اِتَّخَذُوْٓا اَحْبَارَهُمْ وَرُهْبَانَهُمْ اَرْبَابًا مِّنْ دُوْنِ اللّٰهِ وَالْمَسِيْحَ ابْنَ مَرْيَمَۚ وَمَآ اُمِرُوْٓا اِلَّا لِيَعْبُدُوْٓا اِلٰهًا وَّاحِدًاۚ لَآ اِلٰهَ اِلَّا هُوَۗ سُبْحٰنَهٗ عَمَّا يُشْرِكُوْنَ
ittakhażū aḥbārahum wa ruhbānahum arbābam min dūnillāhi wal-masīḥabna maryam(a), wa mā umirū illā liya‘budū ilāhaw wāḥidā(n), lā ilāha illā huw(a), subḥānahū ‘ammā yusyrikūn(a).
ओ सभ धर्मात्मा लोक (यहूदी), आ ओकर भिक्षु (ईसाई) केँ अल्लाहक अतिरिक्त देवता बना देलक, आ (संगहि) मरियमक पुत्र मसीहा केँ; भले ही ओकरा सिनी क॑ खाली सर्वशक्तिमान भगवान केरऽ आराधना करै लेली कहलऽ जाय छै; हुनका छोड़ि कोनो देवता नहि छथि। एक दोसरा सॅं जे संगति करैत छथि ताहि सॅं हुनक महिमा होनि ।
يَوْمَ تُقَلَّبُ وُجُوْهُهُمْ فِى النَّارِ يَقُوْلُوْنَ يٰلَيْتَنَآ اَطَعْنَا اللّٰهَ وَاَطَعْنَا الرَّسُوْلَا۠
yauma tuqallabu wujūhuhum fin-nāri yaqūlūna yā laitanā aṭa‘nallāha wa aṭa‘nar-rasūlā.
जाहि दिन (जखन) नरक मे हुनकर चेहरा उल्टा भ' जायत, तखन ओ सभ कहताह, "हे, काश, हम सभ अल्लाह केर बात मानितहुँ आ रसूलुल्लाह केर आज्ञा (भी) मानितहुँ।"
وَقَالُوْا رَبَّنَآ اِنَّآ اَطَعْنَا سَادَتَنَا وَكُبَرَاۤءَنَا فَاَضَلُّوْنَا السَّبِيْلَا۠
wa qālū rabbanā innā aṭa‘nā sādatanā wa kubarā'anā fa aḍallūnas-sabīlā.
आ ओ सभ कहलक, “हमर प्रभु, सचमुच हम सभ अपन शासक आ शासक सभक आज्ञा मानलहुँ, तखन ओ सभ हमरा सभ केँ (सही) मार्ग सँ भटकाय देलक।
اَمْ لَهُمْ شُرَكٰۤؤُا شَرَعُوْا لَهُمْ مِّنَ الدِّيْنِ مَا لَمْ يَأْذَنْۢ بِهِ اللّٰهُ ۗوَلَوْلَا كَلِمَةُ الْفَصْلِ لَقُضِيَ بَيْنَهُمْ ۗوَاِنَّ الظّٰلِمِيْنَ لَهُمْ عَذَابٌ اَلِيْمٌ
am lahum syurakā'u syara‘ū lahum minad-dīni mā lam ya'żam bihillāh(u), wa lau lā kalimatul-faṣli laquḍiya bainahum, wa innaẓ-ẓālimīna lahum ‘ażābun alīm(un).
की हुनका सब के अल्लाह के अलावा कोनो दोसर देवता छैथ जे हुनका सब के लेल धार्मिक नियम तय करै छैथ जिनका अल्लाह अनुमति नै दै छैथ? आ जँ (अल्लाह सँ सजा) देरी करय बला कोनो फरमान नहि रहैत त दुनूक बीचक सजा पूरा भ' जाइत। आ सचमुच अन्यायी लोक के बहुत कष्टदायक सजा भेटत।