وَاِلٰهُكُمْ اِلٰهٌ وَّاحِدٌۚ لَآاِلٰهَ اِلَّا هُوَ الرَّحْمٰنُ الرَّحِيْمُ ࣖ
wa ilāhukum ilāhuw wāḥid(un), lā ilāha illā huwar-raḥmānur-raḥīm(u).
आ अहाँक भगवान सर्वशक्तिमान भगवान छथि, हुनका छोड़ि कोनो देवता नहि छथि, परम कृपालु, परम दयालु |
يٰصَاحِبَيِ السِّجْنِ ءَاَرْبَابٌ مُّتَفَرِّقُوْنَ خَيْرٌ اَمِ اللّٰهُ الْوَاحِدُ الْقَهَّارُۗ
yā ṣāḥibayis-sijni a'arbābum mutafarriqūna khairun amillāhul-wāḥidul-qahhār(u).
हे दू टा जेल कैदी! कोन नीक, विभिन्न देवता वा सर्वशक्तिमान, सर्वशक्तिमान भगवान?
قُلْ اِنَّمَآ اَنَا۠ مُنْذِرٌ ۖوَّمَا مِنْ اِلٰهٍ اِلَّا اللّٰهُ الْوَاحِدُ الْقَهَّارُ
qul innamā ana munżir(un), wa mā min ilāhin illallāhul-wāḥidul-qahhār(u).
कह (मुहम्मद), "सत्ते हम केवल चेतावनी देबय वाला छी, अल्लाह, सर्वशक्तिमान, पराक्रमी के अलावा कोनो देवता नहि छथि,
يَوْمَ هُمْ بٰرِزُوْنَ ۚ لَا يَخْفٰى عَلَى اللّٰهِ مِنْهُمْ شَيْءٌ ۗلِمَنِ الْمُلْكُ الْيَوْمَ ۗ لِلّٰهِ الْوَاحِدِ الْقَهَّارِ
yauma hum bārizūn(a), lā yakhfā ‘alallāhi minhum syai'(un), limanil-mulkul-yaum(a), lillāhil-wāḥidil-qahhār(i).
(अर्थात) जाहि दिन (जखन) ओ सभ (कबर सँ) बाहर आयल छलाह; हुनका लोकनिक हालत मे कोनो बात अल्लाह सँ नुकायल नहि अछि | (तखन अल्लाह कहलनि) "आइ राज्य केकर अछि?" अल्लाह, सर्वशक्तिमान, परम विजयी के अछि।
قُلْ هُوَ اللّٰهُ اَحَدٌۚ
qul huwallāhu aḥad(un).
(मुहम्मद) कहू, “ओ अल्लाह, सर्वशक्तिमान छथि।
وَلَمْ يَكُنْ لَّهٗ كُفُوًا اَحَدٌ ࣖ
wa lam yakul lahū kufuwan aḥad(un).
आ हुनकर बराबर किछु नहि अछि।”