इस्लाम स्वीकार करें, यहाँ क्लिक करें
इस्लाम अल-हक: कुरआन आ हदीस
(सच्चा इस्लाम)



विषय - Al-Qur'an Adab membaca Al-Qur’an Membaca Al-Qur'an di malam hari
आयत खोज परिणाम :
कुल आयत : 2
113
Q.S अली इमरान (3:113)

۞ لَيْسُوْا سَوَاۤءً ۗ مِنْ اَهْلِ الْكِتٰبِ اُمَّةٌ قَاۤىِٕمَةٌ يَّتْلُوْنَ اٰيٰتِ اللّٰهِ اٰنَاۤءَ الَّيْلِ وَهُمْ يَسْجُدُوْنَ

laisū sawā'ā(n), min ahlil-kitābi ummatun qā'imatuy yatlūna āyātillāhi ānā'al-laili wa hum yasjudūn(a).

ओ सभ (पूर्णतः) एके रंग नहि अछि। किताब के लोग में एक ईमानदार समूह छै, रात में अल्लाह के आयत पढ़ै छै, आरू सजदा (नमाज भी) करै छै।


49
Q.S एट-टूर (52:49)

وَمِنَ الَّيْلِ فَسَبِّحْهُ وَاِدْبَارَ النُّجُوْمِ ࣖ

wa minal-laili fa sabbiḥhu wa idbāran-nujūm(i).

आ राति के किछु भाग हुनकर महिमा करू आ (संगहि) तारा के अस्त होबय पर (भोर मे)।