1
Q.S अल-मसाद (111:1)
تَبَّتْ يَدَآ اَبِيْ لَهَبٍ وَّتَبَّۗ
tabbat yadā abī lahabiw wa tabb(a).
अबू लाहब के दू हाथ नष्ट भ जायत आ ओ पूर्ण रूप स नष्ट भ जायत !
2
Q.S अल-मसाद (111:2)
مَآ اَغْنٰى عَنْهُ مَالُهٗ وَمَا كَسَبَۗ
mā agnā ‘anhu māluhū wa mā kasab(a).
ओकर सम्पत्ति आ जे कमा लेलक से ओकरा कोनो काज नहि छैक ।
3
Q.S अल-मसाद (111:3)
سَيَصْلٰى نَارًا ذَاتَ لَهَبٍۙ
sayaṣlā nāran żāta lahab(in).
बाद मे ओ उथल-पुथल आगि (नरक) मे प्रवेश करत।