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इस्लाम अल-हक: कुरआन आ हदीस
(सच्चा इस्लाम)



विषय - 6 Rukun Iman Takdir (rukun iman no.5) Tawakkal Teladan tawakkal dari para Nabi

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कुल आयत : 7
160
Q.S अली इमरान (3:160)

اِنْ يَّنْصُرْكُمُ اللّٰهُ فَلَا غَالِبَ لَكُمْ ۚ وَاِنْ يَّخْذُلْكُمْ فَمَنْ ذَا الَّذِيْ يَنْصُرُكُمْ مِّنْۢ بَعْدِهٖ ۗ وَعَلَى اللّٰهِ فَلْيَتَوَكَّلِ الْمُؤْمِنُوْنَ

iy yanṣurkumullāhu falā gāliba lakum, wa iy yakhżulkum faman żal-lażī yanṣurukum mim ba‘dih(ī), wa ‘alallāhi falyatawakkalil-mu'minūn(a).

जँ अल्लाह अहाँक मदद करताह त' कियो अहाँ पर विजय नहि पाबि सकैत अछि; मुदा जँ अल्लाह अहाँकेँ छोड़ि दैत छथि तँ तकर बाद अहाँक मदद के कऽ सकैत अछि? अतः मुसलमान केवल अल्लाह पर भरोसा करय।


129
Q.S अत-तौबाह (9:129)

فَاِنْ تَوَلَّوْا فَقُلْ حَسْبِيَ اللّٰهُ لَآ اِلٰهَ اِلَّا هُوَ ۗ عَلَيْهِ تَوَكَّلْتُ وَهُوَ رَبُّ الْعَرْشِ الْعَظِيْمِ ࣖ

fa in tawallau faqul ḥasbiyallāhu lā ilāha illā huw(a), ‘alaihi tawakkaltu wa huwa rabbul-‘arsyil-‘aẓīm(i).

त जँ ओ सभ (ईमान सँ) मुँह मोड़ि लैत छथि तँ (हे मुहम्मद) कहब जे "हमरा लेल अल्लाह पर्याप्त छथि; हुनका छोड़ि कोनो देवता नहि छथि। हम हुनका पर भरोसा करैत छी, आ ओ महान सिंहासनक स्वामी छथि।"


84
Q.S योना (10:84)

وَقَالَ مُوْسٰى يٰقَوْمِ اِنْ كُنْتُمْ اٰمَنْتُمْ بِاللّٰهِ فَعَلَيْهِ تَوَكَّلُوْٓا اِنْ كُنْتُمْ مُّسْلِمِيْنَ

wa qāla mūsā yā qaumi in kuntum āmantum billāhi fa ‘alaihi tawakkalū in kuntum muslimīn(a).

आ मूसा कहलनि, "हे हमर लोक! जँ अहाँ अल्लाह पर विश्वास करैत छी त' हुनका पर भरोसा राखू, जँ अहाँ सचमुच मुसलमान छी (आधीन)।"


67
Q.S यूसुफ (12:67)

وَقَالَ يٰبَنِيَّ لَا تَدْخُلُوْا مِنْۢ بَابٍ وَّاحِدٍ وَّادْخُلُوْا مِنْ اَبْوَابٍ مُّتَفَرِّقَةٍۗ وَمَآ اُغْنِيْ عَنْكُمْ مِّنَ اللّٰهِ مِنْ شَيْءٍۗ اِنِ الْحُكْمُ اِلَّا لِلّٰهِ ۗعَلَيْهِ تَوَكَّلْتُ وَعَلَيْهِ فَلْيَتَوَكَّلِ الْمُتَوَكِّلُوْنَ

wa qāla yā baniyya lā tadkhulū mim bābiw wāḥidiw wadkhulū min abwābim mutafarriqah(tin), wa mā ugnī ‘ankum minallāhi min syai'(in), inil-ḥukmu illā lillāh(i), ‘alaihi tawakkaltu wa ‘alaihi falyatawakkalil-mutawakkilūn(a).

आ ओ (याकूब) कहलनि, "हे हमर बच्चा सभ! एक फाटक सँ प्रवेश नहि करू, आ अलग-अलग फाटक सँ प्रवेश करू; तथापि, हम अहाँ सभक अल्लाह (नियति) सँ कनिको बचा नहि सकैत छी। ओ निर्णय मात्र अल्लाह लेल अछि। हम हुनका पर भरोसा करैत छी आ हुनका पर सेहो भरोसा करैत छी जे अपन भरोसा रखैत अछि।"


101
Q.S यूसुफ (12:101)

۞ رَبِّ قَدْ اٰتَيْتَنِيْ مِنَ الْمُلْكِ وَعَلَّمْتَنِيْ مِنْ تَأْوِيْلِ الْاَحَادِيْثِۚ فَاطِرَ السَّمٰوٰتِ وَالْاَرْضِۗ اَنْتَ وَلِيّٖ فِى الدُّنْيَا وَالْاٰخِرَةِۚ تَوَفَّنِيْ مُسْلِمًا وَّاَلْحِقْنِيْ بِالصّٰلِحِيْنَ

rabbi qad ātaitanī minal-mulki wa ‘allamtanī min ta'wīlil-aḥādīṡ(i), fāṭiras-samāwāti wal-arḍ(i), anta waliyyī fid-dun-yā wal-ākhirah(ti), tawaffanī muslimaw wa alḥiqnī biṣ-ṣāliḥīn(a).

हमर प्रभु, अहाँ हमरा किछु अधिकार प्रदान केलहुँ आ सपना के किछु व्याख्या सिखलहुँ । (हे प्रभु) आकाश आ धरती के रचयिता, अहाँ हमर रक्षक छी एहि दुनिया आ परलोक मे, हमरा मुसलमान के रूप मे मरय दियौ आ हमरा सद्गुणक संग जुड़ि दियौक।


48
Q.S अल-अहजाब (33:48)

وَلَا تُطِعِ الْكٰفِرِيْنَ وَالْمُنٰفِقِيْنَ وَدَعْ اَذٰىهُمْ وَتَوَكَّلْ عَلَى اللّٰهِ ۗوَكَفٰى بِاللّٰهِ وَكِيْلًا

wa lā tuṭi‘il-kāfirīna wal-munāfiqīna wa da‘ ażāhum wa tawakkal ‘alallāh(i), wa kafā billāhi wakīlā(n).

आ (मुहम्मद) ओहि काफिर आ पाखंडी सभक बात नहि मानू, हुनकर गड़बड़ी पर ध्यान नहि दियौ आ अल्लाह पर भरोसा करू। आ रक्षक के रूप में अल्लाह पर्याप्त छथि।


4
Q.S अल-मुमतहानाह (60:4)

قَدْ كَانَتْ لَكُمْ اُسْوَةٌ حَسَنَةٌ فِيْٓ اِبْرٰهِيْمَ وَالَّذِيْنَ مَعَهٗۚ اِذْ قَالُوْا لِقَوْمِهِمْ اِنَّا بُرَءٰۤؤُا مِنْكُمْ وَمِمَّا تَعْبُدُوْنَ مِنْ دُوْنِ اللّٰهِ ۖ كَفَرْنَا بِكُمْ وَبَدَا بَيْنَنَا وَبَيْنَكُمُ الْعَدَاوَةُ وَالْبَغْضَاۤءُ اَبَدًا حَتّٰى تُؤْمِنُوْا بِاللّٰهِ وَحْدَهٗٓ اِلَّا قَوْلَ اِبْرٰهِيْمَ لِاَبِيْهِ لَاَسْتَغْفِرَنَّ لَكَ وَمَآ اَمْلِكُ لَكَ مِنَ اللّٰهِ مِنْ شَيْءٍۗ رَبَّنَا عَلَيْكَ تَوَكَّلْنَا وَاِلَيْكَ اَنَبْنَا وَاِلَيْكَ الْمَصِيْرُ

qad kānat lakum uswatun ḥasanatun fī ibrāhīma wal-lażīna ma‘ah(ū), iż qālū liqaumihim innā bura'ā'u minkum wa mimmā ta‘budūna min dūnillāh(i), kafarnā bikum wa badā bainanā wa bainakumul-‘adāwatu wal-bagḍā'u abadan ḥattā tu'minū billāhi waḥdahū illā qaula ibrāhīma li'abīhi la'astagfiranna laka wa mā amliku laka minallāhi min syai'(in), rabbanā ‘alaika tawakkalnā wa ilaika anabnā wa ilaikal-maṣīr(u).

सचमुच, इब्राहीम आरू हुनका साथ जे लोग छेलै, ओकरा में तोरा लेली एगो अच्छा रोल मॉडल छेलै, जबेॅ वू ओकरोॅ लोग सें कहलकै, "सत्ते, हम्में तोरा सें अलग छियै आरो जेकरा सें तोहें अल्लाह के अलावा पूजै छैं, हम्में तोरऽ (कफिर) के नकारै छियै आरू हम्में आरो तोरा बीच हमेशा लेली दुश्मनी आरो घृणा छै, जबेॅ तलक कि तोहें असगरे अल्लाह पर विश्वास नै करबै," सिवाय इब्राहिम केरऽ अपनऽ पिता सें कहलऽ गेलऽ बात के, "सत्ते, हम्में तोरा लेली माफी माँगबै, लेकिन हम्में।" अहाँ सभक विरुद्ध अल्लाह केर (अत्याचार) केर विरोध करबा मे बिल्कुल असमर्थ छी |" (इब्राहिम कहलनि) "हमर प्रभु, हम सभ असगर अहाँ पर भरोसा करैत छी आ असगर अहाँ पर पश्चाताप करैत छी आ असगरे अहाँ लग घुरि जाइत छी,