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इस्लाम अल-हक: कुरआन आ हदीस
(सच्चा इस्लाम)



विषय - Hukum umum atau sipil Perceraian Li’an (Menuduh Istri Berbuat Zina)

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कुल आयत : 4
6
Q.S एन-नूर के बा (24:6)

وَالَّذِيْنَ يَرْمُوْنَ اَزْوَاجَهُمْ وَلَمْ يَكُنْ لَّهُمْ شُهَدَاۤءُ اِلَّآ اَنْفُسُهُمْ فَشَهَادَةُ اَحَدِهِمْ اَرْبَعُ شَهٰدٰتٍۢ بِاللّٰهِ ۙاِنَّهٗ لَمِنَ الصّٰدِقِيْنَ

wal-lażīna yarmūna azwājahum wa lam yakul lahum syuhadā'u illā anfusuhum fa syahādatu aḥadihim arba‘u syahādātim billāh(i), innahū laminaṣ-ṣādiqīn(a).

आ जे लोग अपना मेहरारू पर (व्यभिचार) के आरोप लगावेला, जबकि ओह लोग के लगे अपना सिवाय कवनो गवाह नइखे, तब ओहमें से हर केहू के गवाही चार गुना होला कि ऊ अल्लाह के कसम खाए कि ऊ ओह लोग में से एगो ह जे सच्चाई बोलेला.


7
Q.S एन-नूर के बा (24:7)

وَالْخَامِسَةُ اَنَّ لَعْنَتَ اللّٰهِ عَلَيْهِ اِنْ كَانَ مِنَ الْكٰذِبِيْنَ

wal-khāmisatu anna la‘natallāhi ‘alaihi in kāna minal-kāżibīn(a).

आ पाँचवा (कसम) ई बा कि अगर ऊ झूठा लोग में से होखी त अल्लाह के श्राप ओकरा पर पड़ी.


8
Q.S एन-नूर के बा (24:8)

وَيَدْرَؤُا عَنْهَا الْعَذَابَ اَنْ تَشْهَدَ اَرْبَعَ شَهٰدٰتٍۢ بِاللّٰهِ اِنَّهٗ لَمِنَ الْكٰذِبِيْنَ ۙ

wa yadra'u ‘anhal-‘ażāba an tasyhada arba‘a syahādātim billāhi innahū laminal-kāżibīn(a).

आ मेहरारू सजा से मुक्त हो जाले अगर ऊ चार बेर अल्लाह के कसम खा लेव कि ऊ (उनकर पति) सही में झूठा लोग में से बा,


9
Q.S एन-नूर के बा (24:9)

وَالْخَامِسَةَ اَنَّ غَضَبَ اللّٰهِ عَلَيْهَآ اِنْ كَانَ مِنَ الصّٰدِقِيْنَ

wal-khāmisata anna gaḍaballāhi ‘alaihā in kāna minaṣ-ṣādiqīn(a).

आ पांचवा (कसम) कि अल्लाह के गुस्सा ओकरा (पत्नी) पर पड़ी, अगर ऊ (उनकर पति) सच्चाई बोले वाला लोग में से एगो होखे।