87
Q.S मरियम (19:87)
لَا يَمْلِكُوْنَ الشَّفَاعَةَ اِلَّا مَنِ اتَّخَذَ عِنْدَ الرَّحْمٰنِ عَهْدًا ۘ
lā yamlikūnasy-syafā‘ata illā manittakhaża ‘indar-raḥmāni ‘ahdā(n).
बांनै शौच (मदद) रो कोई अधिकार कोनी है सिवाय बां रै जिका (अल्लाह) परम दयालु रै साथै वाचा कर चुक्या है।
86
Q.S अज-जुखरूफ (43:86)
وَلَا يَمْلِكُ الَّذِيْنَ يَدْعُوْنَ مِنْ دُوْنِهِ الشَّفَاعَةَ اِلَّا مَنْ شَهِدَ بِالْحَقِّ وَهُمْ يَعْلَمُوْنَ
wa lā yamlikul-lażīna yad‘ūna min dūnihisy-syafā‘ata illā man syahida bil-ḥaqqi wa hum ya‘lamūn(a).
अर जो लोग अल्लाह रै अलावा दूजा लोगां नै पुकारै है, बांनै शौफत (परलोक में मदद) नीं मिलैला; सिवाय बां रै जिका साच नै पिछाणै है अर बां माथै विस्वास करै है।