm(un).
(मुहम्मद) कहू, "अहाँ अल्लाह स प्रेम करब त हमर पालन करू, अल्लाह अहाँ स प्रेम करताह आ अहाँक पाप माफ करताह।" अल्लाह क्षमाशील, परम दयालु छथि।
وَمَآ اَرْسَلْنٰكَ اِلَّا رَحْمَةً لِّلْعٰلَمِيْنَ
wa mā arsalnāka illā raḥmatal lil-‘ālamīn(a).
आ हम अहाँकेँ (मुहम्मद) नहि पठेलहुँ अपितु समस्त लोकक दया (बन) लेल पठेलहुँ।
لَقَدْ كَانَ لَكُمْ فِيْ رَسُوْلِ اللّٰهِ اُسْوَةٌ حَسَنَةٌ لِّمَنْ كَانَ يَرْجُوا اللّٰهَ وَالْيَوْمَ الْاٰخِرَ وَذَكَرَ اللّٰهَ كَثِيْرًاۗ
laqad kāna lakum fī rasūlillāhi uswatun ḥasanatul liman kāna yarjullāha wal yaumal ākhira wa żakarallāha kaṡīrā(n).
सचमुच, अल्लाह के रसूलुल्लाह में अहाँ के पास एकटा नीक उदाहरण अछि जे अल्लाह आ अंतिम दिन के आशा रखैत अछि आ अल्लाह के अक्सर याद करैत अछि।
مُحَمَّدٌ رَّسُوْلُ اللّٰهِ ۗوَالَّذِيْنَ مَعَهٗٓ اَشِدَّاۤءُ عَلَى الْكُفَّارِ رُحَمَاۤءُ بَيْنَهُمْ تَرٰىهُمْ رُكَّعًا سُجَّدًا يَّبْتَغُوْنَ فَضْلًا مِّنَ اللّٰهِ وَرِضْوَانًا ۖ سِيْمَاهُمْ فِيْ وُجُوْهِهِمْ مِّنْ اَثَرِ السُّجُوْدِ ۗذٰلِكَ مَثَلُهُمْ فِى التَّوْرٰىةِ ۖوَمَثَلُهُمْ فِى الْاِنْجِيْلِۚ كَزَرْعٍ اَخْرَجَ شَطْـَٔهٗ فَاٰزَرَهٗ فَاسْتَغْلَظَ فَاسْتَوٰى عَلٰى سُوْقِهٖ يُعْجِبُ الزُّرَّاعَ لِيَغِيْظَ بِهِمُ الْكُفَّارَ ۗوَعَدَ اللّٰهُ الَّذِيْنَ اٰمَنُوْا وَعَمِلُوا الصّٰلِحٰتِ مِنْهُمْ مَّغْفِرَةً وَّاَجْرًا عَظِيْمًا ࣖ
muḥammadur rasūlullāh(i), wal-lażīna ma‘ahū asyiddā'u ‘alal-kuffāri ruḥamā'u bainahum tarāhum rukka‘an sujjaday yabtagūna faḍlam minallāhi wa riḍwānā(n), sīmāhum fī wujūhihim min aṡaris-sujūd(i), żālika maṡaluhum fit-taurāh(ti), wa maṡaluhum fil-injīl(i), kazar‘in akhraja syaṭ'ahū fa āzarahū fastaglaẓa fastawā ‘alā sūqihī yu‘jibuz-zurrā‘a liyagīẓa bihimul-kuffār(a), wa‘adallāhul-lażīna āmanū wa ‘amiluṣ-ṣāliḥāti minhum magfirataw wa ajran ‘aẓīmā(n).
मुहम्मद अल्लाह के रसूलुल्लाह छलाह आ हुनका संग जे लोक काफिर के प्रति कठोर छलाह, मुदा एक दोसरा पर दयालु छलाह | अहाँ देखैत छी जे अल्लाह के कृपा आ हुनकर प्रसन्नता के मांग में प्रणाम आ सजदा करैत छथि। हुनका लोकनिक चेहरा पर सजदाक लक्षण देखबा मे आबि रहल छलनि। एहने छै ओकरऽ विशेषता (प्रगट) तोराह में आरू ओकरऽ विशेषता (प्रगट) सुसमाचार में, अर्थात जेना कि बीज जे एक अंकुर बाहर भेजै छै, तखनिये अंकुर मजबूत होय जाय छै आरू फेरू बड़ऽ होय जाय छै आरू सीधा ऊपर तना पर; पौधा अपन रोपनिहार के खुश करैत अछि कियाक त अल्लाह काफिर के दिल के चिढ़ाबय चाहैत छथि (मुसलमान के शक्ति स)। अल्लाह हुनका सब के वादा करैत छथि जे विश्वास करैत छथि आ हुनका सब में नीक काज करैत छथि, हुनका स माफी आ पैघ इनाम देल जायत।