۞ وَاِذِ ابْتَلٰٓى اِبْرٰهٖمَ رَبُّهٗ بِكَلِمٰتٍ فَاَتَمَّهُنَّ ۗ قَالَ اِنِّيْ جَاعِلُكَ لِلنَّاسِ اِمَامًا ۗ قَالَ وَمِنْ ذُرِّيَّتِيْ ۗ قَالَ لَا يَنَالُ عَهْدِى الظّٰلِمِيْنَ
wa iżibtalā ibrāhīma rabbuhū bikalimātin fa atammahunn(a), qāla innī jā‘iluka lin-nāsi imāmā(n), qāla wa min żurriyyatī, qāla lā yanālu ‘ahdiẓ-ẓālimīn(a).
आ (याद राखू), जखन अब्राहम केँ अपन प्रभु द्वारा किछु वाक्य सँ परीक्षा कयल गेलनि, तखन ओ ओकरा सभ केँ एकदम सही तरीका सँ अंजाम देलनि। ओ (अल्लाह) कहलनि, "सत्ते हम अहाँ केँ समस्त मनुक्खक नेता बना देने छी।" ओ (इब्राहिम) कहलनि, "आ (ओहो) हमर बच्चा आ पोता-पोती सँ?" अल्लाह कहैत छथि, "(सत्य, मुदा) हमर वादा गलत काज करय वाला पर लागू नहि होइत अछि."
اِنَّ اِبْرٰهِيْمَ لَحَلِيْمٌ اَوَّاهٌ مُّنِيْبٌ
inna ibrāhīma laḥalīmun awwāhum munīb(un).
इब्राहिम सचमुच दयालु, कोमल आ (अल्लाह के पास) वापस आबय के शौकीन छलाह |
اِنَّ اِبْرٰهِيْمَ كَانَ اُمَّةً قَانِتًا لِّلّٰهِ حَنِيْفًاۗ وَلَمْ يَكُ مِنَ الْمُشْرِكِيْنَۙ
inna ibrāhīma kāna ummatan qānital lillāhi ḥanīfā(n), wa lam yaku minal-musyrikīn(a).
सचमुच इब्राहिम एकटा इमाम (जेकरा उदाहरण के रूप में प्रयोग कयल जा सकैत अछि), अल्लाह आ हनीफ के आज्ञाकारी छलाह | आ ओ मुश्रिक (अल्लाह के साथ साझीदार) में नै छैथ,
شَاكِرًا لِّاَنْعُمِهِ ۖاجْتَبٰىهُ وَهَدٰىهُ اِلٰى صِرَاطٍ مُّسْتَقِيْمٍ
syākiral li'an‘umih(ī), ijtabāhu wa hadāhu ilā ṣirāṭim mustaqīm(in).
ओ अपन आशीर्वादक लेल आभारी छथि। अल्लाह हुनका चुनि कए सोझ बाट पर मार्गदर्शन केलथि अछि।
ثُمَّ اَوْحَيْنَآ اِلَيْكَ اَنِ اتَّبِعْ مِلَّةَ اِبْرٰهِيْمَ حَنِيْفًا ۗوَمَا كَانَ مِنَ الْمُشْرِكِيْنَ
Ṡumma auḥainā ilaika anittabi‘ millata ibrāhīma ḥanīfā(n), wa mā kāna minal-musyrikīn(a).
तखन हम अहाँ (मुहम्मद) पर अवगत केलौं जे "इब्राहीम के सीधा धर्म के पालन करू, आ ओ मुश्रिक में नै छथि।"