1
Q.S अल-मुज्जम्मील ने दी (73:1)
يٰٓاَيُّهَا الْمُزَّمِّلُۙ
yā ayyuhal-muzzammil(u).
ओ कफन (मुहम्मद) !
2
Q.S अल-मुज्जम्मील ने दी (73:2)
قُمِ الَّيْلَ اِلَّا قَلِيْلًاۙ
qumil-laila illā qalīlā(n).
रात गी (नमाज) उठो, सिवाय थोड़ी-बहुत,
1
Q.S अल-'अलाक ने दी (96:1)
اِقْرَأْ بِاسْمِ رَبِّكَ الَّذِيْ خَلَقَۚ
iqra' bismi rabbikal-lażī khalaq(a).
इसे अपने रब दे नाम दा (उल्लेख करके) पढ़ो, जिस ने सृजित कीता,
2
Q.S अल-'अलाक ने दी (96:2)
خَلَقَ الْاِنْسَانَ مِنْ عَلَقٍۚ
khalaqal-insāna min ‘alaq(in).
उसने इंसान गी खून दे थक्के थमां पैदा कीता।
3
Q.S अल-'अलाक ने दी (96:3)
اِقْرَأْ وَرَبُّكَ الْاَكْرَمُۙ
iqra' wa rabbukal-akram(u).
पढ़ो, ते तेरा रब परम महिमा है,