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इस्लाम अल-हक: कुरान ते हदीस
(सच्चा इस्लाम)



विषय - Akhlak Akhlak Mulia Berbuat baik Silaturahmi Sedekah kepada keluarga

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कुल आयत : 2
215
Q.S अल बकराह ने दी (2:215)

يَسْـَٔلُوْنَكَ مَاذَا يُنْفِقُوْنَ ۗ قُلْ مَآ اَنْفَقْتُمْ مِّنْ خَيْرٍ فَلِلْوَالِدَيْنِ وَالْاَقْرَبِيْنَ وَالْيَتٰمٰى وَالْمَسٰكِيْنِ وَابْنِ السَّبِيْلِ ۗ وَمَا تَفْعَلُوْا مِنْ خَيْرٍ فَاِنَّ اللّٰهَ بِهٖ عَلِيْمٌ

yas'alūnaka māżā yunfiqūn(a), qul mā anfaqtum min khairin falil-wālidaini wal-aqrabīna wal-yatāmā wal-masākīni wabnis-sabīl(i), wa mā taf‘alū min khairin fa innallāha bihī ‘alīm(un).

उह तुहाडे (मुहम्मद) तों पुच्छदे ने कि उहनां नू की खर्चा करना चाहिदा है। कहो, "तुभ जो बी दौलत देते शो, लश ऩाऩा-भाता, ऩरयवाय, अनाथ, गरीब औय सफर ऩय ऩयदे शी रोगों के लरए शी शोना चादहमे।" और जो भी भलाई करदे हो, निश्चय ही अल्लाह ही सर्वज्ञ है।


25
Q.S कफ (50:25)

مَنَّاعٍ لِّلْخَيْرِ مُعْتَدٍ مُّرِيْبٍۙ

mannā‘il lil-khairi mu‘tadim murīb(in).

जो भलाई करन विच बहुत परहेज करदा है, सीमा तों परे जा के संकोच करदा है,