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इस्लाम अल-हक: कुरआन आ हदीस
(सच्चा इस्लाम)



विषय - Bangsa-bangsa terdahulu Nabi-nabi Kisah-kisah para rasul Nabi Ayub AS Cobaan dan kesabarannya

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कुल आयत : 5
83
Q.S अल-अनबिया (21:83)

۞ وَاَيُّوْبَ اِذْ نَادٰى رَبَّهٗٓ اَنِّيْ مَسَّنِيَ الضُّرُّ وَاَنْتَ اَرْحَمُ الرّٰحِمِيْنَ ۚ

wa ayyūba iż nādā rabbahū annī massaniyaḍ-ḍurru wa anta arḥamur-rāḥimīn(a).

आ (याबक कथा मोन राखू) जखन ओ अपन प्रभु सँ प्रार्थना केलनि, "(हे हमर प्रभु), सचमुच, हमरा बीमारी सँ मारल गेल अछि, भले अहाँ सभ दयालु सभक परम दयालु प्रभु छी।"


84
Q.S अल-अनबिया (21:84)

فَاسْتَجَبْنَا لَهٗ فَكَشَفْنَا مَا بِهٖ مِنْ ضُرٍّ وَّاٰتَيْنٰهُ اَهْلَهٗ وَمِثْلَهُمْ مَّعَهُمْ رَحْمَةً مِّنْ عِنْدِنَا وَذِكْرٰى لِلْعٰبِدِيْنَ ۚ

fastajabnā lahū fa kasyafnā mā bihī min ḍurriw wa ātaināhu ahlahū wa miṡlahum ma‘ahum raḥmatam min ‘indinā wa żikrā lil-‘ābidīn(a).

त हम (हुनकर प्रार्थना) के जवाब देलहुं, तखन हम ओहि बीमारी के दूर क देलहुं जे हुनका पर छल आ हम हुनकर परिवार के हुनका लग वापस क देलहुं, आ (हम हुनकर संख्या के गुणा केलहुं) हमरा सब स दया के रूप में, आ हमरा सब के पूजा करय वाला सब के चेतावनी के रूप में।


41
Q.S दुखद (38:41)

وَاذْكُرْ عَبْدَنَآ اَيُّوْبَۘ اِذْ نَادٰى رَبَّهٗٓ اَنِّيْ مَسَّنِيَ الشَّيْطٰنُ بِنُصْبٍ وَّعَذَابٍۗ

ważkur ‘abdanā ayyūb(a), iż nādā rabbahū annī massaniyasy-syaiṭānu binuṣbiw wa ‘ażāb(in).

आ हमर सेवक अय्यूब के याद करू जखन ओ अपन प्रभु के आवाज देलखिन, "सत्ते, हम शैतान के द्वारा दुख आ विपत्ति स त्रस्त छी।"


42
Q.S दुखद (38:42)

اُرْكُضْ بِرِجْلِكَۚ هٰذَا مُغْتَسَلٌۢ بَارِدٌ وَّشَرَابٌ

urkuḍ birijlik(a), hāżā mugtasalum bāriduw wa syarāb(un).

अल्लाह कहैत छथि), "पैर दबाउ; ई स्नान आ पीबय लेल शीतल पानि अछि।"


44
Q.S दुखद (38:44)

وَخُذْ بِيَدِكَ ضِغْثًا فَاضْرِبْ بِّهٖ وَلَا تَحْنَثْ ۗاِنَّا وَجَدْنٰهُ صَابِرًا ۗنِعْمَ الْعَبْدُ ۗاِنَّهٗٓ اَوَّابٌ

wa khuż biyadika ḍigṡan faḍrib bihī wa lā taḥnaṡ, innā wajadnāhu ṣābirā(n), ni‘mal-‘abd(u), innahū awwāb(un).

आ हाथसँ एकटा गठरी (घासक) लऽ लिअ, तखन ओकरासँ मारि दियौक आ अपन शपथ नहि तोड़ू। सचमुच, हम हुनका (अय्यूब) एकटा धैर्यवान आदमी पाबि गेलहुं। ओ सर्वोत्तम सेवक छथि। सचमुच, ओ (अल्लाह) के बहुत आज्ञाकारी छलाह।