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इस्लाम अल-हक: कुरआन आ हदीस
(सच्चा इस्लाम)



विषय - Akhlak dan Adab Akhlak Akhlak Mulia Sabar

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कुल आयत : 2
134
Q.S अली इमरान (3:134)

الَّذِيْنَ يُنْفِقُوْنَ فِى السَّرَّۤاءِ وَالضَّرَّۤاءِ وَالْكٰظِمِيْنَ الْغَيْظَ وَالْعَافِيْنَ عَنِ النَّاسِۗ وَاللّٰهُ يُحِبُّ الْمُحْسِنِيْنَۚ

al-lażīna yunfiqūna fis-sarrā'i waḍ-ḍarrā'i wal-kāẓimīnal gaiẓa wal-‘āfīna ‘anin-nās(i), wallāhu yuḥibbul-muḥsinīn(a).

(अर्थात) जे दान करैत छथि, सहज आ कष्ट दुनू मे, आ जे अपन क्रोध केँ रोकैत छथि आ लोक केँ क्षमा करैत छथि | आ अल्लाह भलाई करय वाला स प्रेम करैत छथि,


96
Q.S अल-मु'मिनुन (23:96)

اِدْفَعْ بِالَّتِيْ هِيَ اَحْسَنُ السَّيِّئَةَۗ نَحْنُ اَعْلَمُ بِمَا يَصِفُوْنَ

idfa‘ bil-latī hiya aḥsanus-sayyi'ah(ta), naḥnu a‘lamu bimā yaṣifūn(a).

हुनकर खराब काज के नीक (तरफा) स नकारू, हम सब बेसी नीक स जनैत छी जे ओ सब की (अल्लाह) के जिम्मेदार ठहरबैत छथि।