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Q.S ऐश-शर्ह (94:1)
اَلَمْ نَشْرَحْ لَكَ صَدْرَكَۙ
alam nasyraḥ laka ṣadrak(a).
की हम अहाँक छाती (मुहम्मद) के विस्तार नहि केने छी?
اَلَمْ نَشْرَحْ لَكَ صَدْرَكَۙ
alam nasyraḥ laka ṣadrak(a).
की हम अहाँक छाती (मुहम्मद) के विस्तार नहि केने छी?