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इस्लाम अल-हक: कुरान अर हदीस
(साचो इस्लाम)



विषय - Wanita, Darah dan Nikah Para wanita yang kafir di jaman dahulu Istri Nabi Luth AS

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कुल आयत : 8
83
Q.S अल-अरफ (7:83)

فَاَنْجَيْنٰهُ وَاَهْلَهٗٓ اِلَّا امْرَاَتَهٗ كَانَتْ مِنَ الْغٰبِرِيْنَ

fa anjaināhu wa ahlahū illamra'atahū kānat minal-gābirīn(a).

फेर म्हे उणनै अर उणरै अनुयायियां नै बचायो, सिवाय उणरी घरआळी नै। वा (उणरी घरआळी) बां लोगां मांय सूं एक ही जिका पाछै रैयगी।


84
Q.S अल-अरफ (7:84)

وَاَمْطَرْنَا عَلَيْهِمْ مَّطَرًاۗ فَانْظُرْ كَيْفَ كَانَ عَاقِبَةُ الْمُجْرِمِيْنَ ࣖ

wa amṭarnā ‘alaihim maṭarā(n), fanẓur kaifa kāna ‘āqibatul-mujrimīn(a).

अर म्हे बांनै बरसात (पत्थर) सूं बरसाया। तो ध्यान राखजो कै पाप करण आळा मिनख रै साथै कांई हुवै है।


60
Q.S अल-हिजर (15:60)

اِلَّا امْرَاَتَهٗ قَدَّرْنَآ اِنَّهَا لَمِنَ الْغٰبِرِيْنَ ࣖ

illamra'atahū qaddarnā innahā laminal-gābirīn(a).

उणरी घरआळी नै छोड़’र, म्हे तय कर लियो है कै वा लारै रैयग्या लोगां मांय सूं है (दूजा काफिरां रै साथै)।”


171
Q.S ऐश-शुआरा (26:171)

اِلَّا عَجُوْزًا فِى الْغٰبِرِيْنَ ۚ

illā ‘ajūzan fil-gābirīn(a).

सिवाय एक बूढ़ी लुगाई (उणरी घरआळी) रै, जिणनै बच्योड़ा समूह मांय सामिल करियो गयो हो।


172
Q.S ऐश-शुआरा (26:172)

ثُمَّ دَمَّرْنَا الْاٰخَرِيْنَ ۚ

Ṡumma dammarnal-ākharīn(a).

फेर म्हे दूजा नै तबाह कर दिया।


32
Q.S अल-'अंकाबुत (29:32)

قَالَ اِنَّ فِيْهَا لُوْطًا ۗقَالُوْا نَحْنُ اَعْلَمُ بِمَنْ فِيْهَا ۖ لَنُنَجِّيَنَّهٗ وَاَهْلَهٗٓ اِلَّا امْرَاَتَهٗ كَانَتْ مِنَ الْغٰبِرِيْنَ

qāla inna fīhā lūṭā(n), qālū naḥnu a‘lamu biman fīhā, lanunajjiyannahū wa ahlahū illamra'atahū kānat minal-gābirīn(a).

इब्राहिम बोल्यो, "वास्तव में, उण शहर में लूत है।" वे (देवदूत) कह्यो, "म्हे आच्छी तरियां जाणां हां कै उण शहर मांय कुण है। म्हे उणनै अर उणरै अनुयायियां नै उणरी घरआळी नै छोड़'र निश्चित रूप सूं बचास्यां। वा बां लोगां मांय सूं है जका पाछै रैयग्या है (नष्ट हुयग्या है)।"


33
Q.S अल-'अंकाबुत (29:33)

وَلَمَّآ اَنْ جَاۤءَتْ رُسُلُنَا لُوْطًا سِيْۤءَ بِهِمْ وَضَاقَ بِهِمْ ذَرْعًا وَّقَالُوْا لَا تَخَفْ وَلَا تَحْزَنْ ۗاِنَّا مُنَجُّوْكَ وَاَهْلَكَ اِلَّا امْرَاَتَكَ كَانَتْ مِنَ الْغٰبِرِيْنَ

wa lammā an jā'at rusulunā lūṭan sī'a bihim wa ḍāqa bihim żar‘aw wa qālū lā takhaf wa lā taḥzan, innā munajjūka wa ahlaka illamra'ataka kānat minal-gābirīn(a).

अर जद म्हारा दूत (देवदूत) लूत रै कनै आया, तो उणनै वांरै आवा रै कारण दुख हुयो, अर (महसूस हुयो) कै उणरै कनै बांरी रक्षा करण री कोई ताकत कोनी ही, अर वै (दूत) कैयो, "डरो मत अर दुखी मत हो। साची में, म्हे थानै अर थारै अनुयायियां नै बचावांला, सिवाय थारी घरआळी रै, वा उण लोगां मांय सूं है जिका दुखी है।"


10
Q.S एट-तहरीम (66:10)

ضَرَبَ اللّٰهُ مَثَلًا لِّلَّذِيْنَ كَفَرُوا امْرَاَتَ نُوْحٍ وَّامْرَاَتَ لُوْطٍۗ كَانَتَا تَحْتَ عَبْدَيْنِ مِنْ عِبَادِنَا صَالِحَيْنِ فَخَانَتٰهُمَا فَلَمْ يُغْنِيَا عَنْهُمَا مِنَ اللّٰهِ شَيْـًٔا وَّقِيْلَ ادْخُلَا النَّارَ مَعَ الدّٰخِلِيْنَ

Ḍaraballāhu maṡalal lil-lażīna kafarumra'ata nūḥiw wamra'ata lūṭ(in), kānatā taḥta ‘abdaini min ‘ibādinā ṣāliḥaini fa khānatāhumā falam yugniyā ‘anhumā minallāhi syai'aw wa qīladkhulan-nāra ma‘ad-dākhilīn(a).

अल्लाह काफिरां रै वास्तै एक दृष्टांत बणाई, नूह री घरआळी अर लूत री घरआळी। दोनूं ई म्हारै सेवकां मांय सूं दो पुण्यवान सेवकां री देखरेख मांय है; फेर दोई लुगायां आपरै दो पतियां नै धोखो दियो, पण बां रा दो पति अल्लाह री यातना सूं बां री जरा भी मदद नीं कर सक्या; अर ओ कैयो गयो हो (दोनां लुगायां नै), "थै दोनूं नरक मांय जावो अर बां लोगां रै सागै नरक मांय जावो जिका (नरक) मांय जावै है।"