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इस्लाम अल-हक: कुरान अर हदीस
(साचो इस्लाम)



विषय - Haji Keutama'an tanah suci makkah Keamanan di tanah suci Mekah

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कुल आयत : 9
35
Q.S इब्राहिम (14:35)

وَاِذْ قَالَ اِبْرٰهِيْمُ رَبِّ اجْعَلْ هٰذَا الْبَلَدَ اٰمِنًا وَّاجْنُبْنِيْ وَبَنِيَّ اَنْ نَّعْبُدَ الْاَصْنَامَ ۗ

wa iż qāla ibrāhīmu rabbij‘al hāżal-balada āminaw wajnubnī wa baniyya an na‘budal-aṣnām(a).

अर (याद राखजो), जद अब्राहम प्रार्थना करी, "हे भगवान, इण देस (मक्का) नै एक सुरक्षित देस बणाओ अर म्हनै अर म्हारा टाबरां अर पोतां नै मूरतियां री पूजा करण सूं बचाओ।"


25
Q.S अल-हज (22:25)

اِنَّ الَّذِيْنَ كَفَرُوْا وَيَصُدُّوْنَ عَنْ سَبِيْلِ اللّٰهِ وَالْمَسْجِدِ الْحَرَامِ الَّذِيْ جَعَلْنٰهُ لِلنَّاسِ سَوَاۤءً ۨالْعَاكِفُ فِيْهِ وَالْبَادِۗ وَمَنْ يُّرِدْ فِيْهِ بِاِلْحَادٍۢ بِظُلْمٍ نُّذِقْهُ مِنْ عَذَابٍ اَلِيْمٍ ࣖ

innal-lażīna kafarū wa yaṣuddūna ‘an sabīlillāhi wal-masjidil-ḥarāmil-lażī ja‘alnāhu lin-nāsi sawā'anil-‘ākifu fīhi wal-bād(i), wa may yurid fīhi bi'ilḥādim biẓulmin nużiqhu min ‘ażābin alīm(in).

हां, जो लोग काफिर करै है अर जो (मिनखां नै) अल्लाह रै मारग अर पवित्र मस्जिद सूं बाधा डालै है जिणनै म्हे सगळा मिनखां रै वास्तै खोल दियो है, चायै वै बठै रैवै या बारै सूं आबाळा अर कोई भी जिको इण मांय अन्याय सूं बुराई करण री मंशा राखै, म्हे बांनै निश्चित रूप सूं एक दर्दनाक सजा भोगांला।


57
Q.S अल-कसास (28:57)

وَقَالُوْٓا اِنْ نَّتَّبِعِ الْهُدٰى مَعَكَ نُتَخَطَّفْ مِنْ اَرْضِنَاۗ اَوَلَمْ نُمَكِّنْ لَّهُمْ حَرَمًا اٰمِنًا يُّجْبٰٓى اِلَيْهِ ثَمَرٰتُ كُلِّ شَيْءٍ رِّزْقًا مِّنْ لَّدُنَّا وَلٰكِنَّ اَكْثَرَهُمْ لَا يَعْلَمُوْنَ

wa qālū in natabi‘il-hudā ma‘aka nutakhaṭṭaf min arḍinā, awalam numakkil lahum ḥaraman āminay yujbā ilaihi ṡamarātu kulli syai'ir rizqam mil ladunnā wa lākinna akṡarahum lā ya‘lamūn(a).

अर बां कैयो, "अगर आपां थारी बातां रो पालन करांला तो आपां नै आपणी देस सूं निकाळ दियो जावैला।" (अल्लाह कह्यो) कांई म्हे हराम (पवित्र भूमि) री सुरक्षित अर सुरक्षित धरती माथै बांरी स्थिति री पुष्टि नीं करी है, जठै वे म्हारी तरफ सूं (थारै वास्तै) रोजी-रोटी रै रूप मांय हर तरै रा (पौधा) रा फल लावै है? पण बां मांय सूं घणकरा नै ठा कोनी।


67
Q.S अल-'अंकाबुत (29:67)

اَوَلَمْ يَرَوْا اَنَّا جَعَلْنَا حَرَمًا اٰمِنًا وَّيُتَخَطَّفُ النَّاسُ مِنْ حَوْلِهِمْۗ اَفَبِالْبَاطِلِ يُؤْمِنُوْنَ وَبِنِعْمَةِ اللّٰهِ يَكْفُرُوْنَ

awalam yarau annā ja‘alnā ḥaraman āminaw wa yutakhaṭṭafun-nāsu min ḥaulihim, afabil-bāṭili yu'minūna wa bini‘matillāhi yakfurūn(a).

कांई बांनै ओ ध्यान कोनी दियो कै आपां (बांरै देस नै) एक पवित्र अर सुरक्षित भूमि बणा दियो है, भलांई उणरै आसै-पासै रा लोग एक-दूजै नै लूट रैया है। क्यूं (सच्चाई रै प्रकट होबा रै बाद) वे झूठ माथै विस्वास करै है अर अल्लाह री आशीर्वादां सूं इनकार करै है?


3
Q.S टिन माथै (95:3)

وَهٰذَا الْبَلَدِ الْاَمِيْنِۙ

wa hāżal-baladil-amīn(i).

अर इण सुरक्षित देश (मक्का) रै वास्तै।


2
Q.S अल-फिल (105:2)

اَلَمْ يَجْعَلْ كَيْدَهُمْ فِيْ تَضْلِيْلٍۙ

alam yaj‘al kaidahum fī taḍlīl(in).

कांई उण वांरी छल नै बेकार नीं कर दी?


3
Q.S अल-फिल (105:3)

وَّاَرْسَلَ عَلَيْهِمْ طَيْرًا اَبَابِيْلَۙ

wa arsala ‘alaihim ṭairan abābīl(a).

अर बो बां माथै चिड़ियां रा झुंड भेज्या।


4
Q.S अल-फिल (105:4)

تَرْمِيْهِمْ بِحِجَارَةٍ مِّنْ سِجِّيْلٍۙ

tarmīhim biḥijāratim min sijjīl(in).

जिका बां माथै जळी माटी रा पत्थर फेंक्या।


5
Q.S अल-फिल (105:5)

فَجَعَلَهُمْ كَعَصْفٍ مَّأْكُوْلٍ ࣖ

fa ja‘alahum ka‘aṣfim ma'kūl(in).

इण वास्तै उण बांनै खाबा रै वास्तै पत्तियां री तरै बणा दियो (कैटरपिलर)।