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इस्लाम अल-हक: कुरान अर हदीस
(साचो इस्लाम)



विषय - Bangsa-bangsa terdahulu Nabi-nabi Kisah-kisah para rasul Nabi Daud AS Keutamaan nabi Daud as.

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कुल आयत : 13
79
Q.S अल-अनबिया (21:79)

فَفَهَّمْنٰهَا سُلَيْمٰنَۚ وَكُلًّا اٰتَيْنَا حُكْمًا وَّعِلْمًاۖ وَّسَخَّرْنَا مَعَ دَاوٗدَ الْجِبَالَ يُسَبِّحْنَ وَالطَّيْرَۗ وَكُنَّا فٰعِلِيْنَ

fa fahhamnāhā sulaimān(a), wa kullan ātainā ḥukmaw wa ‘ilmā(n), wa sakhkharnā ma‘a dāwūdal-jibāla yusabbiḥna waṭ-ṭair(a), wa kunnā fā‘ilīn(a).

अर म्हे सुलेमान नै (एक और सटीक कानून री) समझ दी; अर हरेक नै आपां ज्ञान अर ज्ञान दियो अर आपां पहाड़ां अर पंछियां नै वश में कर दिया, सगळा दाऊद रै साथै महिमामंडित हुया। अर म्हे ई करां हां।


15
Q.S अन-नामल (27:15)

وَلَقَدْ اٰتَيْنَا دَاوٗدَ وَسُلَيْمٰنَ عِلْمًاۗ وَقَالَا الْحَمْدُ لِلّٰهِ الَّذِيْ فَضَّلَنَا عَلٰى كَثِيْرٍ مِّنْ عِبَادِهِ الْمُؤْمِنِيْنَ

wa laqad ātainā dāwūda wa sulaimāna ‘ilmā(n), wa qālal-ḥamdu lillāhil-lażī faḍḍalanā ‘alā kaṡīrim min ‘ibādihil-mu'minīn(a).

अर साचाणी, म्हे दाऊद अर सुलैमान नै ज्ञान दियो है; अर दोनूं ई बोल्या, "अल्लाह री स्तुति है जिणनै आपरै घणकरा आस्थावान सेवकां माथै म्हारै माथै कृपा करी है।"


10
Q.S साबा (34:10)

۞ وَلَقَدْ اٰتَيْنَا دَاوٗدَ مِنَّا فَضْلًاۗ يٰجِبَالُ اَوِّبِيْ مَعَهٗ وَالطَّيْرَ ۚوَاَلَنَّا لَهُ الْحَدِيْدَۙ

wa laqad ātainā dāwūda minnā faḍlā(n), yā jibālu awwibī ma‘ahū waṭ-ṭair(a), wa alannā lahul-ḥadīd(a).

अर साचाणी, म्हे दाऊद नै आपणी तरफ सूं एक वरदान दियो है। (म्हे कह्यो), "हे पहाड़ अर पंछी! दाऊद रै साथै बार-बार ऊंचो उठो," अर म्हे उणरै वास्तै लोह नै नरम कर दियो है,


17
Q.S दुखी (38:17)

اِصْبِرْ عَلٰى مَا يَقُوْلُوْنَ وَاذْكُرْ عَبْدَنَا دَاوٗدَ ذَا الْاَيْدِۚ اِنَّهٗٓ اَوَّابٌ

iṣbir ‘alā mā yaqūlūna ważkur ‘abdanā dāwūda żal-aid(i), innahū awwāb(un).

बां री बातां माथै धीरज राखो; अर म्हारै सेवक दाऊद नै याद करो जिणरै कनै ताकत है; वाकई वो अल्लाह रो घणो आज्ञाकारी हो।


18
Q.S दुखी (38:18)

اِنَّا سَخَّرْنَا الْجِبَالَ مَعَهٗ يُسَبِّحْنَ بِالْعَشِيِّ وَالْاِشْرَاقِۙ

innā sakhkharnal-jibāla ma‘ahū yusabbiḥna bil-‘asyiyyi wal-isyrāq(i).

साचाणी, आपां ई हां जका पहाड़ां नै शाम अर सवेरै उणरै साथै महिमा करण सारू वश में करां हां।


19
Q.S दुखी (38:19)

وَالطَّيْرَمَحْشُوْرَةً ۗ كُلٌّ لَّهٗٓ اَوَّابٌ

waṭ-ṭaira maḥsyūrah(tan), kullul lahū awwāb(un).

अर (म्हे भी वश में कर लिया) चिड़ियां नै एक संग्रहीत अवस्था में। बां मांय सूं हरेक अल्लाह रो घणो आज्ञाकारी हो।


20
Q.S दुखी (38:20)

وَشَدَدْنَا مُلْكَهٗ وَاٰتَيْنٰهُ الْحِكْمَةَ وَفَصْلَ الْخِطَابِ

wa syadadnā mulkahū wa ātaināhul-ḥikmata wa faṣlal-khiṭāb(i).

अर म्हे उणरै राज्य नै मजबूत करियो अर उणनै मामलां नै तय करण में ज्ञान अर ज्ञान दियो।


21
Q.S दुखी (38:21)

۞ وَهَلْ اَتٰىكَ نَبَؤُا الْخَصْمِۘ اِذْ تَسَوَّرُوا الْمِحْرَابَۙ

wa hal atāka naba'ul-khaṣm(i), iż tasawwarul-miḥrāb(a).

अर कांई थानै मिहराब री भींत माथै चढ़तां ई झगड़ो करणियां री खबरां पूगी है?


22
Q.S दुखी (38:22)

اِذْ دَخَلُوْا عَلٰى دَاوٗدَ فَفَزِعَ مِنْهُمْ قَالُوْا لَا تَخَفْۚ خَصْمٰنِ بَغٰى بَعْضُنَا عَلٰى بَعْضٍ فَاحْكُمْ بَيْنَنَا بِالْحَقِّ وَلَا تُشْطِطْ وَاهْدِنَآ اِلٰى سَوَاۤءِ الصِّرَاطِ

iż dakhalū ‘alā dāwūda fafazi‘a minhum qālū lā takhaf, khaṣmāni bagā ba‘ḍunā ‘alā ba‘ḍin faḥkum bainanā bil-ḥaqqi wa lā tusyṭiṭ wahdinā ilā sawā'iṣ-ṣirāṭ(i).

जद वे दाऊद सूं मिलबा रै वास्तै दाखिल हुया तो वो बां रै (आगमन) रै कारण हैरान रैयग्यो। वे बोल्या, "डरो मत! (आपां) दोनुवां रै बीच आपस में मतभेद है, आपां में सूं केई लोगां दूजा रै साथै अन्याय करियो है; इण वास्तै आपां रै बीच में निष्पक्ष न्याय करो अर साच सूं मत भटकौ अर आपां नै सीधा मारग माथै ले जावो।"


23
Q.S दुखी (38:23)

اِنَّ هٰذَآ اَخِيْ ۗ لَهٗ تِسْعٌ وَّتِسْعُوْنَ نَعْجَةً وَّلِيَ نَعْجَةٌ وَّاحِدَةٌ ۗفَقَالَ اَكْفِلْنِيْهَا وَعَزَّنِيْ فِى الْخِطَابِ

inna hāżā akhī, lahū tis‘uw wa tis‘ūna na‘jataw wa liya na‘jatuw wāḥidah(tun), faqāla aqfilnīhā wa ‘azzanī fil-khiṭāb(i).

असल म्हैं, म्हारै भाई रै कनै उन्नीस मादा बकरियां ही अर म्हारै कनै फगत एक ही, फेर बो बोल्यो, "(आपरी बकरी) नै म्हारै हाथां मांय सौंप दो! अर बो बहस मांय म्हनै हरा दियो।"


24
Q.S दुखी (38:24)

قَالَ لَقَدْ ظَلَمَكَ بِسُؤَالِ نَعْجَتِكَ اِلٰى نِعَاجِهٖۗ وَاِنَّ كَثِيْرًا مِّنَ الْخُلَطَاۤءِ لَيَبْغِيْ بَعْضُهُمْ عَلٰى بَعْضٍ اِلَّا الَّذِيْنَ اٰمَنُوْا وَعَمِلُوا الصّٰلِحٰتِ وَقَلِيْلٌ مَّا هُمْۗ وَظَنَّ دَاوٗدُ اَنَّمَا فَتَنّٰهُ فَاسْتَغْفَرَ رَبَّهٗ وَخَرَّ رَاكِعًا وَّاَنَابَ ۩

qāla laqad ẓalamaka bisu'āli na‘jatika ilā ni‘ājih(ī), wa inna kaṡīram minal-khulaṭā'i layabgī ba‘ḍuhum ‘alā ba‘ḍin illal-lażīna āmanū wa ‘amiluṣ-ṣāliḥāti wa qalīlum mā hum, wa ẓanna dāwūdu annamā fatannāhu fastagfara rabbahū wa kharra rāki‘aw wa anāb(a).

उण (दाऊद) कह्यो, "वास्तव में, उण थारी बकरी नै आपरै बकरी रै साथै जोड़बा री अरज कर थारै साथै गलत काम करियो है। साचाणी, साझेदार लोगां मांय सूं घणकरा लोग दूजा लोगां रै सागै गलत काम करै है, सिवाय उण लोगां रै जिका विश्वास करै है अर भला काम करै है; अर बां मांय सूं घणकरा लोग ई ऐड़ो करै है।" अर दाऊद नै शक होयो कै म्हे उणनै परख रैया हां; सो उण आपरै प्रभु सूं माफी मांगी अर फेर गिरग्यो अर पश्चाताप कर लियो।


25
Q.S दुखी (38:25)

فَغَفَرْنَا لَهٗ ذٰلِكَۗ وَاِنَّ لَهٗ عِنْدَنَا لَزُلْفٰى وَحُسْنَ مَاٰبٍ

fa gafarnā lahū żālik(a), wa inna lahū ‘indanā lazulfā wa ḥusna ma'āb(in).

फेर म्हे (उणरी गलती) नै माफ कर दी। अर साचाणी, उणरै कनै एक असो पद है जको म्हारै सागै घणो नजीक है अर पाछो जावण सारू एक आछी जगै है।


26
Q.S दुखी (38:26)

يٰدَاوٗدُ اِنَّا جَعَلْنٰكَ خَلِيْفَةً فِى الْاَرْضِ فَاحْكُمْ بَيْنَ النَّاسِ بِالْحَقِّ وَلَا تَتَّبِعِ الْهَوٰى فَيُضِلَّكَ عَنْ سَبِيْلِ اللّٰهِ ۗاِنَّ الَّذِيْنَ يَضِلُّوْنَ عَنْ سَبِيْلِ اللّٰهِ لَهُمْ عَذَابٌ شَدِيْدٌ ۢبِمَا نَسُوْا يَوْمَ الْحِسَابِ ࣖ

yā dāwūdu innā ja‘alnāka khalīfatan fil-arḍi faḥkum bainan nāsi bil-ḥaqqi wa lā tattabi‘il-hawā fa yuḍillaka ‘an sabīlillāh(i), innal-lażīna yaḍillūna ‘an sabīlillāhi lahum ‘ażābun syadīdum bimā nasū yaumal-ḥisāb(i).

(अल्लाह बोल्यो), "हे दाऊद! म्हे थानै धरती माथै खलीफा (शासक) बणायो है, इण वास्तै लोगां रै बीच निष्पक्षता सूं न्याय करो अर आपरी इच्छावां रो पालन नीं करो, क्यूंकै इणसूं थै अल्लाह रै मारग सूं भटक जावोला। बेशक, अल्लाह रै मारग सूं भटकण वाळा नै भारी सजा मिलैला, क्यूंकै वे हिसाब रै दिन नै भूल जावैला।"