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इस्लाम अल-हक़: क़ुरआन और हदीस
(सच्चा इस्लाम)



विषय - आस्था के 6 स्तंभ अल्लाह (आस्था का स्तंभ क्रमांक 1) भगवान के नाम और गुण अल Mu'min

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कुल श्लोक : 4
82
Q.S अल-अनआम (6:82)

اَلَّذِيْنَ اٰمَنُوْا وَلَمْ يَلْبِسُوْٓا اِيْمَانَهُمْ بِظُلْمٍ اُولٰۤىِٕكَ لَهُمُ الْاَمْنُ وَهُمْ مُّهْتَدُوْنَ ࣖ

al-lażīna āmanū wa lam yalbisū īmānahum biẓulmin ulā'ika lahumul-amnu wa hum muhtadūn(a).

जो लोग ईमान लाए और अपने ईमान को शिर्क के साथ नहीं मिलाया, वही लोग हैं जो अमन पाते हैं और वही हिदायत पाने वाले हैं।


51
Q.S एट-तौबाह (9:51)

قُلْ لَّنْ يُّصِيْبَنَآ اِلَّا مَا كَتَبَ اللّٰهُ لَنَاۚ هُوَ مَوْلٰىنَا وَعَلَى اللّٰهِ فَلْيَتَوَكَّلِ الْمُؤْمِنُوْنَ

qul lay yuṣībanā illā mā kataballāhu lanā, huwa maulānā wa ‘alallāhi falyatawakkalil-mu'minūn(a).

कहो (मुहम्मद), 'हम पर वही आएगा जो अल्लाह ने हमारे लिए निर्धारित किया है। वही हमारा संरक्षक है, और केवल अल्लाह पर ही ईमान वालों को भरोसा करना चाहिए।'


23
Q.S अल हश्र (59:23)

هُوَ اللّٰهُ الَّذِيْ لَآ اِلٰهَ اِلَّا هُوَ ۚ اَلْمَلِكُ الْقُدُّوْسُ السَّلٰمُ الْمُؤْمِنُ الْمُهَيْمِنُ الْعَزِيْزُ الْجَبَّارُ الْمُتَكَبِّرُۗ سُبْحٰنَ اللّٰهِ عَمَّا يُشْرِكُوْنَ

huwallāhul-lażī lā ilāha illā huw(a), al-malikul-quddūsus-salāmul-mu'minul-muhaiminul-‘azīzul-jabbārul-mutakabbir(u), subḥānallāhi ‘ammā yusyrikūn(a).

वही अल्लाह है जिसके सिवा कोई माबूद नहीं। बादशाह, बहुत पवित्र, बहुत सलामती देने वाला, अमन देने वाला, निगरानी करने वाला, बहुत शक्तिशाली, बहुत ज़बरदस्त, सारी बड़ाई वाला, अल्लाह उससे पाक है जिसे वे शरीक करते हैं।


4
Q.S कुरैश (106:4)

الَّذِيْٓ اَطْعَمَهُمْ مِّنْ جُوْعٍ ەۙ وَّاٰمَنَهُمْ مِّنْ خَوْفٍ ࣖ

allażī aṭ‘amahum min jū‘(in), wa āmanahum min khauf(in).

जिसने उन्हें भूख मिटाने के लिए भोजन दिया और उन्हें भय से सुरक्षित किया।