فَاِنْ تَوَلَّوْا فَقَدْ اَبْلَغْتُكُمْ مَّآ اُرْسِلْتُ بِهٖٓ اِلَيْكُمْ ۗوَيَسْتَخْلِفُ رَبِّيْ قَوْمًا غَيْرَكُمْۗ وَلَا تَضُرُّوْنَهٗ شَيْـًٔا ۗاِنَّ رَبِّيْ عَلٰى كُلِّ شَيْءٍ حَفِيْظٌ
fa in tawallau faqad ablagtukum mā ursiltu bihī ilaikum, wa yastakhlifu rabbī qauman gairakum, wa lā taḍurrūnahū syai'ā(n), inna rabbī ‘alā kulli syai'in ḥafīẓ(un).
तेँ जँ अहाँ सभ मुँह घुमा लैत छी तँ सत्ते हम अहाँ सभ केँ ई बात पहुँचा देलहुँ जे अहाँ सभक प्रति एकटा प्रेरितक रूप मे हमर कर्तव्य अछि। आ हमर प्रभु अहाँक स्थान पर दोसर लोक राखि देताह, जखन कि अहाँ हुनका लेल कनिको नुकसान नहि पहुँचा सकैत छी । सचमुच हमर प्रभु सब वस्तुक पोषण करयवला छथि |"
وَمَا كَانَ لَهٗ عَلَيْهِمْ مِّنْ سُلْطَانٍ اِلَّا لِنَعْلَمَ مَنْ يُّؤْمِنُ بِالْاٰخِرَةِ مِمَّنْ هُوَ مِنْهَا فِيْ شَكٍّ ۗوَرَبُّكَ عَلٰى كُلِّ شَيْءٍ حَفِيْظٌ ࣖ
wa mā kāna lahū ‘alaihim min sulṭānin illā lina‘lama may yu'minu bil-ākhirati mimman huwa minhā fī syakk(in), wa rabbuka ‘alā kulli syai'in ḥafīẓ(un).
आरू ओकरा सिनी पर (शैतान के) कोय शक्ति नै छै, बल्कि केवल ई लेली कि हम्में परलोक के अस्तित्व में विश्वास करै वाला आरू जेकरा अखनी भी ओकरा (परलोक) के बारे में संदेह छै, ओकरा में भेद करी सकै छियै। आ अहाँक प्रभु सभ वस्तुक सर्वरक्षक छथि।
هُوَ اللّٰهُ الَّذِيْ لَآ اِلٰهَ اِلَّا هُوَ ۚ اَلْمَلِكُ الْقُدُّوْسُ السَّلٰمُ الْمُؤْمِنُ الْمُهَيْمِنُ الْعَزِيْزُ الْجَبَّارُ الْمُتَكَبِّرُۗ سُبْحٰنَ اللّٰهِ عَمَّا يُشْرِكُوْنَ
huwallāhul-lażī lā ilāha illā huw(a), al-malikul-quddūsus-salāmul-mu'minul-muhaiminul-‘azīzul-jabbārul-mutakabbir(u), subḥānallāhi ‘ammā yusyrikūn(a).
ओ अल्लाह छथि आ हुनका छोड़ि कोनो देवता नहि छथि । महाराजा, परम पवित्र, परम समृद्ध, सुरक्षा के रक्षक, सुरक्षा के रक्षक, परम पराक्रमी, सर्वशक्तिमान, जिनका सब महिमा अछि, महिमा अल्लाह के हो जे ओ सब एक दोसरा के संग जे किछु जोड़ैत छथि |