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Q.S ऐश-शूरा के बा (42:41)
وَلَمَنِ انْتَصَرَ بَعْدَ ظُلْمِهٖ فَاُولٰۤىِٕكَ مَا عَلَيْهِمْ مِّنْ سَبِيْلٍۗ
wa lamanintaṣara ba‘da ẓulmihī fa ulā'ika mā ‘alaihim min sabīl(in).
लेकिन अन्याय भईला के बाद आपन बचाव करेवाला लोग, ओ लोग के दोषी ठहरावे के कवनो कारण नईखे।