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इस्लाम अल-हक़: क़ुरआन और हदीस
(सच्चा इस्लाम)



विषय - आस्था के 6 स्तंभ अल्लाह (आस्था का स्तंभ क्रमांक 1) भगवान के नाम और गुण ख़ुदा की क़ुदरत और अस्माउल हुस्ना सबसे कोमल अल लतीफ़

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103
Q.S अल-अनआम (6:103)

لَا تُدْرِكُهُ الْاَبْصَارُ وَهُوَ يُدْرِكُ الْاَبْصَارَۚ وَهُوَ اللَّطِيْفُ الْخَبِيْرُ

lā tudrikuhul-abṣāru wa huwa yudrikul-abṣār(a), wa huwal-laṭīful-khabīr(u).

वह नज़रों से नहीं देखा जा सकता, जबकि वह हर नज़र को देखता है, और वह महा सूक्ष्मज्ञ, महा जागरूक है।


100
Q.S यूसुफ (12:100)

وَرَفَعَ اَبَوَيْهِ عَلَى الْعَرْشِ وَخَرُّوْا لَهٗ سُجَّدًاۚ وَقَالَ يٰٓاَبَتِ هٰذَا تَأْوِيْلُ رُءْيَايَ مِنْ قَبْلُ ۖقَدْ جَعَلَهَا رَبِّيْ حَقًّاۗ وَقَدْ اَحْسَنَ بِيْٓ اِذْ اَخْرَجَنِيْ مِنَ السِّجْنِ وَجَاۤءَ بِكُمْ مِّنَ الْبَدْوِ مِنْۢ بَعْدِ اَنْ نَّزَغَ الشَّيْطٰنُ بَيْنِيْ وَبَيْنَ اِخْوَتِيْۗ اِنَّ رَبِّيْ لَطِيْفٌ لِّمَا يَشَاۤءُ ۗاِنَّهٗ هُوَ الْعَلِيْمُ الْحَكِيْمُ

wa rafa‘a abawaihi ‘alal-‘arsyi wa kharrū lahū sujjadā(n), wa qāla yā abati hāżā ta'wīlu ru'yāya min qabl(u), qad ja‘alahā rabbī ḥaqqā(n), wa qad aḥsana bī iż akhrajanī minas-sijni wa jā'a bikum minal-badwi mim ba‘di an nazagasy-syaiṭānu bainī wa baina ikhwatī, inna rabbī laṭīful limā yasyā'(u), innahū huwal-‘alīmul-ḥakīm(u).

और उसने अपने माता-पिता को तख़्त पर बिठाया। और वे सब उसके सामने सजदा करने को झुक गए। और उसने (यूसुफ़ ने) कहा, 'ऐ मेरे पिता! यह मेरे उस पुराने सपने की ताबीर है। और निश्चित रूप से मेरे रब ने इसे हक़ीक़त कर दिया। और निश्चित रूप से उसने मेरे साथ अच्छा किया, जब उसने मुझे क़ैद से आज़ाद किया और जब तुम्हें गाँव से लाया, इसके बाद कि शैतान ने मेरे और मेरे भाइयों के बीच (रिश्ते) को ख़राब कर दिया था। निश्चित रूप से मेरा रब जो चाहता है उसके लिए बहुत लतीफ़ है। निश्चित रूप से वह सर्वज्ञ, सर्वज्ञानी है।'


16
Q.S लुक़्मान (31:16)

يٰبُنَيَّ اِنَّهَآ اِنْ تَكُ مِثْقَالَ حَبَّةٍ مِّنْ خَرْدَلٍ فَتَكُنْ فِيْ صَخْرَةٍ اَوْ فِى السَّمٰوٰتِ اَوْ فِى الْاَرْضِ يَأْتِ بِهَا اللّٰهُ ۗاِنَّ اللّٰهَ لَطِيْفٌ خَبِيْرٌ

yā bunayya innahā in taku miṡqāla ḥabbatim min khardalin fatakun fī ṣakhratin au fis-samāwāti au fil-arḍi ya'ti bihallāh(u), innallāha laṭīfun khabīr(un).

(लुक़मान ने कहा), 'ऐ मेरे बेटे! अगर कोई (काम) राई के दाने के बराबर हो, और वह किसी चट्टान में या आकाश में या धरती में हो, तो अल्लाह उसे (बालसन देगा)। बेशक, अल्लाह बहुत बारीकबीन, बहुत ख़बर रखने वाला है।


19
Q.S राख शूरा (42:19)

اَللّٰهُ لَطِيْفٌۢ بِعِبَادِهٖ يَرْزُقُ مَنْ يَّشَاۤءُ ۚوَهُوَ الْقَوِيُّ الْعَزِيْزُ ࣖ

allāhu laṭīfum bi‘ibādihī yarzuqu may yasyā'(u), wa huwal-qawiyyul-‘azīz(u).

अल्लाह अपने बंदों पर बहुत नर्म है; वह जिसे चाहता है रोज़ी देता है और वही बहुत ताक़तवर, बहुत इज़्ज़त वाला है।


14
Q.S अल-मुल्क (67:14)

اَلَا يَعْلَمُ مَنْ خَلَقَۗ وَهُوَ اللَّطِيْفُ الْخَبِيْرُ ࣖ

alā ya‘lamu man khalaq(a), wa huwal-laṭīful-khabīr(u).

क्या वह जो पैदा करता है, वह नहीं जानता? और वह बहुत सूक्ष्म, बहुत जानकार है।