۞ اِنَّمَا الصَّدَقٰتُ لِلْفُقَرَاۤءِ وَالْمَسٰكِيْنِ وَالْعٰمِلِيْنَ عَلَيْهَا وَالْمُؤَلَّفَةِ قُلُوْبُهُمْ وَفِى الرِّقَابِ وَالْغٰرِمِيْنَ وَفِيْ سَبِيْلِ اللّٰهِ وَابْنِ السَّبِيْلِۗ فَرِيْضَةً مِّنَ اللّٰهِ ۗوَاللّٰهُ عَلِيْمٌ حَكِيْمٌ
innamaṣ-ṣadaqātu lil-fuqarā'i wal-masākīni wal-‘āmilīna ‘alaihā wal-mu'allafati qulūbuhum wa fir-riqābi wal-gārimīna wa fī sabīlillāhi wabnis-sabīl(i), farīḍatam minallāh(i), wallāhu ‘alīmun ḥakīm(un).
दरअसल, जकात खाली गरीब, जरूरतमंद, जकात वसूली करे वाला लोग खातिर बा, जेकर दिल नरम हो गइल बा (धर्मांतरित हो गइल बा), गुलाम के (मुक्त) करे खातिर, कर्ज में पड़ल लोग खातिर (मुक्त) करे खातिर, अल्लाह के राह खातिर आ यात्रा पर निकलल लोग खातिर, अल्लाह के ओर से फर्ज के रूप में। अल्लाह सर्वज्ञ, सर्वबुद्धिमान हवें।
فَاٰتِ ذَا الْقُرْبٰى حَقَّهٗ وَالْمِسْكِيْنَ وَابْنَ السَّبِيْلِۗ ذٰلِكَ خَيْرٌ لِّلَّذِيْنَ يُرِيْدُوْنَ وَجْهَ اللّٰهِ ۖوَاُولٰۤىِٕكَ هُمُ الْمُفْلِحُوْنَ
fa āti żal-qurbā ḥaqqahū wal-miskīna wabnas-sabīl(i), żālika khairul lil-lażīna yurīdūna wajhallāh(i), wa ulā'ika humul-mufliḥūn(a).
त करीबी रिश्तेदारन के, साथही गरीब आ यात्रा करे वाला लोग के भी आपन अधिकार दीं। अल्लाह के रजा के तलाश करे वाला लोग खातिर इहे बेहतर बा। आ ऊ लोग भाग्यशाली लोग ह.
لِّلسَّاۤىِٕلِ وَالْمَحْرُوْمِۖ
lis-sā'ili wal-maḥrūm(i).
माँगे वाला (गरीब) खातिर आ ना माँगे वाला खातिर,