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इस्लाम अल-हक: कुरआन आ हदीस
(सच्चा इस्लाम)



विषय - Bangsa-bangsa terdahulu Nabi-nabi Kisah-kisah para rasul Nabi Nuh AS Terkabulnya doa Nabi Nuh as

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कुल आयत : 6
76
Q.S अल-अनबिया (21:76)

وَنُوْحًا اِذْ نَادٰى مِنْ قَبْلُ فَاسْتَجَبْنَا لَهٗ فَنَجَّيْنٰهُ وَاَهْلَهٗ مِنَ الْكَرْبِ الْعَظِيْمِ ۚ

wa nūḥan iż nādā min qablu fastajabnā lahū fa najjaināhu wa ahlahū minal-karbil-‘aẓīm(i).

आ (कथा मोन राखू) नूह, ताहि सँ पहिने, जखन ओ प्रार्थना केने छलाह। हम हुनकर (प्रार्थना) स्वीकार केलौं, तखन हम हुनका आ हुनकर अनुयायी के एकटा पैघ आपदा स बचा लेलौं।


77
Q.S अल-अनबिया (21:77)

وَنَصَرْنٰهُ مِنَ الْقَوْمِ الَّذِيْنَ كَذَّبُوْا بِاٰيٰتِنَاۗ اِنَّهُمْ كَانُوْا قَوْمَ سَوْءٍ فَاَغْرَقْنٰهُمْ اَجْمَعِيْنَ

wa naṣarnāhu minal-qaumil-lażīna każżabū bi'āyātinā, innahum kānū qauma sau'in fa agraqnāhum ajma‘īn(a).

आ हम हुनकर मदद केलियैन जे हमर निशानी के झूठ बाजल छल। सचमुच, ओ सभ दुष्ट लोक छल, तेँ हम सभ ओकरा सभ केँ डूबा देलियैक।


119
Q.S ऐश-शु'आरा (26:119)

فَاَنْجَيْنٰهُ وَمَنْ مَّعَهٗ فِى الْفُلْكِ الْمَشْحُوْنِ

fa anjaināhu wa mam ma‘ahū fil-fulkil-masyḥūn(i).

तखन हम सभ नूह आओर हुनका संग जे लोक सभ भारी बोझ सँ भरल जहाज मे छल, ओकरा बचा लेलहुँ।


75
Q.S अस-सफ्त (37:75)

وَلَقَدْ نَادٰىنَا نُوْحٌ فَلَنِعْمَ الْمُجِيْبُوْنَۖ

wa laqad nādānā nūḥun falani‘mal-mujībūn(a).

आरू सचमुच, नूह हमरा सिनी स॑ प्रार्थना करलकै, त॑ सचमुच, हम्में सबसे अच्छा छियै जे प्रार्थना के अनुमति दै छै ।


11
Q.S अल-कमर (54:11)

فَفَتَحْنَآ اَبْوَابَ السَّمَاۤءِ بِمَاۤءٍ مُّنْهَمِرٍۖ

fa fataḥnā abwābas-samā'i bimā'im munhamir(in).

तखन हम सभ पानि (नीचा पठा क') स्वर्गक दरबज्जा खोललहुँ जे बहैत छल,


12
Q.S अल-कमर (54:12)

وَّفَجَّرْنَا الْاَرْضَ عُيُوْنًا فَالْتَقَى الْمَاۤءُ عَلٰٓى اَمْرٍ قَدْ قُدِرَ ۚ

wa fajjarnal-arḍa ‘uyūnan faltaqal-mā'u ‘alā amrin qad qudir(a).

आ हम धरती के पानिक झरना के झरना छोड़ि देलहुं, जाहि सं (पानि) मिल गेल जे (ओ सब उमड़ि गेल, जाहि सं) एकटा एहन स्थिति (आपदा) भ गेल जे निर्धारित भ गेल छल.