15
Q.S अल-मु'मिनुन (23:15)
ثُمَّ اِنَّكُمْ بَعْدَ ذٰلِكَ لَمَيِّتُوْنَ ۗ
Ṡumma innakum ba‘da żālika lamayyitūn(a).
तखन तकर बाद अहाँ अवश्य मरि जायब।
30
Q.S अज-जुमार (39:30)
اِنَّكَ مَيِّتٌ وَّاِنَّهُمْ مَّيِّتُوْنَ ۖ
innaka mayyituw wa innahum mayyitūn(a).
सचमुच, अहाँ (मुहम्मद) मरि जायब आ ओहो सभ (ओहो) मरि जेताह।
31
Q.S अज-जुमार (39:31)
ثُمَّ اِنَّكُمْ يَوْمَ الْقِيٰمَةِ عِنْدَ رَبِّكُمْ تَخْتَصِمُوْنَ ࣖ ۔
Ṡumma innakum yaumal-qiyāmati ‘inda rabbikum takhtaṣimūn(a).
तखन सत्ते कयामत के दिन अहाँ अपन प्रभु के सामने विवाद करब।