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Q.S अली इमरान जी (3:26)
قُلِ اللّٰهُمَّ مٰلِكَ الْمُلْكِ تُؤْتِى الْمُلْكَ مَنْ تَشَاۤءُ وَتَنْزِعُ الْمُلْكَ مِمَّنْ تَشَاۤءُۖ وَتُعِزُّ مَنْ تَشَاۤءُ وَتُذِلُّ مَنْ تَشَاۤءُ ۗ بِيَدِكَ الْخَيْرُ ۗ اِنَّكَ عَلٰى كُلِّ شَيْءٍ قَدِيْرٌ
qulillāhumma mālikal-mulki tu'til-mulka man tasyā'u wa tanzi‘ul-mulka mim man tasyā'(u), wa tu‘izzu man tasyā'u wa tużillu man tasyā'(u), biyadikal-khair(u), innaka ‘alā kulli syai'in qadīr(un).
कहो (मुहम्मद) "हे सत्ता दे स्वामी, तुस जिस गी चाहो उसी सत्ता देई ओड़दे ओ, ते तुस जिसी चांदे ओ उसी सत्ता खोई लैंदे ओ। तुस जिसगी चांदे ओ उसी उच्चा करदे ओ ते जिसगी चाहो उसी अपमानित करदे ओ। तेरे हत्थ च सारी भलाई ऐ। वाकई तुस सारें चीजें उप्पर सर्वशक्तिमान ओ।"