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इस्लाम अल-हक: कुरआन आ हदीस
(सच्चा इस्लाम)



विषय - 6 Rukun Iman Para Nabi dan Rasul (rukun iman no.4) Para sahabiyyah Nabi Shallallahu Alaihi Wasallam. Fatimah binti Al-Khattab

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कुल आयत : 2
54
Q.S अल-मैदाह (5:54)

يٰٓاَيُّهَا الَّذِيْنَ اٰمَنُوْا مَنْ يَّرْتَدَّ مِنْكُمْ عَنْ دِيْنِهٖ فَسَوْفَ يَأْتِى اللّٰهُ بِقَوْمٍ يُّحِبُّهُمْ وَيُحِبُّوْنَهٗٓ ۙاَذِلَّةٍ عَلَى الْمُؤْمِنِيْنَ اَعِزَّةٍ عَلَى الْكٰفِرِيْنَۖ يُجَاهِدُوْنَ فِيْ سَبِيْلِ اللّٰهِ وَلَا يَخَافُوْنَ لَوْمَةَ لَاۤىِٕمٍ ۗذٰلِكَ فَضْلُ اللّٰهِ يُؤْتِيْهِ مَنْ يَّشَاۤءُۗ وَاللّٰهُ وَاسِعٌ عَلِيْمٌ

yā ayyuhal-lażīna āmanū may yartadda minkum ‘an dīnihī fa saufa ya'tillāhu biqaumiy yuḥibbuhum wa yuḥibbūnah(ū), ażillatin ‘alal-mu'minīna a‘izzatin ‘alal-kāfirīn(a), yujāhidūna fī sabīlillāhi wa lā yakhāfūna laumata lā'im(in), żālika faḍlullāhi yu'tīhi may yasyā'(u), wallāhu wāsi‘un ‘alīm(un).

हे विश्वास करनिहार! अहाँ सब में स जे कियो अपन धर्म स धर्मत्याग (छोड़त) तखन अल्लाह एकटा लोक के आनत, ओ ओकरा स प्रेम करत आ ओ सब ओकरा स प्रेम करत, आ विश्वास करय वाला के प्रति कोमल रहत, मुदा काफिर के प्रति कठोर रहत, जे अल्लाह के रास्ता में प्रयासरत छैथ, आ जे आलोचना करय के शौकीन के निंदा स नै डरैत छैथ। अल्लाह केरऽ वू वरदान छै जेकरा वू चाहै छै, ओकरा दै छै । आ अल्लाह सर्वव्यापी (अपन वरदान) छथि, सर्वज्ञ छथि।


30
Q.S फुसिलाट (41:30)

اِنَّ الَّذِيْنَ قَالُوْا رَبُّنَا اللّٰهُ ثُمَّ اسْتَقَامُوْا تَتَنَزَّلُ عَلَيْهِمُ الْمَلٰۤىِٕكَةُ اَلَّا تَخَافُوْا وَلَا تَحْزَنُوْا وَاَبْشِرُوْا بِالْجَنَّةِ الَّتِيْ كُنْتُمْ تُوْعَدُوْنَ

innal-lażīna qālū rabbunallāhu ṡummastaqāmū tatanazzalu ‘alaihimul-malā'ikatu allā takhāfū wa lā taḥzanū wa absyirū bil-jannatil-latī kuntum tū‘adūn(a).

सचमुच, जे कहैत छथि, "हमर प्रभु अल्लाह छथि" तखन ओ अपन रुख मजबूत करैत छथि, तखन फरिश्ता हुनका लग उतरताह (कहैत), "डरब नहि आ दुखी नहि होउ; आ जन्नत (प्राप्ति) मे आनन्दित रहू जे अहाँ सँ वादा कयल गेल अछि।"