इस्लाम स्वीकार करें, यहाँ क्लिक करें
इस्लाम अल-हक: कुरआन आ हदीस
(सच्चा इस्लाम)



विषय - Bangsa-bangsa terdahulu Nabi-nabi Kisah-kisah para rasul Nabi Luth AS Keutamaan dan Kemuliaan nabi Luth as

आयत खोज परिणाम :
कुल आयत : 6
86
Q.S अल-अन'अम (6:86)

وَاِسْمٰعِيْلَ وَالْيَسَعَ وَيُوْنُسَ وَلُوْطًاۗ وَكُلًّا فَضَّلْنَا عَلَى الْعٰلَمِيْنَۙ

wa ismā‘īla wal-yasa‘a wa yūnusa wa lūṭā(n), wa kullan faḍḍalnā ‘alal-‘ālamīn(a).

आ इस्माइल, अल्यासा', यूनुस, आ लुत। हम सब प्रत्येक (अपन डिग्री) के दोसर लोक (अपन समय में) स ऊपर उठौने छी,


74
Q.S अल-अनबिया (21:74)

وَلُوْطًا اٰتَيْنٰهُ حُكْمًا وَّعِلْمًا وَّنَجَّيْنٰهُ مِنَ الْقَرْيَةِ الَّتِيْ كَانَتْ تَّعْمَلُ الْخَبٰۤىِٕثَ ۗاِنَّهُمْ كَانُوْا قَوْمَ سَوْءٍ فٰسِقِيْنَۙ

wa lūṭan ātaināhu ḥumkaw wa ‘ilmaw wa najjaināhu minal-qaryatil-latī kānat ta‘malul-khabā'iṡ(a), innahum kānū qauma sau'in fāsiqīn(a).

लूत के, हम बुद्धि आ ज्ञान देलियनि, आ हम हुनका (ओहि सजा के) बचा लेलियनि जे घृणित काज करैत छल। सत्ते, ओ सभ दुष्ट आ दुष्ट लोक छथि।


75
Q.S अल-अनबिया (21:75)

وَاَدْخَلْنٰهُ فِيْ رَحْمَتِنَاۗ اِنَّهٗ مِنَ الصّٰلِحِيْنَ ࣖ

wa adkhalnāhu fī raḥmatinā, innahū minaṣ-ṣāliḥīn(a).

आ हम सभ हुनका अपन दया मे समाहित क' देलियनि; सत्ते, ओ पुण्यात्मा मे सँ एक छथि।


162
Q.S ऐश-शु'आरा (26:162)

اِنِّيْ لَكُمْ رَسُوْلٌ اَمِيْنٌ ۙ

innī lakum rasūlun amīn(un).

सत्ते, हम अहाँ सभक पास एकटा भरोसेमंद प्रेरित (भेजल गेल) छी,


26
Q.S अल-'अंकबुत (29:26)

۞ فَاٰمَنَ لَهٗ لُوْطٌۘ وَقَالَ اِنِّيْ مُهَاجِرٌ اِلٰى رَبِّيْ ۗاِنَّهٗ هُوَ الْعَزِيْزُ الْحَكِيْمُ

fa āmana lahū lūṭ(un), wa qāla innī muhājirun ilā rabbī, innahū huwal-‘azīzul-ḥakīm(u).

त लूत (अब्राहम के भविष्यवक्ता) के पुष्टि केलनि। आ ओ (इब्राहिम) कहलनि, "सत्ते, हमरा अपन प्रभुक आज्ञा देल गेल स्थान पर जेबाक चाही; सचमुच, ओ परम पराक्रमी, परम बुद्धिमान छथि।"


133
Q.S अस-सफ्त (37:133)

وَاِنَّ لُوْطًا لَّمِنَ الْمُرْسَلِيْنَۗ

wa inna lūṭal laminal-mursalīn(a).

आ सचमुच, लूत सचमुच प्रेरित मे सँ एक छलाह।