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इस्लाम अल-हक: कुरआन आ हदीस
(सच्चा इस्लाम)



विषय - Bangsa-bangsa terdahulu Nabi-nabi Kisah-kisah para rasul Nabi Hud AS Bangsa 'Aad membangun negeri mereka

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कुल आयत : 8
69
Q.S अल-अ'रफ (7:69)

اَوَعَجِبْتُمْ اَنْ جَاۤءَكُمْ ذِكْرٌ مِّنْ رَّبِّكُمْ عَلٰى رَجُلٍ مِّنْكُمْ لِيُنْذِرَكُمْۗ وَاذْكُرُوْٓا اِذْ جَعَلَكُمْ خُلَفَاۤءَ مِنْۢ بَعْدِ قَوْمِ نُوْحٍ وَّزَادَكُمْ فِى الْخَلْقِ بَصْۣطَةً ۚفَاذْكُرُوْٓا اٰلَاۤءَ اللّٰهِ لَعَلَّكُمْ تُفْلِحُوْنَ

awa‘ajibtum an jā'akum żikrum mir rabbikum ‘alā rajulim minkum liyunżirakum, ważkurū iż ja‘alakum khulafā'a mim ba‘di qaumi nūḥiw wa zādakum fil-khalqi basṭah(tan), fażkurū ālā'allāhi la‘allakum tufliḥūn(a).

आ की अहाँ सभ आश्चर्यचकित छी जे अहाँ सभक बीच सँ एकटा आदमीक माध्यमे अहाँ सभक प्रभुक दिस सँ एकटा स्मरण आबि गेल अछि, जे अहाँ सभ केँ चेताबय? मोन राखू जखन ओ अहाँ सभ केँ नूहक लोकक बाद उत्तराधिकारी बनौलनि, आ ओ अहाँ सभ केँ ताकत आ कद मे बेसी पसिन केलनि। त अल्लाह के एहसान याद राखब ताकि अहाँ सफल भ सकब।


128
Q.S ऐश-शु'आरा (26:128)

اَتَبْنُوْنَ بِكُلِّ رِيْعٍ اٰيَةً تَعْبَثُوْنَ ۙ

atabnūna bikulli rī‘in āyatan ta‘baṡūn(a).

की अहाँ हर ऊँच जमीन पर बिना कब्जा केने वैभव के लेल महल बनाबैत छी,


129
Q.S ऐश-शु'आरा (26:129)

وَتَتَّخِذُوْنَ مَصَانِعَ لَعَلَّكُمْ تَخْلُدُوْنَۚ

wa tattakhiżūna maṣāni‘a la‘allakum takhludūn(a).

आ अहाँ सभ एहि आशा मे किला बनबैत छी जे अहाँ अनन्त काल धरि जीब?


133
Q.S ऐश-शु'आरा (26:133)

اَمَدَّكُمْ بِاَنْعَامٍ وَّبَنِيْنَۙ

amaddakum bi'an‘āmiw wa banīn(a).

ओ (अल्लाह) अहाँ सभ केँ मवेशी आ बच्चा सभक दान देने छथि,


134
Q.S ऐश-शु'आरा (26:134)

وَجَنّٰتٍ وَّعُيُوْنٍۚ

wa jannātiw wa ‘uyūn(in).

आ गाछी-बिरछी, आ झरना,


15
Q.S फुसिलाट (41:15)

فَاَمَّا عَادٌ فَاسْتَكْبَرُوْا فِى الْاَرْضِ بِغَيْرِ الْحَقِّ وَقَالُوْا مَنْ اَشَدُّ مِنَّا قُوَّةً ۗ اَوَلَمْ يَرَوْا اَنَّ اللّٰهَ الَّذِيْ خَلَقَهُمْ هُوَ اَشَدُّ مِنْهُمْ قُوَّةً ۗ وَكَانُوْا بِاٰيٰتِنَا يَجْحَدُوْنَ

fa ammā ‘ādun fastakbarū fil-arḍi bigairil-ḥaqqi wa qālū man asyaddu minnā quwwah(tan), awalam yarau annallāhal-lażī khalaqahum huwa asyaddu minhum quwwah(tan), wa kānū bi'āyātinā yajḥadūn(a).

त रहल बात अद के लोक के त ओ सब बिना (सत्य के) पृथ्वी पर घमंड केलक आ ओ सब कहलक, "हमरा सब स बेसी ताकत के अछि?" की ओ सभ ई नहि देखलक जे वास्तव मे अल्लाह हुनका सभक रचना केने छलाह? की ओ हुनका सभ सँ बल मे पैघ छथि? आ ओ सभ हमरा सभक चिन्ह (महानता) केँ नकारने छथि।


7
Q.S अल-फजर (89:7)

اِرَمَ ذَاتِ الْعِمَادِۖ

irama żātil-‘imād(i).

(अर्थात) इराम (अद लोकक राजधानी) के निवासी जिनका ऊँच भवन छनि,


8
Q.S अल-फजर (89:8)

الَّتِيْ لَمْ يُخْلَقْ مِثْلُهَا فِى الْبِلَادِۖ

allatī lam yukhlaq miṡluhā fil-bilād(i).

जे आन देश मे जेकाँ कहियो (शहर) नहि बनल अछि,