78
Q.S अल-अ'रफ (7:78)
فَاَخَذَتْهُمُ الرَّجْفَةُ فَاَصْبَحُوْا فِيْ دَارِهِمْ جٰثِمِيْنَ
fa akhażathumur-rajfatu fa aṣbaḥū fī dārihim jāṡimīn(a).
तखन हुनका सभ केँ भूकम्प आबि गेलनि आ ओ सभ अपन-अपन घरक खंडहर मे मरल पड़ल छलाह।
91
Q.S अल-अ'रफ (7:91)
فَاَخَذَتْهُمُ الرَّجْفَةُ فَاَصْبَحُوْا فِيْ دَارِهِمْ جٰثِمِيْنَۙ
fa akhażathumur-rajfatu fa aṣbaḥū fī dārihim jāṡimīn(a).
तखन हुनका सभ केँ भूकम्प आबि गेलनि आ ओ सभ अपन-अपन घरक खंडहर मे मरल पड़ल छलाह।
2
Q.S अज़-ज़लजालाह (99:2)
وَاَخْرَجَتِ الْاَرْضُ اَثْقَالَهَاۙ
wa akhrajatil-arḍu aṡqālahā.
आ पृथ्वी भारी बोझ (जे ओहि मे छल) केँ बाहर फेकि देलक अछि।