1
Q.S एन-नूर के बा (24:1)
سُوْرَةٌ اَنْزَلْنٰهَا وَفَرَضْنٰهَا وَاَنْزَلْنَا فِيْهَآ اٰيٰتٍۢ بَيِّنٰتٍ لَّعَلَّكُمْ تَذَكَّرُوْنَ
sūratun anzalnāhā wa faraḍnāhā wa anzalnā fīhā āyātim bayyinātil la‘allakum tażakkarūn(a).
(इ) एगो सूरह ह जवना के हमनी के भेजले बानी जा आ हमनी के फर्ज (कानून के पालन) कइले बानी जा, आ हमनी के ओकरा में (अल्लाह के महानता के) साफ निशान भेजले बानी जा, ताकि रउआ लोग याद कर सकीले।