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इस्लाम अल-हक: कुरआन आ हदीस
(सच्चा इस्लाम)



विषय - Bangsa-bangsa terdahulu Nabi-nabi Kisah-kisah para rasul Nabi Isa AS Keutamaan Maryam binti Imran

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कुल आयत : 7
37
Q.S अली इमरान (3:37)

فَتَقَبَّلَهَا رَبُّهَا بِقَبُوْلٍ حَسَنٍ وَّاَنْۢبَتَهَا نَبَاتًا حَسَنًاۖ وَّكَفَّلَهَا زَكَرِيَّا ۗ كُلَّمَا دَخَلَ عَلَيْهَا زَكَرِيَّا الْمِحْرَابَۙ وَجَدَ عِنْدَهَا رِزْقًا ۚ قَالَ يٰمَرْيَمُ اَنّٰى لَكِ هٰذَا ۗ قَالَتْ هُوَ مِنْ عِنْدِ اللّٰهِ ۗ اِنَّ اللّٰهَ يَرْزُقُ مَنْ يَّشَاۤءُ بِغَيْرِ حِسَابٍ

fataqabbalahā rabbuhā biqabūlin ḥasaniw wa ambatahā nabātan ḥasanā(n), wa kaffalahā zakariyyā, kullamā dakhala ‘alaihā zakariyyal-miḥrāba wajada ‘indahā rizqā(n), qāla yā maryama annā laki hāżā, qālat huwa min ‘indillāh(i), innallāha yarzuqu may yasyā'u bigairi ḥisāb(in).

अतः ओ (अल्लाह) हुनका नीक स्वीकृति के संग स्वीकार केलनि, नीक वृद्धि के संग हुनकर पालन-पोषण केलनि आ हुनकर देखभाल जकरयाह के सौंप देलनि | जकरिया जखन-जखन मिहराब (पूजाक लेल विशेष कोठली) मे हुनका देखय अबैत छलाह, हुनका बगल मे भोजन भेटैत छलनि | ओ बजलाह, "हे मरियम! ई बात कत' सँ भेटल?" ओ (मरियम) उत्तर देलनि, “ई अल्लाह सँ अछि।” सचमुच अल्लाह जेकरा चाहै छै ओकरा बिना कोनो गणना के रोजी-रोटी दै छै।


42
Q.S अली इमरान (3:42)

وَاِذْ قَالَتِ الْمَلٰۤىِٕكَةُ يٰمَرْيَمُ اِنَّ اللّٰهَ اصْطَفٰىكِ وَطَهَّرَكِ وَاصْطَفٰىكِ عَلٰى نِسَاۤءِ الْعٰلَمِيْنَ

wa iż qālatil-malā'ikatu yā maryama innallāhaṣṭafāki wa ṭahharaki waṣṭafāki ‘alā nisā'il-‘ālamīn(a).

आ (याद करू) जखन फरिश्ता सभ कहलनि, "हे मरियम! सचमुच अल्लाह अहाँ केँ चुनने छथि, अहाँ केँ शुद्ध केने छथि, आ अहाँ केँ सब संसार मे (ओहि समय मे) सब महिला सँ बेसी प्राथमिकता देने छथि।


43
Q.S अली इमरान (3:43)

يٰمَرْيَمُ اقْنُتِيْ لِرَبِّكِ وَاسْجُدِيْ وَارْكَعِيْ مَعَ الرّٰكِعِيْنَ

yā maryamuqnutī lirabbiki wasjudī warka‘ī ma‘ar-rāki‘īn(a).

हे मरियम ! अपन प्रभुक आज्ञा मानू, प्रणाम करयवला सभक संग सजदा करू आ प्रणाम करू।"


45
Q.S अली इमरान (3:45)

اِذْ قَالَتِ الْمَلٰۤىِٕكَةُ يٰمَرْيَمُ اِنَّ اللّٰهَ يُبَشِّرُكِ بِكَلِمَةٍ مِّنْهُۖ اسْمُهُ الْمَسِيْحُ عِيْسَى ابْنُ مَرْيَمَ وَجِيْهًا فِى الدُّنْيَا وَالْاٰخِرَةِ وَمِنَ الْمُقَرَّبِيْنَۙ

iż qālatil-malā'ikatu yā maryama innallāha yubasysyiruki bikalimatim minhusmuhul-masīḥu ‘īsabnu maryama wajīhan fid-dun-yā wal-ākhirati wa minal-muqarrabīn(a).

(याद राखू) जखन स्वर्गदूत कहलनि, “हे मरियम!अल्लाह अहाँ केँ हुनका दिस सँ एकटा वचनक नीक खबरि दैत छथि, जिनकर नाम मसीह, मरियमक पुत्र ईसा, एहि दुनिया आ परलोक मे प्रतिष्ठित होयत, आ (अल्लाह’क नजदीक आनल गेल लोक मे सँ एक)।


75
Q.S अल-मैदाह (5:75)

مَا الْمَسِيْحُ ابْنُ مَرْيَمَ اِلَّا رَسُوْلٌۚ قَدْ خَلَتْ مِنْ قَبْلِهِ الرُّسُلُۗ وَاُمُّهٗ صِدِّيْقَةٌ ۗ كَانَا يَأْكُلَانِ الطَّعَامَ ۗ اُنْظُرْ كَيْفَ نُبَيِّنُ لَهُمُ الْاٰيٰتِ ثُمَّ انْظُرْ اَنّٰى يُؤْفَكُوْنَ

mal-masīḥubnu maryama illā rasūl(un), qad khalat min qablihir rusul(u), wa ummuhū ṣiddīqah(tun), kānā ya'kulāniṭ-ṭa‘ām(a), unẓur kaifa nubayyinu lahumul-āyāti ṡummanẓur annā yu'fakūn(a).

मरियम के बेटा मसीह खाली एगो प्रेरित छेलै। एहि सँ पहिने कतेको प्रेरित गुजरल छलाह। आ ओकर माय एहन व्यक्ति छलीह जे सत्यक पालन करैत छलीह । दुनू गोटे प्रायः भोजन करैत छथि । अवलोकन करू जे हम हुनका (पुस्तक के लोक) के कोना श्लोक (शक्ति के चिन्ह) के व्याख्या करैत छी, फेर अवलोकन करू जे कोना ओ (हुनकर इच्छा स) घुमा देल जाइत छथि |


50
Q.S अल-मु'मिनुन (23:50)

وَجَعَلْنَا ابْنَ مَرْيَمَ وَاُمَّهٗٓ اٰيَةً وَّاٰوَيْنٰهُمَآ اِلٰى رَبْوَةٍ ذَاتِ قَرَارٍ وَّمَعِيْنٍ ࣖ

wa ja‘alnabna maryama wa ummahū āyataw wa āwaināhumā ilā rabwatin żāti qarāriw wa ma‘īn(in).

आ हम (ईसा) मरियम आ ओकर मायक बेटा केँ (अपन महानताक स्पष्ट प्रमाण) बनेलहुँ, आ एकटा ऊँच भूमि मे, (एकटा एहन स्थान जे शांत, छायादार आ फल सँ भरल) बहैत झरना सँ ओकर रक्षा केलहुँ।


12
Q.S अत-तहरीम (66:12)

وَمَرْيَمَ ابْنَتَ عِمْرٰنَ الَّتِيْٓ اَحْصَنَتْ فَرْجَهَا فَنَفَخْنَا فِيْهِ مِنْ رُّوْحِنَا وَصَدَّقَتْ بِكَلِمٰتِ رَبِّهَا وَكُتُبِهٖ وَكَانَتْ مِنَ الْقٰنِتِيْنَ ࣖ ۔

wa maryamabnata ‘imrānal-latī aḥṣanat farjahā fa nafakhnā fīhi mir rūḥinā wa ṣaddaqat bikalimāti rabbihā wa kutubihī wa kānat minal-qānitīn(a).

आ इमरान के बेटी मरियम, जे अपन इज्जत के कायम रखने छलीह, तखन हम हुनकर कोख में अपन (सृष्टि) आत्मा के किछु साँस देलियनि; आ ओ अपन प्रभुक वचन आ अपन पुस्तक सभक पुष्टि कयलनि। आ ओ आज्ञाकारी लोक मे सँ एक छलाह।